नागपुर। औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम समुदाय के पवित्र ग्रंथ को जलाये जाने की अफवाह के बाद मध्य नागपुर में सोमवार को तनाव उत्पन्न हो गया और पुलिस पर पथराव किया गया। कई वाहनों में आग भी लगा दी गई। जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। हालात को काबू करने के लिए पहुंचे कई पुलिसकर्मी भी हिंसा में घायल हुए हैं। पुलिस ने 17 लोगों को हिरासत में लिया है। इस बीच सीएम देवेंद्र फडणवीस ने लोगों से संयम बरतने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस ने भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने के लिए कहा है।
नागपुर में हिंसा के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार रात शांति की अपील की और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा। उनकी यह अपील ऐसे समय में आई है, जब शाम को मध्य नागपुर के कई इलाकों में इस अफवाह के बाद हिंसा फैल गई कि औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान कुरान को जला दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि अद्यतन जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में चार लोग घायल हो गए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया।
हिंसा के बाद नागपुर के कई थाना क्षेत्रों में लगा कर्फ्यू, पुलिसकर्मियों समेत कई घायल
नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर शहर में हिंसा के बीच निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। हंसपुरी इलाके में एक और झड़प के बाद यह निर्णय लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंद्र सिंघल ने बताया कि शहर में भारतीय नाग रिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे मध्य नागपुर के चिटनिस पार्क इलाके में तब हिंसा भड़क उठी जब अफवाह फैली कि औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए आंदोलन के दौरान धर्मग्रंथ जलाया गया है। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया जिससे छह आम नागरिक और तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, पुराने भंडारा रोड के पास हंसपुरी इलाके में रात साढ़े 10 से साढ़े 11 बजे के बीच एक और झड़प हुई। अनियंत्रित भीड़ ने कई वाहनों को जला दिया और इलाके में घरों तथा एक क्लिनिक में तोड़फोड़ की। हंसपुरी इलाके के निवासी शरद गुप्ता (50) के घर के सामने खड़े चार दोपहिया वाहनों को जला दिया गया।
शरद ने बताया कि रात साढ़े 10 से साढ़े 11 बजे के बीच भीड़ ने हमला बोल दिया, पथराव किया और वाहनों में आगजनी की। गुप्ता हमले में घायल हो गए और उन्होंने बताया कि भीड़ ने एक पड़ोसी की दुकान में भी तोड़फोड़ की। उन्होंने कहा कि पुलिस एक घंटे बाद पहुंची। गुस्साए निवासियों ने भीड़ के खिलाफ तत्काल पुलिस कार्रवाई की मांग की। एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक रात एक बजकर 20 मिनट पर एक दंपति को अपना घर बंद कर आसपास सुरक्षित स्थान पर जाते देखा। रामनवमी शोभायात्रा के लिए काम कर रहे एक अन्य निवासी चंद्रकांत कावडे ने बताया कि भीड़ ने उनके सभी सजावटी सामान जला दिए और घरों पर पत्थर फेंके। कुछ निवासी अपने गलियारे में बाहर आ गए और वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस की एक टुकड़ी को गलियों में मार्च करते देखा गया।
हंसपुरी इलाके के एक निवासी ने एक मीडिया को बताया कि भीड़ ने रात करीब साढ़े 10 बजे उनके घर पर हमला बोल दिया और घर के बाहर खड़ी उनकी गाड़ियों को जला दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हमने दमकल के आने से पहले अपने घर की पहली मंजिल से पानी डालकर आग बुझाई।’’ वहीं, एक अन्य निवासी वंश कवले ने बताया कि भीड़ ने अपने चेहरे ढके हुए थे और सीसीटीवी कैमरा तोड़ दिया। उन्होंने उनके घरों में घुसने की भी कोशिश की। क्लिनिक के सामने चाय की दुकान करने वाले एक अन्य निवासी ने बताया कि भीड़ क्लिनिक (बंडू क्लिनिक) में घुस गई, सभी मेज तोड़ दीं और दवाइयां फेंक दीं। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान में भी तोड़फोड़ की गई। अधिकारियों ने कहा कि हंसपुरी इलाके में पुलिस तैनात कर दी गई है।
नागपुर हिंसा मामले में 50 से अधिक उपद्रवियों को पुलिस ने हिरासत में, पांच प्राथमिकी दर्ज
नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर शहर में हुई हिंसा के सिलसिले में 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है और पांच प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंघल ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे मध्य नागपुर के चिटनिस पार्क इलाके में तब हिंसा भड़क उठी जब अफवाह फैली कि औरंगजेब की कब्र (छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित) को हटाने की मांग को लेकर एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए आंदोलन के दौरान एक समुदाय का धर्मग्रंथ जलाया गया है। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया जिससे छह आम नागरिक और तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। सिंघल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है और विभिन्न थानों में पांच प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।’’
नागपुर के संरक्षक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि माहौल को खराब करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया गया और उन्होंने विपक्ष से मामले में राजनीति न करने की अपील की। बावनकुले ने सभी समुदायों के सदस्यों से सौहार्द बनाए रखने की भी अपील की और उन्होंने पुलिस आयुक्त तथा जिलाधिकारी के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा, ‘‘माहौल को खराब करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया गया और गृह विभाग की ओर से कोई चूक नहीं हुई, क्योंकि पुलिस हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच (हिंसा के दौरान) ढाल बनकर खड़ी रही, जिसमें कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए।’’ बावनकुले ने कहा कि फिलहाल स्थिति थोड़ी तनावपूर्ण है, लेकिन पर्याप्त पुलिस बल तैनात होने के कारण शहर में शांति है।
जानिए क्यों भड़की नागपुर में हिंसा, किसने लगाई आग? स्थानीय लोगों ने हमले की सुनाई आपबीती
नागपुर। औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान धर्मग्रंथ जला ए जाने की अफवाह फैलने के बाद नागपुर में हुई हिंसा में कई घरों, वाहनों और एक क्लिनिक में तोड़फोड़ की गई। पुलिस ने कहा कि हिंसा के मद्देनजर शहर के कई इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि शहर में स्थिति फिलहाल शांतिपूर्ण है। नागपुर के संरक्षक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले आज दिन में हिंसा प्रभावित महल इलाके का दौरा करेंगे। अधिकारियों ने कहा कि शाम करीब साढ़े सात बजे मध्य नागपुर के चिटनिस पार्क इलाके में तब हिंसा भड़क उठी जब अफवाह फैली कि औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए आंदोलन के दौरान धर्मग्रंथ जलाया गया है। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया जिससे छह आम नागरिक और तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, पुराने भंडारा रोड के पास हंसपुरी इलाके में रात साढ़े 10 से साढ़े 11 बजे के बीच एक और झड़प हुई। चश्मदीदों के अनुसार, बेकाबू भीड़ ने इलाके में कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया, घरों और एक क्लिनिक में तोड़फोड़ की।
अधिकारियों ने बताया कि चिटनिस पार्क से शुक्रवारी तालाब मार्ग तक का क्षेत्र हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां दंगाइयों ने कुछ चार पहिया वाहनों को आग के हवाले कर दिया और घरों पर पत्थर भी फेंके गए। महल इलाके में चिटनिस पार्क के पास ओल्ड हिसलोप कॉलेज इलाके के कुछ निवासियों ने मीडिया को बताया कि शाम करीब साढ़े सात बजे एक भीड़ ने उनके इलाके में हमला बोल दिया और उनके घरों पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए तथा गलियों में खड़ी कई कारों में तोड़फोड़ की। लोगों ने बताया कि भीड़ में शामिल लोगों ने घरों पर पत्थर फेंके और कारों में आगजनी की, घरों में लगे वाटर कूलर और खिड़कियां तोड़ दीं तथा भाग गए। इस संबंध में एक निवासी ने कहा कि बाद में इलाके में रहने वाले लोगों ने खुद जलते वाहनों की आग बुझाई। स्थानीय लोगों ने हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
हंसपुरी इलाके के निवासी शरद गुप्ता (50) के घर के सामने खड़े चार दोपहिया वाहनों को जला दिया गया। शरद ने बताया कि रात साढ़े 10 से साढ़े 11 बजे के बीच भीड़ ने हमला बोल दिया, पथराव किया और वाहनों में आगजनी की। गुप्ता हमले में घायल हो गए और उन्होंने बताया कि भीड़ ने एक पड़ोसी की दुकान में भी तोड़फोड़ की। उन्होंने कहा कि पुलिस एक घंटे बाद पहुंची। गुस्साए निवासियों ने भीड़ के खिलाफ तत्काल पुलिस कार्रवाई की मांग की। एक न्यूज एजेंसी के एक संवाददाता ने रात एक बजकर 20 मिनट पर एक दंपति को अपना घर बंद कर आसपास सुरक्षित स्थान पर जाते देखा। रामनवमी शोभायात्रा के लिए काम कर रहे एक अन्य निवासी चंद्रकांत कावडे ने बताया कि भीड़ ने उनके सभी सजावटी सामान जला दिए और घरों पर पत्थर फेंके। वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस की एक टुकड़ी को गलियों में मार्च निकालते देखने के लिए कुछ निवासी अपने गलियारे में बाहर आ गए।
हंसपुरी इलाके के एक निवासी ने बताया कि भीड़ ने रात करीब साढ़े 10 बजे उनके घर पर हमला बोल दिया और घर के बाहर खड़ी उनकी गाड़ियों को जला दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हमने दमकल के आने से पहले अपने घर की पहली मंजिल से पानी डालकर आग बुझाई।’’ वहीं, एक अन्य निवासी वंश कवले ने बताया कि भीड़ ने अपने चेहरे ढके हुए थे और सीसीटीवी कैमरा तोड़ दिया। उन्होंने उनके घरों में घुसने की भी कोशिश की। क्लिनिक के सामने चाय की दुकान करने वाले एक अन्य निवासी ने बताया कि भीड़ क्लिनिक (बंडू क्लिनिक) में घुस गई, सभी मेज तोड़ दीं और दवाइयां फेंक दीं। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान में भी तोड़फोड़ की गई। पुलिस ने महल इलाके के विभिन्न इलाकों में तलाश अभियान के दौरान 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और नागपुर से ताल्लुक रखने वाले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हिंसा के मद्देनजर शांति और सद्भाव की अपील की है।
नागपुर हिंसा को सीएम फडणवीस ने बताया साजिश, कहा- भीड़ ने चुनिंदा घरों को निशाना बनाया
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नागपुर में हुई हिंसा साजिश प्रतीत होती है और भीड़ ने चुनिंदा घरों तथा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे मध्य नागपुर के चिटनिस पार्क इलाके में तब हिंसा भड़क उठी जब अफवाह फैली कि औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए आंदोलन के दौरान एक समुदाय का धर्मग्रंथ जलाया गया है। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया जिससे छह आम नाग रिक और 3 पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद नागपुर के कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया। विधानसभा में फडणवीस ने कहा कि हिंसा में तीन पुलिस उपायुक्तों सहित 33 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और एक वरिष्ठ अधिकारी पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया। गृह विभाग का भी प्रभार संभाल रहे मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘भीड़ ने चुनिंदा घरों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। यह (हमला) एक पूर्व नियोजित साजिश प्रतीत होती है।’’ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दावा किया कि यह एक खास समुदाय को निशाना बनाने की साजिश थी।
शिवाजी महाराज को एकनाथ शिंदे ने बताया ‘दैवीय शक्ति’’, कहा- औरंगजेब का महिमामंडन करने वाले ‘देशद्रोही’
ठाणे। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि जो लोग अब भी औरंगजेब की प्रशंसा कर रहे हैं, वे ‘‘देशद्रोही’’ हैं। उन्होंने कहा कि मुगल बादशाह ने राज्य पर कब्जा करने की कोशिश की थी और लोगों पर अनेक अत्याचार किए थे। शिंदे ने कहा कि दूसरी ओर, मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज एक ‘‘दैवीय शक्ति’’ थे, जो वीरता, बलिदान और हिंदुत्व की भावना के लिए डटे रहे। शिंदे ने ‘शिव जयंती’ के अवसर पर ठाणे जिले के डोंबिवली क्षेत्र के घरदा चौक पर शिवाजी महा राज की अश्वा वारोही प्रतिमा का अनावरण करने के अवसर पर यह बात कही। छत्रपति शिवाजी महाराज की यह प्रतिमा उनकी विरासत, उन के साहस और नेतृत्व क्षमता के सम्मान में स्थापित की गई है। शिवसेना प्रमुख की यह टिप्पणी ऐसे समय आई जब राज्य के छत्र पति संभाजीनगर जिले में स्थित औरंगजेब की क्रब को हटाने की कुछ दक्षिणपंथी संगठनों की मांग को लेकर बवाल मचा हुआ है। इस बीच, सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे मध्य नागपुर के चिटनिस पार्क इलाके में तब हिंसा भड़क उठी जब अफवाह फैली कि औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए आंदोलन के दौरान एक समुदाय का धर्मग्रंथ जलाया गया। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया जिससे छह आम नागरिक और तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए।
शिंदे ने यहां शिवाजी की प्रतिमा के अनावरण समारोह में कहा कि शिवाजी महाराज न केवल हिंदुत्व और भारतीय गौरव के प्रतीक थे, बल्कि वह ‘‘लोकतंत्र के आविष्कारक’’ भी थे। शिवसेना नेता ने महाराष्ट्र के खिलाफ औरंगजेब के अत्याचारों, विशेषकर शिवाजी महाराज के पुत्र छत्रपति संभाजी महाराज की हत्या की भी निंदा की। उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘औरंगजेब महाराष्ट्र पर कब्जा करने आया था, लेकिन उसे शिवाजी महाराज की दिव्य शक्ति का सामना करना पड़ा। जो लोग आज भी औरंगजेब का गुणगान करते हैं, वे देशद्रोही के अलावा और कुछ नहीं हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘शिव छत्रपति अखंड भारत का गौरव और हिंदुत्व की हुंकार हैं। शिवाजी महाराज एक दूरदर्शी नेता, युगपुरुष, न्याय के प्रवर्तक और आम लोगों के राजा थे।’’ उपमुख्यमंत्री ने लोगों से शिवाजी महाराज के कम से कम एक गुण को अपने जीवन में अपनाने की अपील करते हुए कहा कि यही महान मराठा शासक के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा महाराष्ट्र के गौरवशाली इतिहास की निरंतर याद दिलाती रहेगी तथा युवाओं और भावी पीढ़ियों को शिवाजी महाराज की वीरता और उनके शासन के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। शिंदे ने कहा कि घरदा चौक अब छत्रपति शिवाजी महाराज चौक के नाम से जाना जाएगा।
नागपुर हिंसा पर विधान सभा भवन के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन, मंत्री नितेश राणे को हटाने की मांग
मुंबई। महाराष्ट्र में विपक्ष ने मंगलवार को नागपुर हिंसा को लेकर यहां महाराष्ट्र विधान सभा भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और भाजपा के विधायक एवं राज्य सरकार में मंत्री नितेश राणे को हटाने की मांग की। विपक्ष का आरोप है कि राणे ने बयान के कारण शहर में सोमवार को हिंसा भड़की। शहर में उपद्रव के दौरान कल कम से कम 45 वाहनों में तोड़फोड़ की गई। सत्तापक्ष के विभिन्न नेताओं ने नागपुर की घटना की निंदा की है और कहा है कि हिंसा में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इस बीच जिला संरक्षक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया और कहा कि अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट की निगरानी की जा रही है।
फडणवीस सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने कहा, “नागपुर में हुई हिंसा के पीछे महा विकास अघाड़ी का हाथ है… विपक्ष के लोग यह दिखाने में लगे हैं कि वे ही मुसलमानों के साथ खड़े हैं, लेकिन उन्हें यह एहसास नहीं है कि मुसलमान ऐसा नहीं चाहते…” शिवसेना विधायक मनीषा कायंदे ने नागपुर हिंसा की निंदा की और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, “हम नागपुर हिंसा की निंदा करते हैं। अफवाह फैलाने वालों को सलाखों के पीछे डाला जाना चाहिए और उन्हें दंडित किया जाना चाहिए। महाराष्ट्र में ऐसी चीज बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” नागपुर के राजघराने के सदस्य राजे मुधोजी भोसले ने कहा, “यह बहुत दुखद घटना है। नागपुर के इतिहास में ऐसी घटना कभी नहीं हुई। जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाना चाहिए और प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी घटना फिर कभी न हो।” उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि इसमें स्थानीय लोग शामिल थे। बाहरी लोगों के साथ कुछ असामाजिक तत्व भी इसमें शामिल रहे होंगे।”


