नूंह| हरियाणा में नूंह में 31 जुलाई को हुए हिंसा के बाद पलवल में सर्वजातीय हिंदू महापंचायत हुई। इस महापंचायत में 51 लोगों की कमेटी ने 28 अगस्त को ब्रजमंडल की अधूरी यात्रा को पूरी करने का निर्णय लिया। मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपए, एक सरकारी नौकरी, घायलों को 50 लाख देने की अपील भी सरकार से की गई। नूंह जिले को खत्म करने की भी मांग की गई। फिरोजपुर झिरका विधानसभा क्षेत्र के विधायक मामन खान नूंह दंगे के लिए जिम्मेदार हैं। उनके खिलाफ FIR दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार किया जाएग। मुख्यमंत्री मनोहर लाल को बदलने की भी मांग की गई है।
महापंचायत में शामिल हुए लोगों ने मांग की है कि नूंह दंगों की एनआईए से जांच कराई जाए। नूंह में बसे रोहिंग्या लोगों को जिले से बाहर किया जाए। महापंचायत में सोहना-तावडू के विधायक संजय सिंह ने ब्रजमंडल यात्रा पूरी कराने का मुद्दा उठाया। महापंचायत में पहुंचे देव सेना फरीदाबाद के अध्यक्ष ब्रजभूषण सैनी ने ऐलान किया कि 20 अगस्त को दिल्ली में जंतर-मंतर पर महापंचायत करेंगे।
सर्वजातीय हिंदू महापंचायत मेवात के 40 हिन्दू पाल और 12 मुस्लिम पाल के अध्यक्ष चौधरी अरूण जैलदार के मार्गदर्शन में हुई। इस महापंचायत में हजारों की संख्या में हिन्दू समाज के लोग पहुंचे। महापंचायत में हरियाणा गौरक्षा दल के उपाध्यक्ष आचार्य आजाद, सोहना तावडू के विधायक संजय सिंह, पलवल के पूर्व विधायक सुभाष चौधरी भी आए। बता दें कि महापंचायत को पहले नूंह में किया जाना था, लेकिन प्रशासन ने कर्फ्यू और माहौल को देख परमिशन नहीं दी, जिसके बाद पलवल की नूंह-पलवल रोड पर पोंडरी गांव में यह महापंचायत हो रही है।
सर्वजातीय हिंदू महापंचायत का डागर पाल ने पूर्ण बहिष्कार किया। डागर पाल के इस निर्णय से महापंचायत को बड़ा धक्का लगा। डागर पाल के साथ रावत, सहरावत, चौहान व तेवतिया पाल के पंचों ने भी सहमति जताते हुए महापंचायत का बहिष्कार किया, जिसकी पुष्टि डागर पाल के प्रधान चौधरी धर्मबीर डागर ने की। यह निर्णय डागर पाल के बड़े गांव मंडकोला में पंचायत करके लिया गया।


