पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजर के डोसो में आतंकी हमला, 2 भारतीयों की हत्या, एक का अपहरण

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एजेंसी, नियामी| पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजर में आतंकवाद का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में डोसो क्षेत्र में हुए एक भयानक आतंकी हमले में दो भारतीय नागरिकों की जान चली गई, जबकि एक अन्य भारतीय को आतंकवादियों ने अगवा कर लिया। यह घटना मंगलवार, 15 जुलाई 2025 को हुई, जिसकी पुष्टि भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को की।

आतंकी हमले का विवरण
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस दुखद घटना की जानकारी साझा की। दूतावास ने अपने बयान में कहा, “15 जुलाई को नाइजर के डोसो क्षेत्र में हुए क्रूर आतंकी हमले में दो भारतीय नागरिकों की मृत्यु हो गई और एक का अपहरण कर लिया गया। हम शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।” दूतावास ने यह भी बताया कि मृतकों के शवों को भारत लाने और अपहृत नागरिक की सुरक्षित रिहाई के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय किया जा रहा है। साथ ही, नाइजर में रह रहे सभी भारतीयों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

कहां और कैसे हुआ हमला?
स्थानीय समाचारों के अनुसार, यह हमला राजधानी नियामी से करीब 140 किलोमीटर दूर डोसो क्षेत्र में एक निर्माण स्थल पर हुआ। मारे गए और अपहृत भारतीय नागरिक वहां निर्माण कार्य में लगे थे। नाइजर में हाल के वर्षों में आतंकी हमलों और अपहरण की घटनाओं में तेजी आई है। इस साल कई विदेशी नागरिकों को निशाना बनाया गया, जिनमें एक स्विस महिला, एक ऑस्ट्रियाई सहायता कर्मी और अप्रैल में अपहृत पांच भारतीय शामिल हैं।

दूतावास बोला- भारतीय को छुड़वाने का कर रहे प्रयास
पश्चिम अफ्रीका के नाइजर के डोसो इलाके में मंगलवार (15 जुलाई 2025) को एक आतंकी हमला हुआ। इस हमले में दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई और एक भारतीय का अपहरण कर लिया गया। यह घटना एक कंस्ट्रक्शन साइट पर हुई जहाँ कुल छह लोग मारे गए। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय दूतावास ने बताया कि यह हमला नाइजर की राजधानी नियामे से करीब 100 किलोमीटर दूर हुआ। मारे गए भारतीयों की पहचान झारखंड के बोकारो के गणेश करमाली और दक्षिण भारत के कृष्णन के तौर पर हुई है। किडनैप भारतीय की पहचान जम्मू-कश्मीर के रंजीत सिंह के रूप में हुई है। यह ट्रांसरेल लाइटिंग लिमिटेड में सुरक्षा गार्ड थे। हथियारबंद हमलावरों ने नाइजीरियाई फौज पर घात लगाकर हमला किया। उस समय भारतीय मजदूर एक बिजली लाइन बना रहे थे। मृतक गणेश करमाली के परिवार ने बताया कि उनका शव मिल गया है और उसे जल्द भारत लाया जाएगा। दूतावास ने कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और उसने सभी भारतीयों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

आतंकवाद का बढ़ता खतरा
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार है कि नाइजर में सक्रिय आतंकी समूह अब वैश्विक स्तर पर दहशत फैलाने के लिए विदेशी नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। ये समूह सुनियोजित तरीके से हमले कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

भारत सरकार की कार्रवाई
भारत सरकार इस मामले पर गंभीरता से नजर रखे हुए है। अपहृत भारतीय नागरिक की सुरक्षित रिहाई के लिए स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में है। साथ ही, नाइजर में रह रहे भारतीय समुदाय को सुरक्षित रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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