बिकरू कांड में आया फैसला, 30 आरोपियों में 7 बारी, 23 आरोपियों को 10 वर्ष की सजा

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Bikru Kand Update News: बिकरू कांड में आया फैसला, 30 आरोपियों में 7 बारी, 23 आरोपियों को 10 वर्ष की सजा

कानपुर। बिकरूकांड के गैंगस्टर मामले में मंगलवार को एडीजे पंचम की अदालत ने 23 आरोपियों को दोष सिद्ध करार देते हुए दस-दस साल कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर पचास-पचास हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं साक्ष्य के अभाव में सात आरोपी दोष मुक्त कर दिए गए। कानपुर नगर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 को दबिश देने गई पुलिस टीम पर विकास दुबे ने गैंग के साथ फायरिंग कर दी थी। घटना में सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी। जबकि कई घायल हुए थे। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए विकास दुबे सहित उसके छह साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया था।

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वहीं 44 आरोपियों को जेल भेजा गया था। जिसमें 30 आरोपियों के खिलाफ तत्कालीन चौबेपुर इंस्पेक्टर कृष्ण मोहन राय ने 23 अक्तबर 2020 को थाने में गैंगस्टर की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि 2 जुलाई 2020 को विकास दुबे व उसके साथी गैंग लीडर हीरू दुबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिस कर्मियों की हत्या करने के बाद उनके असलहा लूट लिए थे।

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इस घटना से लोक शांति भंग हो गई थी। आरोपी जघन्य अपराधों को करने के अभ्यस्त अपराधी हैं। इनका समाज में काफी भय व्याप्त है। इनके विरुद्ध कोई जनता का व्यक्ति मुकदमा लिखाने व गवाही देने को तैयार नहीं होता है। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम दुर्गेश की अदालत में चल रही है। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद मंगलवार को फैसला सुना दिया गया। विशेष लोक अभियोजक अमर सिंह भदौरिया ने बताया कि मामले में सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार को जेल से अदालत में पेश किया गया। अदालत ने तीस आरोपियों में से 23 को दोषी पाए जाने पर दस-दस साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर पचास-पचास हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामले में विकास दुबे के करीबी रहे गुड्डन उर्फ अरविंद त्रिवेदी सहित सात आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने दोषमुक्त कर दिया है।

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