राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने शुक्रवार को राजस्थान के दौसा जिले के सिकराय के कांदोली में चुनावी रैली को सम्बोधित करते हुए कहा कि सगळा नै राम राम सा। प्रियंका गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ने देवनारायण जी मंदिर में जो लिफाफा डाला उसमें 21 रुपए निकले। मैंने टीवी न्यूज में देखा था। अब आप ही बताइए कि एक तरह से यही हो रहा है देश में कि बड़ी घोषणाएं कर रहे हैं। चुनाव के बाद कुछ नहीं मिलता है। ईआरसीपी जुमला भी यही चीज थी। यह सिर्फ नहर प्रोजेक्ट नहीं बल्कि यह पूर्वी राजस्थान के एक दर्जन जिलों को जीवनदान देने वाली गंगा है। इसे राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने की भी बात कही थी, मगर अभी ईआरसीपी का पानी तक नहीं आया। प्रियंका गांधी ने कहा कि आज मेरे लिए यह बहुत गर्व की बात है कि मैं श्री मेहंदीपुर बालाजी, देवनारायण भगवान जी और मीन भगवान के आशीर्वाद से आपके बीच में हूं। यह सुनकर बहुत खुशी हुई कि मेहंदीपुर बालाजी मंदिर पास में ही है। सीएम गहलोत से बात की कि सभा के बाद मेहंदीपुर बालाजी जाऊंगी।
दौसा ने देश को नवल किशोर शर्मा व राजेश पायलट जैसे नेता दिए। इस पावन धरा से उनको नमन। बहनों! आजकल आपके खेतों में बहुत काम है। आप दिन-रात मेहनत कर रही हैं। फिर भी यहां आईं। धन्यवाद। प्रियंका गांधी ने कहा कि मैं चुनावी राज्यों में जा रही हूं। जहां जहां जाती हूं उस प्रदेश के मजबूती के बारे में बात करती हूं। यह वीरों का प्रदेश है। यहां के वीरों ने बड़े बड़े बलिदान दिए हैं। जब हम सरकार बनाने की बात करते हैं तो यह सोचना जरूरी है कि हम सरकार से क्या चाहते हैं। किसकी सरकार हमारे लिए क्या करेगी यह सोचना जरूरी होता है। प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने आपके जीवन को आसान करने का काम किया है। 20 हजार करोड़ संसद भवन, 27 हजार करोड़ का हॉल बनाने का काम दूसरी पार्टी के नेता करते हैं।
वे अपने उद्योगपति मित्रों के लिए काम करते हैं। ये नेता कहते हैं कि ओपीएस पेंशन के पैसे नहीं हैं जबकि सत्ता में आते ही सब कुछ उद्योगपतियों मित्रों को दे दिया। 6000 हजार करोड़ की कंपनियों को उनको कम दाम में बेच दिया। जहां से आपके रोजगार मिल सकता था। वो सब उद्योगपति मित्रों को बेचकर निजीकरण कर दिया। प्रदेश सरकार महंगाई राहत शिविर लगाने को मजबूर हुई है। प्रियंका गांधी ने कहा कि भाजपा के नजरिए को समझना पड़ेगा। ये चुनावों के समय में धर्म व जाति की बात करते हैं, जो आपके दिल और जज्बातों से जुड़ी होती है। ध्यान से समझना होगा कि ये चुनाव के समय ही ये बातें क्यों करते हैं। आपके विकास की बात नहीं करते। ना यह बताते कि ओपीएस के पैसे नहीं दे सकते। ये सवाल आपको पूछने पड़ेंगे। ये दो तरह की राजनीति करते हैं।
पूर्वी राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) को लेकर
इससे पहले प्रियंका गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉम एक्स पर लिखा कि ‘राजस्थान के पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री जी ने ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ERCP) को राष्ट्रीय प्रोजेक्ट घोषित करने का वादा किया था। उसके बाद से राज्य सरकार बार-बार प्रस्ताव भेजती रही, श्री अशोक गहलोत ने उन्हें दर्जन भर पत्र लिखे, लेकिन केंद्र सरकार राजस्थान वासियों की परेशानी को नजरअंदाज करती रही। इस वादाखिलाफी को लेकर राजस्थान की जनता में आक्रोश है। आज दौसा जिले के सिकराय से प्रदेश की जनता को संबोधित कर उनका स्नेह और आशीर्वाद मागूँगी।’
सचिन पायलट बोले-‘दौसा ने मुझे 26 साल की उम्र में सांसद बनाया’
सचिन पायलट ने कहा कि पूर्वी राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) को लेकर केंद्र सरकार राजस्थान के किसानों के साथ भेदभाव किया है। खुद पीएम मोदी इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय परियोजना बनाने की बात कह चुके है, मगर नतीजा सिफर है। राजस्थान में पांच साल भाजपा-पांच साल कांग्रेस की परिपाटी तोड़नी है। मैं यहां से सांसद रहा हूं। यहां से मुझे विशेष आर्शीवाद मिला है। मेरे पिता राजेश पायलट व मां रमा पायलट को भी दौसा की जनता का आशीर्वाद मिला है। दौसा के लोगों ने मुझे ने तो महज 26 साल की उम्र में ही सांसद बना दिया था। अब राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में दौसा की जनता की जिम्मेदारी बढ़ गई है। सचिन पायलट ने कहा कि दौसा ने हमेशा से कांग्रेस को ताकत प्रदान की है। प्रियंका गांधी की सभा के बाद दौसा में कांग्रेस की लहर होनी चाहिए ताकि हर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी जीते। राहुल गांधी के अनुसार नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलनी है। कांग्रेस को भारी बहुमत से जीत दिलवाना है।
सीएम अशोक गहलोत क्या बोले?
सीएम अशोक गहलोत बोले कि दौसा हमारी प्राथमिकता में है। दौसा में पानी की किल्लत है। मैंने 33 से 53 जिले बना दिए। नए जिले बनने से लोगों की जिला मुख्यालयों से दूरी कम हो गई। दौसा-बांदीकूई में गर्मियों में 15-15 दिन पानी नहीं आता। ईआरसीपी के नाम पर पीएम मोदी ने दौसा से धोखा किया है। वसुंधरा राजे की सरकार के समय के इस प्रोजेक्ट हम बंद नहीं करना चाहते, मगर केंद्र सरकार ने वादा खिलाफी की है। ईआरसीपी का 13 जिलों में सबसे पहला फायदा दौसा को मिलेगा। भारत सरकार और उनके मंत्री शेखावत राजस्थान की जनता को ईआरसीपी के नाम पर गुमराह कर रहे हैं।


