प्रवासी भारतीयों से बोले PM मोदी- अमेरिका में ही रिन्यू होंगे H-1B Visa, सिंगर मैरी मिलबेन ने PM के पैर छुए

अंतर्राष्ट्रीय

ह्यूस्टन| अमेरिकी दौरे के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासी भारतीयों को बताया कि अब अमेरिका में ही एच-1बी वीजा रिन्‍यू हो जाएगा। इसके लिए बाहर नहीं जाना होगा। पीएम मोदी रोनाल्‍ड रीगन सेंटर में प्रवासी भारतीयों को संबोधित किए। मोदी ने कहा कि जैसे भोजन के बाद स्वीट डिश मिलती है, वैसे ही आपसे बात करना एक मीठी डिश थी जिसे मैं साथ लेकर जा रहा हूं। रोनाल्‍ड रीगन सेंटर में लोगों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारे लगाए। इंटरनेशनल सिंगर मैरी मिलबेन ने भारत का राष्ट्रगान गाया। इसके बाद मिलबेन ने पीएम मोदी के पैर छुए। अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि मुझे यहां हिंदुस्तान के हर कोने के लोग नजर आ रहे हैं। मानों जैसे मिनी इंडिया उमड़ा है। अमेरिका में एक भारत, श्रेष्ठ भारत की सुंदर तस्वीर दिखाने के लिए आपको बधाई देता हूं। अपने 3 दिनों के अमेरिकी दौरे में मैंने जो बाइडेन के साथ कई मुद्दों पर बात की। मैं अनुभव से कहता हूं कि बाइडेन एक सुलझे हुए अनुभवी नेता हैं।

उन्‍होंने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है। अमेरिका आधुनिक लोकतंत्र का चैंपियन है। आज दुनिया दो महान लोकतंत्रों की साझेदारी को और सशक्त होते देख रही है। पीएम मोदी ने कहा कि यहां यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन में भारत सरकार की मदद से तमिल स्टडी चेयर की स्थापना की जाएगी। दुनिया की सबसे पुरानी भाषा तमिल भाषा है और वो हमारी भाषा है। इस कदम से तमिल भाषा का प्रभाव बढ़ाने में मदद मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में गूगल का एआई रिसर्च सेंटर 100 से ज्या दा भारतीय भाषाओं पर काम करेगा। इससे भारत में ऐसे बच्चों को पढ़ने में आसानी होगी, जिनकी मातृभाषा अंग्रेजी नहीं है।

उन्‍होंने कहा कि फाइटर इंजन प्लेन बनाने का फैसला भारत के डिफेंस सेक्टर के लिए यह मील का पत्थर साबित होगा। इस समझौते से अमेरिका म्यूचुअल ट्रस्ट को भी शेयर करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि भारत इस साल सिएटल में एक नया कॉन्सुलेट खोलने जा रहा है। इसके अलावा भी अमेरिका के 2 और शहरों में भारतीय कॉन्सुलेट खोले जाएंगे। अब अहमदाबाद और बेंगलुरु में भी अमेरिका के नए कॉन्सुलेट खुलने जा रहे हैं। पीएम मोदी ने बताया कि भारत की पुरानी मूर्तियां और चीजें जो चोरी हुई थीं, उनमें 100 से ज्यादा अमेरिकी सरकार ने लौटाने का फैसला लिया है। ये पुरातन वस्तुएं सालों पहले इंटरनेशनल बाजार में पहुंच गई थीं।

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