एजेंसी, इस्लामाबाद। भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ है। पाकिस्तान के सेवानिवृत्त अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। पूर्व एयर मार्शल मसूद अख्तर ने खुलासा किया कि भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान को गंभीर क्षति पहुंची। उनका भोलारी एयरबेस पूरी तरह नष्ट हो गया। मसूद अख्तर ने दावा किया कि भारत ने इसके लिए ब्रह्मोस मिसाइल का उपयोग किया था। पहलगाम हमले के बाद भारत ने आतंकियों को करारा जवाब देते हुए उनके 9 ठिकानों को नष्ट कर दिया। पाकिस्तान ने इसे अपना मुद्दा बनाक र भारत पर हमले की कोशिश की। इसके जवाब में भारत ने त्वरित जवाबी कार्रवाई की और मिसाइलों का इस्तेमाल किया। पाकिस्तान भारत की इस कार्रवाई के दौरान एक भी मिसा इल को रोक नहीं सका, और उसका एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह नाकाम रहा। पाकिस्तान के पूर्व एयर मार्शल ने दावा किया कि भोलारी एयरबेस पर चार मिसाइलें आकर गिरीं।
पूर्व एयर मार्शल ने खुद खोली पाक की पोल
पाकिस्तान के पूर्व एयर मार्शल मसूद अख्तर ने कहा, “मैंने कुछ लोगों से बात की थी। यह 10 मई की सुबह हुआ। उस पर चार सर्फेस-टू-सर्फेस ब्रह्मोस मिसाइलें दागी गई थीं। सर्फेस-टू-सर्फेस थीं या एयर-टू-सर्फेस, यह मुझे नहीं पता। सबसे पहले पायलट दौड़े और अपने विमानों को सुरक्षित करने लगे। एक मिसाइल भोलारी में सीधे एक हैंगर पर गिरी, जहां हमारा AWACS विमान खड़ा था। वह क्षतिग्रस्त हो गया, और कुछ लोग शहीद भी हुए।”
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से बौखलाया पाकिस्तान
ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के बाद पाकिस्तान बौखला गया। भारत ने यह ऑपरेशन आतंकियों के खिलाफ शुरू किया था, लेकिन इसमें पाकिस्तानी सेना भी शामिल हो गई। पाक सेना ने भारत के कई शहरों पर हमले की कोशिश की, लेकिन उसका हर प्रयास विफल रहा। दूसरी ओर, वह भारत की जवाबी कार्रवाई को रोक नहीं सका। भारत ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया।
भारत के एक्शन से सहमा पाकिस्तान, बोले पाक विदेश मंत्री- “दोनो देशों के बीच मुद्दों के समाधान के लिए वार्ता जरूरी”
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत के साथ विवादास्पद मुद्दों का हल निकालने के लिए उसके साथ ‘समग्र वार्ता’ की वकालत की है। भारत साफ कर चुका है कि पाकिस्तान से बात होगी तो आतंकवाद के मुद्दे पर और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) पर ही होगी। डार ने बृहस्पतिवार को सीनेट में कहा, ‘‘भारत के साथ संघर्ष विराम 18 मई तक बढ़ा दिया गया है, लेकिन दोनों पड़ोसी देशों के बीच समस्याओं के समाधान के लिए अंतत: राजनीतिक वार्ता करनी होगी।’’ भारत ने 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में छह-सात मई की रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था और पाकिस्तान तथा पीओके में आतंकी ठिकानों पर सटीक निशाना साधा था। भारत की इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने आठ, नौ और 10 मई को भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों की कोशिश की। दोनों देशों के बीच 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी। उप प्रधानमंत्री डार ने कहा, ‘‘हमने दुनिया को बता दिया है कि हम समग्र वार्ता करेंगे।’’ उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान और भारत के सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) 18 मई को फिर से संपर्क करेंगे। दोनों देशों के बीच 2003 में समग्र वार्ता शुरू हुई थी और उस समय जनरल परवेश मुशर्रफ पाकिस्तान के राष्ट्रपति थे। मुंबई में 2008 में हुए आतंकी हमलों के बाद यह बातचीत पटरी से उतर गई और उचित प्रारूप में बहाल नहीं हो सकी। डार ने कहा कि सिंधु जल संधि को ‘गैरकानूनी’ तरीके से निलंबित करके पाकिस्तान का पानी रोकने के किसी भी प्रयास को ‘युद्ध की कार्रवाई’ माना जाएगा। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी बृहस्पतिवार को भारत से वार्ता की पेशकश करते हुए कहा था कि पाकिस्तान शांति के लिए बातचीत को तैयार है।


