एजेंसी, नई दिल्ली। गूगल और उसकी मूल कंपनी अल्फाबेट इंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कृत्रिम मेधा (एआई) के क्षेत्र में भारत द्वारा किए जा रहे कार्यों और इस दिशा में भारतीय विद्यार्थियों व पेशेवरों के साथ इस दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी के संभावित सहयोग पर चर्चा की।
पिचाई यहां भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ और प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए आए हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट के इतर सुंदर पिचाई से मिलकर खुशी हुई। भारत द्वारा एआई के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और इस क्षेत्र में हमारे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों व पेशेवरों के साथ गूगल किस प्रकार काम कर सकती है, इस पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने सोमवार को ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो’ का भी दौरा किया था, जिसमें 600 से अधिक संभावनाशील स्टार्टअप और एआई पारिस्थितिकी तंत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रदर्शित करने वाले 13 देशों के मंडप शामिल हैं। इस शिखर सम्मेलन में 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 वैश्विक एआई विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
एआई में असाधारण सफर की ओर भारत…. बोले सुंदर पिचाई, कहा- बदलाव में भागीदार बनने को प्रतिबद्ध
गूगल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने बुधवार को कहा कि भारत कृत्रिम मेधा (एआई) के क्षेत्र में एक ‘असाधारण सफर’ पर अग्रसर है और कंपनी देश के इस एआई बदलाव में भागीदार बनने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पिचाई ने कहा, ”एआई हमारे जीवनकाल का सबसे बड़ा बदलाव है।” उन्होंने स्वास्थ्य जांच में सुधार से लेकर किसानों को वास्तविक समय में जानकारी व चेतावनी देने जैसी बड़ी चुनौतियों का व्यापक स्तर पर समाधान करने की इसकी क्षमता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत की विविधता, भाषाई परिवेश और मजबूत डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा इसे “नवाचार के लिए एक शक्तिशाली आधार” और वैश्विक स्तर पर एआई के लोकतंत्रीकरण के लिए एक ठोस खाका बनाता है।
ये भी पढ़े : नौकरी से निकाले जाने से नाराज मजदूर ने रायसेन में डिप्टी रेंजर सहित दो को मारी गोली
पिचाई ने इस बात पर जोर दिया कि एआई को अपनाते समय विश्वास, सुरक्षा और समावेशन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा, ”एआई को विभिन्न भाषाओं और स्थानीय संदर्भों में काम करना चाहिए। इसे ऐसे वास्तविक लाभ प्रदान करने चाहिए जिन पर लोग भरोसा कर सकें। विश्वास तब बढ़ता है जब प्रौद्योगिकी पारदर्शी, जिम्मेदार और ठोस परिणामों पर आधारित होती है।” गूगल सीईओ ने ‘इंडिया-अमेरिका कनेक्ट इनिशिएटिव’ की भी घोषणा की। यह अमेरिका, भारत और दक्षिणी गोलार्ध के कई स्थानों के बीच एआई संपर्क बढ़ाने के लिए समुद्र के नीचे नए केबल मार्ग बिछाने की एक परियोजना है।
पिचाई ने भारत में 15 अरब डॉलर के एआई केंद्र की पूर्व घोषणा का भी जिक्र किया, जिसमें गीगावाट-स्केल कंप्यूट और एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री केबल मार्ग होगा। इससे देश में रोजगार और उन्नत एआई बुनियादी ढांचा विकसित होगा। उन्होंने विद्यार्थियों और शुरुआती करियर वाले पेशेवरों के लिए अंग्रेजी और हिंदी में ‘गूगल एआई पेशेवर प्रमाणपत्र कार्यक्रम’ सहित महत्वाकांक्षी कौशल कार्यक्रमों का भी अनावरण किया। अन्य पहल में दो करोड़ से अधिक लोक सेवकों की सहायता के लिए ‘कर्मयोगी भारत’ के साथ साझेदारी, 10,000 स्कूलों में जनरेटिव एआई उपकरण पेश करने के लिए ‘अटल टिंकरिंग लैब्स’ के साथ सहयोग और वैश्विक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए तीन करोड़ डॉलर का ‘एआई फॉर साइंस इम्पैक्ट चैलेंज’ शामिल है।
‘इंडिया एआई एक्सपो समिट’ 19 फरवरी को लोगों के लिए बंद, 21 फरवरी को एक अतिरिक्त दिन खुलेगा
‘इंडिया एआई एक्सपो समिट’ 19 फरवरी को बंद रहेगा और इसके बजाय लोगों के लिए इसे एक अतिरिक्त दिन 21 फरवरी को खोला जाएगी। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 19 फरवरी को मुख्य शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा, ” 19 फरवरी को एक्सपो बंद रहेगा। भारी उत्साह के कारण इसे एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। यह शनिवार 21 फरवरी को खुला रहेगा।” कृष्णा ने कहा कि उद्घाटन सत्र में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सहित 20 राष्ट्राध्यक्ष उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा, ” हम प्रतिबंधों के कारण जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं पहुंचाना चाहते, इसीलिए कल एक्सपो न खोलने का निर्णय लिया गया है।” इससे पहले ‘इंडिया एआई एक्सपो समिट’ का आयोजन 16 से 20 फरवरी के बीच निर्धारित था।


