भारत को आतंकियों पर कार्रवाई करने से कोई देश नहीं रोक सका.
पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में चर्चा का जवाब दिया.
पीएम मोदी ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए विपक्ष पर हमला किया.
एजेंसी, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए कई बातें क्लियर की. उन्होंने कहा कि दुनिया में कोई भी देश ऐसा नहीं था, जिसने भारत को आतंकियों पर कार्रवाई करने से रोका होगा. यह मैसेज उन लोगों के लिए था, जो कहते थे कि पीएम मोदी को एक फोन आया और उन्होंने सीजफायर कर लिया. पीएम मोदी ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के वीरों के पराक्रम को कांग्रेस का समर्थन नहीं मिला. पीएम मोदी ने साफ साफ कहा कि दुनिया के किसी भी नेता ने भारत को ऑपरेशन रोकने के लिए नहीं कहा. उसी दौरान 9 तारीख की रात को अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने मुझसे बात करने की कोशिश की. लेकिन सेना के साथ मीटिंग की वजह से मैंने फोन नहीं उठाया. बाद में फोन उठाया और कहा कि आपका 3-4 बार फोन पर आया, आखिर बात क्या है. इस पर उपराष्ट्रपति ने बताया कि पाकिस्तान बहुत बड़ा हमला करने वाला है. मेरा जवाब था कि अगर पाकिस्तान का ये इरादा है तो उसे बहुत महंगा पड़ेगा.
पीएम मोदी ने बताया कि कब पाकिस्तान को दी गई जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी के उस बयान पर भी जवाब दिया, जिसमें वे कहा करते हैं कि जब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने खुद ही फोन कर बता दिया था, तो पाकिस्तान से हमारी सेना लड़ती कैसे? इसका जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा, हमने पहले दिन से क्लियर कर दिया था कि हमारा लक्ष्य है आतंकी. आतंकियों के आका, आतंकियों के मददगार. उनके अड्डे. उनको हम ध्वस्त करना चाहते हैं. हमने हमारा काम कर दिया है. 6-7 मई को ऑपरेशन पूरा होने के तुरंत बाद भारत की सेना ने पाकिस्तान की सेना को चंद मिनटों में बता दिया कि हमारा ये लक्ष्य था, हमने ये लक्ष्य पूरा कर दिया है, ताकि उन्हें पता चले और हमें पता चले कि उनके दिल दिमाग में क्या चल रहा है. पीएम मोदी के इस बयान से साफ है कि सेना ने आतंकी ठिकाने ध्वस्त कर दिए उसके बाद सेना ने पाकिस्तान को बताया.
निर्दोष लोगों की हत्या में राजनीति तलाश ली
पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस को पहलगाम के निर्दोष लोगों की हत्या में भी अपनी राजनीति तलाशनी थी. ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाकर आप मीडिया में हेडलाइन तो बना सकते हैं लेकिन देशवासियों के दिल में जगह नहीं बना सकते. पीएम मोदी ने विपक्ष के कुछ नेताओं पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि कुछ लोग पाकिस्तान के झूठ प्रचार को आगे बढ़ाने मे जुटे हैं.
राहुल ने कुरेदा तो पीएम मोदी ने नेहरू-गांधी परिवार के कारनामे गिना डाले
ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार को ललकार कर राहुल गांधी बैठे ही थे कि पीएम मोदी मंच पर आ गए. फिर उन्होंने एक-एक कर नेहरू-गांधी परिवार के कारनामे गिना डाले. बताया कि किस तरह अक्साई चिन भारत से चला गया. किस तरह पीओके लेने का मौका हमने गवां दिया. किस तरह सिंधु जल समझौता एक धोखा था. PM मोदी ने 60 साल की कहानी सुनाते हुए कहा, लम्हों ने खता की और सदियों ने सजा पाई… पीएम मोदी ने कहा, आजादी के बाद से ही जो फैसले लिए गए, उनकी सजा आज तक देश भुगत रहा है. अक्साई चिन की जगह, उस पूरे क्षेत्र को ‘बंजर जमीन’ करार दिया गया, यह कहकर के देश की 38,000 वर्ग किलोमीटर जमीन हमें खोनी पड़ी. मैं जानता हूं मेरी कुछ बातें चुभने वाली हैं. 1962 और 1963 के बीच, कांग्रेस के नेता जम्मू कश्मीर के पुंछ, उरी, नीलम वैली और किशनगंगा को छोड़ देने का प्रस्ताव रख रहे थे. वो भी लाइन ऑफ पीस के नाम पर किया जा रहा था. … 1966 : रण ऑफ कच्छ पर इन्हीं लोगों ने मध्यस्थता स्वीकार की थी. एक बार फिर उन्होंने 800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पाकिस्तान को सौंप दिया. ….. 1965 की जंग में हाजी पीर पास को सेना ने वापस जीत लिया था, लेकिन कांग्रेस ने उसे फिर लौटा दिया. …… 1971 : पाकिस्तान के 93 हजार फौजी हमारे पास बंदी थे. पाकिस्तान का हजारों वर्ग किलोमीटर एरिया हमारी सेना ने कब्जा किया था. हम बहुत कुछ कर सकते थे. उस दौरान, अगर थोड़ा सा विजन होता, थोड़ी सी समझ होती तो पाक अधिकृत कश्मीर वापस लेने का निर्णय हो सकता था.
वो मौका था, वो मौका भी छोड़ दिया गया. इतना सब कुछ जब टेबल था तो कम से कम करतारपुर साहिब को तो ले सकते थे. …. 1974 : श्रीलंका को कच्चीतिवु गिफ्ट कर दिया गया. आज तक भारतीय मछुआरों की जान पर आफत आती है……. कांग्रेस दशकों से यह इरादा लेकर चल रही थी कि सियाचिन से सेना हटा दी जाए. 2014 में देश ने इनको मौका नहीं दिया वर्ना आज सियाचिन भी हमारे पास नहीं होता. ………आज जो लोग हमें डिप्लोमेसी का पाठ पढ़ा रहे हैं, मैं उन्हें कुछ डिप्लोमेसी याद दिलाना चाहता हूं…… 26/11 के आतंकी हमले के बाद कांग्रेस का पाकिस्तान से प्रेम नहीं रुका. विदेशी दबाव में हमले के कुछ हफ्तों के भीतर ही, कांग्रेस सरकार ने पाकिस्तान से बातचीत शुरू कर दी….. कांग्रेस सरकार ने एक भी डिप्लोमेट को भारत से बाहर निकालने की हिम्मत नहीं की. एक वीजा तक कैंसिल नहीं किया. देश पर पाकिस्तानी स्पॉसर्ड बड़े-बड़े हमले होते गए, लेकिन यूपीए सरकार ने पाकिस्तान को ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ का दर्जा देकर रखा था…….. एक तरफ देश मुंबई के हमले का न्याय मांग रहा था, यूपीए सरकार पाकिस्तान के साथ व्यापार करने में लगी थी. पाकिस्तान वहां से खून की होली खेलने वाले, यहां कांग्रेसी अमन की आशा के मुशायरे करते रहे. हमने यह वनवे ट्रैफिक बंद कर दिया.
पाकिस्तान की परमाणु ब्लैकमेलिंग अब नहीं चलेगी, हमने आतंकी अड्डों को धुआं-धुआं किया: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के दौरान पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत अब पाकिस्तान की परमाणु ब्लैकमेलिंग से डरने वाला नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर के ज़रिए भारत ने आतंकी ठिकानों को नष्ट करते हुए यह साबित कर दिया कि अब कोई भी परमाणु धमकी भारत को रोक नहीं सकती।
‘पाकिस्तान के कई एयरबेस आज आईसीयू में’
पीएम मोदी ने कहा, भारत ने बहावलपुर और मुरीदके जैसे पाकिस्तान के आतंकी अड्डों को जमींदोज कर दिया है। हमारी सेना ने ऐसा कर दिखाया है जिसे पहले कोई सोच भी नहीं सकता था। पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ है और उनके कई एयरबेस आज आईसीयू में पड़े हैं।
तकनीक आधारित युद्ध की मिसाल
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह लड़ाई केवल परंपरागत हथियारों की नहीं, बल्कि तकनीक आधारित युद्ध की मिसाल है। उन्होंने कहा कि भारत की तकनीकी ताकत ने पाकिस्तान के सामने उसकी कमजोरी उजागर कर दी है। उन्होंने कहा कि हमने जो तकनीकी क्षमता पिछले 10 वर्षों में विकसित की, उसी का नतीजा है कि हम इस युद्ध को निर्णायक रूप से लड़ पाए।
‘आत्मनिर्भर भारत’ की शक्ति दुनिया ने देखी
मोदी ने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को ‘आत्मनिर्भर भारत’ की शक्ति दिखाई है। इस मिशन में भारत में बने ड्रोन और मिसाइलों का प्रयोग किया गया, जिससे पाकिस्तान की विदेशी हथियार प्रणालियों की पोल खुल गई। उन्होंने कहा, यह केवल सैन्य जीत नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की जीत भी है। अब दुनिया समझ रही है कि भारत न सिर्फ अपने हितों की रक्षा कर सकता है, बल्कि तकनीकी रूप से भी वैश्विक मंच पर ताकतवर बन चुका है।
हमें वैश्विक समर्थन मिला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की विदेश नीति पर यहां बहुत कुछ कहा गया। वैश्विक समर्थन पर भी चर्चा हुई। हमें वैश्विक समर्थन मिला। लेकिन दुर्भाग्य से, मेरे देश के वीर जवानों के पराक्रम को कांग्रेस का समर्थन नहीं मिला।


