एजेंसी, बेंगलुरु। आईपीएल चैम्पियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने टीम की आईपीएल खिताबी जीत के जश्न के दौरान चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ में मारे गए 11 प्रशंसकों के परिवारों को दस दस लाख रूपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। विराट कोहली और टीम की एक झलक पाने के लिये लाखों की तादाद में प्रशंसक चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर एकत्र हो गए जिससे 11 लोगों की मौत हो गई थी। आरसीबी ने सोशल मीडिया पर बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा ,‘‘ बेंगलुरू में कल हुए हादसे से आरसीबी परिवार दुखी है। आरसीबी ने 11 मृतकों के परिवारों को दस दस लाख रूपये आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है ।इसके अलावा आरसीबी केयर्स कोष भी बनाया जायेगा जिसके जरिये इस हादसे में घायल हुए प्रशंसकों की मदद की जायेगी ।’’ इस हादसे में 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
हाईकोर्ट ने कर्नाटक सरकार को भेजा नोटिस
बेंगलुरु भगदड़ मामले की गुरुवार को कर्नाटक हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कर्नाटक सरकार ने कोर्ट में कहा, ‘भगदड़ के बाद घायलों को तुरंत इलाज मुहैया करवाया। 1380 पुलिसकर्मी तैनात किए गए।’ चीफ जस्टिस वी कामेश्वर राव और जस्टिस सी एम जोशी बेंच ने अटॉर्नी जनरल एक रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई 10 जून को होगी। वहीं, याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट से कहा, ‘राज्य सरकार को यह बताना होगा कि आरसीबी के खिलाड़ियों को सम्मानित करने का निर्णय किसने लिया है। देश के लिए नहीं खेलने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करने की क्या मजबूरी थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम या सुरक्षा उपाय किए गए।’ पहली बार आईपीएल विजेता बनने वाली रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरु का जश्न 4 मई को बड़े हादसे में बदल गया। विजेता खिलाड़ियों के स्वागत में यहां चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर जुटी भीड़ में भगदड़ मचने से 11 लोगों की मौत हो गई। 33 घायल हैं। सभी मरने वाले 35 साल से कम उम्र के थे, 3 टीनएजर हैं।
बेंगलुरु भगदड़ : आरसीबी, इवेंट मैनेजमेंट फर्म और क्रिकेट एसोसिएशन के खिलाफ एफआईआर
बेंगलुरु। चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास मची भगदड़ के सिलसिले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, कार्यक्रम प्रबंधन कंपनी डीएनए एंटरटेनमेंट नेटवर्क्स, कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ और अन्य के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी और 56 घायल हो गए थे। यह जानकारी पुलिस ने बृहस्पतिवार को दी। पुलिस के अनुसार, यह मामला कब्बन पार्क पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 105 (गैर इरादतन हत्या), 115 (जान-बूझकर चोट पहुंचाना), 118 (खतरनाक हथियारों या साधनों का इस्तेमाल करके जान-बूझकर चोट या गंभीर चोट पहुंचाना), 190 (सामान्य उद्देश्य की प्राप्ति में किए गए अपराधों के लिए गैरकानूनी जमावड़े में शामिल लोगों की जिम्मेदारी), 132 (लोक सेवक को अपने कर्तव्य का निर्वहन करने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 125(12) (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्य), 142 (गैरकानूनी जमावड़ा) और 121 (किसी अपराध के लिए उकसाना) के तहत दर्ज किया गया है।


