तोमर, पटेल समेत कई सांसदों इस्तीफा नहीं दिया तो सांसदी जाना तय, शिवराज ने कहा- नहीं जाएंगे दिल्ली

प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

भोपाल| केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल समेत मध्य्रपदेश के पांच की सदस्यता खतरे में है। दरअसल, यह लोग सांसद रहते हुए विधायक चुने गए हैं। ऐसे में इन्हें जल्द तय करना होगा कि वह किस सदन के सदस्य बने रहना चाहते हैं। अगर ऐसा नहीं किया तो इन्हें संसद की सदस्यता से हाथ धोना पड़ सकता है। नियमों के हिसाब से दो सदनों की सदस्यता 14 दिन से ज्यादा नहीं रख सकते हैं। फिलहाल सदन का सत्र चल रहा है और यह सभी उसमें शामिल हो रहे हैं। दरअसल, मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, फग्गन सिंह कुलस्ते समेत सांसद राकेश सिंह, रीति पाठक, गणेश सिंह, राव उदय प्रताप सिंह को मैदान में उतारा था।

इसमें गणेश सिंह और फग्गन सिंह चुनाव हार गए हैं। ऐसे में इन पर सदस्यता छोड़ने का कोई दबाव नहीं है। लेकिन बाकी सभी नेताओं को 14 दिन के भीतर तय करना होगा कि वह किस सदन के सदस्य रहना चाहते हैं। दरअसल, लोकसभा और राज्यसभा के नियमों के हिसाब से दो सदनों की सदस्यता महज 14 दिन तक रखी जा सकती है, अगर इससे ज्यादा दिनों तक रहती है तो संसद की सदस्यता खत्म कर दी जाती है। नियमों के हिसाब से दिनों की गिनती रिजल्ट घोषित होने वाले दिन से होती है। ऐसे में भाजपा नेताओं के 14 दिनों की गिनती तीन दिसंबर से होगी।

शिवराज ने कहा, नहीं जाएंगे दिल्ली
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ कर दिया कि वह दिल्ली नहीं जाएंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह कोई मुख्यमंत्री के लिए रेस में नहीं हैं। अगर पार्टी बनाएगी तो बनेंगे और नहीं बनाएगी तो पार्टी के कार्यकर्ता के तौर पर काम करेंगे। हालांकि उनके दिल्ली नहीं जाने वाले बयान को दो तरह से भी देखा जा रहा है।

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