पीएम मोदी ने श्रीलंकाई पीएम और मिस्र के विदेश मंत्री से की मुलाकात; क्षेत्रीय सहयोग पर हुई अहम चर्चा

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दो अहम मुलाकातें कीं, एक पड़ोसी देश श्रीलंका की प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या से और दूसरी मिस्र के विदेश मंत्री डॉ. बद्र अब्देलअती से। इन मुलाकातों को भारत की पड़ोसी और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

श्रीलंका के साथ सहयोग पर चर्चा
पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट कर जानकारी दी कि उन्होंने श्रीलंका की प्रधानमंत्री का स्वागत किया और दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। इसमें शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, नवाचार, विकास सहयोग और मछुआरों के कल्याण जैसे विषय शामिल थे। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘करीबी पड़ोसी होने के नाते, हमारे सहयोग का हमारे दोनों देशों की समृद्धि और साझा क्षेत्र के विकास में बहुत बड़ा महत्व है।’ भारत और श्रीलंका के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते लंबे समय से गहरे रहे हैं। हाल के वर्षों में दोनों देश व्यापार, सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग को लेकर लगातार संवाद बढ़ा रहे हैं। यह मुलाकात उसी कड़ी का अहम हिस्सा मानी जा रही है।

पीएम मोदी से मुलाकात, उठाया मछुआरों का मुद्दा
श्रीलंका की प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के नेताओं के बीच विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई। दोनों देशों के नेताओं ने शिक्षा, महिलाओं के सशक्तिकरण, नवाचार और विकास के तमाम मुद्दों पर चर्चा की। इस मुलाकात में मछुआरों के कल्याण के मुद्दे पर भी बातचीत हुई जो दोनों देशों के बीच संवेदनशील मुद्दा रहा है। भारतीय मछुआरों को मछली पकड़ने के दौरान कई बार श्रीलंकाई सेना की कार्रवाई का शिकार होना पड़ता है। कई बार उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है तो कई बार उनकी नौकाएं जब्त कर ली जाती हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हरिनी अमरसूर्या की भारत यात्रा के दौरान यह मुद्दा उठाने की मांग की थी। इसे देखते हुए दोनों देशों के नेताओं के बीच मछुआरों के मुद्दे पर चर्चा होने को महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।

तीन दिवसीय भारत दौरे पर श्रीलंकाई प्रधानमंत्री
16 अक्तूबर को तीन दिवसीय भारत यात्रा पर पहुंचीं श्रीलंकाई प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या ने इसके पहले एस. जयशंकर से मुलाकात की थी और दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों के लिए काम करने की बात कही थी। अमरसूर्या इस दौरे में आईआईटी दिल्ली और नीति आयोग भी जाएंगी। पीएम हरिनी अमरसूर्या दिल्ली में ही पढ़ी हैं। वे भारत को अपने देश के दूसरे नेताओं से बेहतर समझती हैं। माना जा रहा है कि वे भारत-श्रीलंका संबंधों को सुधारने में महत्त्वपूर्ण पहल कर सकती हैं। श्रीलंका की प्रधानमंत्री बनने के बाद अपनी इस पहली भारत यात्रा में उन्होंने कहा है कि भारत और श्रीलंका केवल भूगोल से ही नहीं जुड़े हैं, बल्कि उनकी सांस्कृतिक जड़ें भी एक दूसरे से जुड़ती हैं। ऐसे में दोनों एक दूसरे के पारंपरिक सहयोगी हैं और वे इस संबंध को मजबूत करने के लिए काम करेंगी। श्रीलंका में आर्थिक तबाही के बाद हुई उलटफेर में हरिनी अमरसूर्या अपने देश को आर्थिक तौर पर ज्यादा मजबूत बनाने के लिए भारत से अधिक सहयोग की उम्मीद रख सकती हैं।

मिस्र के विदेश मंत्री से मुलाकात
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने मिस्र के विदेश मंत्री डॉ. बद्र अब्देलअती से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अब्देल फत्ताह अल-सीसी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने गाजा शांति समझौता में अहम भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक दूसरे पोस्ट में लिखा, ‘अपने मित्र राष्ट्रपति सिसी की गाजा शांति समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए गहरी सराहना व्यक्त की। भारत-मिस्र की रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है, जिससे हमारे लोगों, हमारे साझा क्षेत्र और संपूर्ण मानवता को लाभ मिलेगा।’ भारत और मिस्र के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में पिछले कुछ वर्षों में तेजी आई है। दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी कई मुद्दों पर एक-दूसरे का समर्थन करते रहे हैं।

क्षेत्रीय और वैश्विक सहयोग का संदेश
इन दोनों मुलाकातों से साफ संकेत जाता है कि भारत पड़ोसी देशों और पश्चिम एशिया के अहम साझेदारों के साथ अपने रिश्ते और गहराने पर जोर दे रहा है। शिक्षा, नवाचार, शांति और क्षेत्रीय सहयोग पर ध्यान देना इस नीति की प्रमुख दिशा है।

Leave a Reply