डीग : 10वीं की छात्रा का दिनदहाड़े अपहरण, स्कूल गेट पर कट्टा लगाकर कार में डालकर ले गए आरोपी

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डीग। डीग जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां एक 10वीं कक्षा की छात्रा का दिनदहाड़े स्कूल के बाहर से अपहरण कर लिया गया। छात्रा जैसे ही अपनी अर्धवार्षिक परीक्षा देकर स्कूल से बाहर निकली, पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उसकी कनपटी पर कट्टा तान दिया। अपहरणकर्ताओं ने छात्रा को धमकाते हुए उसे जबरदस्ती कार में बैठाने की कोशिश की। जब आसपास के लोग उसकी मदद के लिए पहुंचे, तो आरोपियों ने हवाई फायरिंग कर उन्हें डरा दिया। घटना के बाद आरोपी छात्रा को लेकर मौके से फरार हो गए।

दहेज प्रताड़ना के चलते पिता के साथ रह रही थी छात्रा

पीड़िता के पिता ने पहाड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी की शादी करीब एक साल पहले गोपालगढ़ इलाके के एक युवक से की गई थी। लेकिन शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष दहेज के लिए लड़की को प्रताड़ित करने लगा। जब प्रताड़ना बढ़ गई, तो लड़की के पिता उसे अपने घर वापस ले आए। नाबालिग छात्रा अपने पिता के साथ रहते हुए पढ़ाई कर रही थी। वह इस समय 10वीं कक्षा में थी। सोमवार को वह अपनी अर्धवार्षिक परीक्षा देने स्कूल गई थी। परीक्षा समाप्त होने के बाद, जब वह स्कूल गेट से बाहर निकली, तो यह भयावह घटना घटी।

डराने के लिए की गई फायरिंग

अपहरण की इस घटना में आरोपी न केवल हथियार लेकर आए थे, बल्कि उन्होंने छात्रा को धमकाने के साथ-साथ हवाई फायरिंग कर वहां मौजूद लोगों को डराया भी। इस वजह से कोई भी व्यक्ति लड़की को बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। आरोपी कार में लड़की को डालकर फरार हो गए। पुलिस की कार्रवाई : पीड़िता के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पहाड़ी थाना पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।पुलिस का कहना है कि अपहरणकर्ताओं को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर नाबालिग को सुरक्षित वापस लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

कानून और सामाजिक कुरीतियों पर सवाल : यह घटना सिर्फ एक अपहरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में गहराई तक मौजूद कुरीतियों को भी उजागर करती है। 14 साल की उम्र में लड़की की शादी करना बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 का उल्लंघन है। इसके साथ ही, दहेज प्रताड़ना और अब अपहरण जैसी घटनाएं महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। समाज और सरकार की जिम्मेदारी : इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कठोर कदम उठाने की जरूरत है। सरकार को बाल विवाह, दहेज प्रथा और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर रोक लगाने के लिए कानूनों को और सख्ती से लागू करना होगा। समाज को इन कुरीतियों के खिलाफ जागरूक होना पड़ेगा और बेटियों को सुरक्षित माहौल प्रदान करना होगा।

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