ठाणे | ठाणे के बदलापुर में दो 4 साल की लड़कियों के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है. इसके बाद गुस्साए बदलापुरवासियों ने ट्रेन रोक दी. बदलापुर रेलवे स्टेशन पर लोगों ने मुंबई जाने वाली ट्रेन के रास्ते को ब्लॉक कर दिया है. जानकारी के मुताबिक दोनों बच्चियों के साथ स्कूल में गर्ल्स वॉशरूम में 23 वर्षीय पुरुष सफाई कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न किया. इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है और सफाई कर्मचारी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है. अभिभावकों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि स्कूल ने छात्राओं की सुरक्षा को हल्के में लिया और कोई आश्वासन या माफी नहीं मांगी. वहीं, पुलिस जांच में स्कूल प्रबंधन की ओर से कई खामियां और लापरवाही सामने आई हैं. लड़कियों के वॉशरूम में कोई महिला अटेंडेंट न होने के अलावा, स्कूल में कई सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे और इस वजह से परिजनों में स्कूल के प्रति आक्रोश है. बदलापुर घटना मामले में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने एसआईटी स्थापन करने के आदेश जारी किए हैं. साथ की मामले की जांच फास्ट ट्रैक में चलाने के लिए ठाणे पुलिस आयुक्त को आदेश दिए हैं. वहीं दूसरी ओर उद्धव ठाकरे ने बदलापुर मामले पर सरकार पर हमला करते हुए कहा, सरकार राज्य में लाड़ली बहन योजना चला रही है लेकिन यह लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं. उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया है कि जिस स्कूल में घटना हुई वह स्कूल बीजेपी से संबंधित है.

पुलिस ने 12 घंटे बाद दर्ज किया था मामला
इसके बाद इस पूरे मामले में पेरेंट्स बच्चों को डॉक्टर के पास ले गए जहां मेडिकल जांच में यह पता लगा कि बच्चों को सेक्सुअल एसॉल्ट किया गया है। जब इस बात का पता लगा तो पैरंट्स अपनी शिकायत दर्ज करने के लिए बदलापुर ईस्ट पुलिस स्टेशन पहुंचे। पुलिस के ऊपर यह आरोप है कि शुरुआती दौर में सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर शुभदा शितोले ने पॉक्सो एक्ट मामला होने के बावजूद कथित तौर पर प्रक्रिया में देरी की और बीते शुक्रवार देर रात मामला दर्ज किया गया। मामला लगभग 12 घंटे देर से दर्ज़ किया गया। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस आधिकारी का ट्रांसफर कर दिया गया है।
सीएम शिंदे ने मामले में गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास का आरोप दर्ज करने का निर्देश दिया है
मुंबई से सटे ठाणे के बदलापुर में एक स्कूल में दो नाबालिग छात्राओं के यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है. जानकारी मिलते ही इन छात्राओं के परिजनों समेत सैकड़ों लोगों ने स्कूल का गेट बंद कर हंगामा किया. इसके बाद परिजन रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने पहले रेलवे ट्रैक पर बैठकर विरोध जताया, फिर तोड़फोड़ और पथराव शुरू कर दिया. इसके चलते इस रूट पर तीन घंटे तक लोकल ट्रेनों की आवाजाही बंद रही. वहीं इस बीच सीएम शिंदे ने मामले में गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास का आरोप दर्ज करने का निर्देश दिया है। सीएम ने कहा कि एक विशेष सरकारी वकील नियुक्त किया जाएगा और मामले की तेजी से सुनवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “मैंने ठाणे के पुलिस आयुक्त से बात की है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मैंने मामले को तेजी से निपटाने और आरोपी के खिलाफ बलात्कार के प्रयास और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने को कहा है।” वहीं, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में देरी पर सवाल उठाया है।
बदलापुर में क्या हुआ?
बदलापुर के एक स्कूल में दो किंडरगार्टन छात्राओं ( 3 और 4 साल की दो नाबालिग ) के साथ हाल ही में स्कूल के स्वीपर (सफाईकर्मी ) ने यौन शोषण किया। आरोपी ने 17 अगस्त को बाथरूम में लड़कियों के साथ यौन शोषण किया. अगले दिन 18 अगस्त को जब माता-पिता को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने एफआईआर दर्ज करायी. पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है. आरोपी अक्षय शिंदे को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया है. मंगलवार को गुस्साए अभिभावकों और नागरिकों ने स्कूल में घुसकर तोड़फोड़ की। वे सुबह 8.30 बजे से बदलापुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का रास्ता भी रोक रहे हैं। विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी भी की, लेकिन स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई। पीड़ित तीन और चार साल के हैं। उनके साथ स्कूल के शौचालय में दुर्व्यवहार किया गया। स्कूल प्रबंधन ने प्रिंसिपल, एक क्लास टीचर और एक महिला अटेंडेंट को निलंबित कर दिया है।
आरोपी 23 वर्षीय पुरुष सफाई कर्मचारी है।
यह हमला उस समय हुआ जब लड़कियां शौचालय का इस्तेमाल करने गई थीं। स्कूल ने लड़कियों के शौचालय के लिए कोई महिला कर्मचारी नियुक्त नहीं किया था। आरोपी अक्षय शिंदे को 1 अगस्त, 2024 को अनुबंध के आधार पर नियुक्त किया गया था। इस घटना का खुलासा तब हुआ जब एक लड़की ने अपने गुप्तांगों में दर्द की शिकायत की। बाद में उसने अपने माता-पिता को बताया कि जब वह शौचालय का इस्तेमाल करने गई थी, तब आरोपी ने उसके गुप्तांगों को छुआ। माता-पिता ने लड़की की सहेली के माता-पिता से संपर्क किया। उन्होंने सहेली को बताया कि उनकी बेटी भी स्कूल जाने से डरती है। इसके बाद माता-पिता ने स्थानीय चिकित्सक से अपनी लड़कियों की जांच कराई, जिसने बताया कि उन दोनों के साथ यौन उत्पीड़न किया गया था।
सीएमओ ने कार्रवाई का किया वादा
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बताया कि मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पाई गई तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ठाणे पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया है कि वे इस मामले को पूरी तत्परता और कुशलता से निपटाएं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने इस बात की पुष्टि करने के लिए समीक्षा करने को कहा है कि क्या स्कूलों में सखी सावित्री समितियां बनाई गई हैं, जो छात्रों की सहायता और सुरक्षा के लिए बनाई गई हैं, सीएमओ ने कहा। शिंदे ने स्कूल सुरक्षा में सुधार लाने तथा भविष्य में दुर्व्यवहार को रोकने के लिए कई उपाय प्रस्तावित किए हैं, जैसे प्रत्येक स्कूल में शिकायत पेटी लगाना, छात्रों के साथ अक्सर बातचीत करने वाले स्कूल स्टाफ की जांच बढ़ाना।


