भैरूंदा। शनिवार सुबह हुई वर्षा ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीर खींच दी है, अगर इसी तरह बारिश हुई तो गेहूं की पैदावार व चमक पर इसका सीधा असर पड़ेगा। पिछले एक हफ्ते से मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा है। कभी धूप तो कभी आसमान पर बादल मंडरा रहे हैं और कहीं बूंदाबांदी भी हो रही है। इसके कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीर साफ दिखाई दे रही है। इस समय गेहूं व चने की फसल खेतों में पककर तैयार है। कई खेतों में कटाई का काम भी चल रहा है। 20 प्रतिशत गेहूं की कटाई भी हो चुकी है, मौसम में हो रहे लगातार परिवर्तन को देखकर किसान जल्द से जल्द अपनी उपज को काटकर सुरक्षित रखना चाहता है, लेकिन वर्षा उसमें खलल पैदा कर रही है।
फसल हुई आड़ी
शनिवार को सुबह एकाएक वर्षा होने लगी जिसके कारण किसान के चेहरे पर चिंता की लकीर खींच गई। जिन स्थानों पर गेहूं की कटाई हो चुकी है और गेहूं खेत में ही पड़ा है। वर्षा से उसकी चमक फीकी होने का डर है। वहीं जिन खेतों में अभी कटाई होने में 10 से 15 दिन का समय बाकी है उन खेतों में हवा और पानी के कारण फसल आड़ी पड़ गई है जिसका सीधा असर फसल के उत्पादन पर पड़ेगा। अगर और तेज वर्षा हुई तो गेहूं के उत्पादन पर इसका सीधा असर पड़ेगा। शनिवार को दिनभर सूर्य व बादल के बीच लुका छुपी का खेल चलता रहा। मौसम विभाग अगले दो दिनों तक और कहीं वर्षा और कहीं बूंदाबांदी होने के अनुमान बता रहा है। ऐसे में किसान काफी चिंतित नजर आ रहा है।


