भोपाल| मध्य प्रदेश की राजनीति में उसे समय भूचाल आ गया जब पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को नपुंसक बता दिया। बता दे मध्य प्रदेश की राजनीतिक इतिहास में पहली बार किसी पूर्व मुख्यमंत्री ने इस तरह का बयान दिया है। दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए और उन्हें “नपुंसक” बताया। सिंह ने आरोप लगाया कि शर्मा उन्हें आतंकियों का हिमायती मानते हैं, जो उनकी “नपुंसकता” को दर्शाता है। सिंह ने यह टिप्पणी पद्मनाभ नगर में मीडिया से बातचीत के दौरान की। दिग्विजय सिंह ने कहा कि “ट्रिपल इंजन सरकार” के बावजूद उचित कार्रवाई न होने से वह निराश हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी की गवर्नेंस नीति में “तुम भी खाओ, हमें भी खिलाओ” वाली नीति लागू है, जिससे राज्य में भ्रष्टाचार और लापरवाही को बढ़ावा मिल रहा है।
छतरपुर की घटनाओं पर प्रतिक्रिया
सिंह ने छतरपुर में मुसलमान परिवारों के साथ हुई ज्यादती की घटनाओं की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई की है। उन्होंने इसे बीजेपी और उसके संगठनों की सुनियोजित योजना करार दिया, जिसमें मुसलमानों को लक्षित किया जा रहा है। सिंह ने आरोप लगाया कि आरएसएस और बीजेपी का रवैया “हिटलर की तरह” है, जिसने यहूदियों को टारगेट बनाया, वही आज मुसलमानों के खिलाफ अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी और आरएसएस ने अंग्रेजों के समय की तर्ज पर हिंदू-मुस्लिम को अलग करने की नीति अपनाई है।
इंदौर हाईकोर्ट में लंबित याचिका
दिग्विजय सिंह ने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस के पालन को लेकर 2021 में उन्होंने इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। लेकिन तीन साल बीत जाने के बावजूद सरकार ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया। सिंह ने कहा कि वह इस मामले में वरिष्ठ एडवोकेट से चर्चा करेंगे और वर्तमान निर्देशों के आधार पर याचिका में इंटरविनर बनेंगे। उन्होंने कहा कि संविधान का पालन सभी सीएम, पीएम, और अधिकारियों के लिए अनिवार्य है, और यदि वे इसका पालन नहीं करते, तो यह अपराध की श्रेणी में आता है। सिंह की इस बयानबाजी से मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से हलचल मच गई है। बीजेपी और दिग्विजय सिंह के बीच आरोप-प्रत्यारोप की यह जंग अब राजनीति के अन्य मुद्दों पर भी प्रभाव डाल सकती है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भिंड में मुसलमानों के घर तोड़े जाने के मामले में वे न्यायालय जाएंगे और स्वयं मुकदमा लड़ेंगे। उन्होंने कलेक्टर भिंड संजीव श्रीवास्तव पर आरोप लगाया कि उन्होंने पिछले 20 वर्षों में इतनी बेशर्मी से नियमों का उल्लंघन नहीं देखा है।
नियम-कानून को दरकिनार कर, सब कुछ मर्जी के अनुसार चल रहा है; रिश्वत खाओ, ठेका दो, और जो भी करना है करो। उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात के ठेकेदार मध्य प्रदेश आ रहे हैं, और यह भाजपा और मोदी का शासन मॉडल है। उन्होंने कहा कि 100 रुपए में से 40 रुपए नेताओं, दलालों और अधिकारियों में बंट रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने जातिगत जनगणना की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने धर्म के आधार पर किसी के साथ भेदभाव को अपराध बताते हुए भी प्रतिक्रिया दी। पूर्व मंत्री राजा पटेरिया ने छतरपुर में प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई की निंदा की और कहा कि मुसलमानों को लक्षित कर उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि छतरपुर में मौजूदा माहौल को देखते हुए, कभी भी उनके और दिग्विजय सिंह के खिलाफ मॉब लिंचिंग के रूप में एनकाउंटर किया जा सकता है। इससे पहले, सीपीआईएम के जसविंदर सिंह ने छतरपुर की घटना की जांच की जानकारी दी।


