एजेंसी, पुरी| ओडिशा के पुरी में रविवार सुबह भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान भगदड़ की स्थिति बन गई। इस हादसे में तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि दस से अधिक लोग घायल हो गए। घटना श्रीगुंडिचा मंदिर के सामने, शरधाबली क्षेत्र में उस समय हुई जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु रथ पर विराजमान भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए एकत्र हुए थे।प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह लगभग 4:30 बजे दर्शन के दौरान भारी भीड़ जमा हो गई। भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी दौरान कुछ लोग नीचे गिर गए और भगदड़ मच गई। हादसे में मरने वालों की पहचान खुर्दा जिले की प्रभाती दास, बसंती साहू और 70 वर्षीय प्रेमाकंत महांती के रूप में हुई है। सभी की मौत मौके पर ही हो गई। घायल श्रद्धालुओं को तत्काल 108 एम्बुलेंस की मदद से पुरी जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।पुरी की रथ यात्रा देश की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में से एक है, जिसमें हर वर्ष लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को श्रीमंदिर से बाहर निकालकर श्रीगुंडिचा मंदिर तक रथों में ले जाया जाता है। इसी दौरान यह हादसा हुआ।प्रशासन ने घटना की पुष्टि की है और मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
पुरी भगदड़ मामले में बड़ा एक्शन, डीएम और एसपी का तबादला, डीसीपी और कमांडेंट निलंबित
भुवनेश्वर| ओडिशा के पुरी में रथयात्रा के दौरान हुई भगदड़ के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, पुरी के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक का तबादला कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, कर्तव्य में लापरवाही के लिए डीसीपी विष्णु पति और कमांडेंट अजय पाधी को निलंबित कर दिया गया है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले प्रत्येक श्रद्धालु के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने विकास आयुक्त की देखरेख में विस्तृत प्रशासनिक जांच के आदेश दिए हैं और जिला कलेक्टर तथा एसपी के तबादले के निर्देश भी जारी किए हैं। चंचल राणा को नया जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है, जबकि पिनाक मिश्रा ने नए एसपी का कार्यभार संभाल लिया है। पुरी रथयात्रा भगदड़ मामले पर ओडिशा के पुलिस महानिदेशक वाईबी खुरानिया ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है और सभी तथ्य सामने लाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में अधिक थी। इससे पहले, जिलाधिकारी सिद्धार्थ स्वैन ने बताया था कि आज सुबह 4:20 से 5:40 बजे तक 15 श्रद्धालुओं को जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें से 12 को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। उन्होंने बताया कि तीन मृतकों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है, जिसके बाद मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा।


