एजेंसी, लखनऊ| जून 2025 से कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जो आपकी जेब और वित्तीय स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं। ये बदलाव यूपीआई, PF, एलपीजी सिलेंडर की कीमतों और अन्य क्षेत्रों से जुड़े हैं। आइए, इन आठ बड़े बदलावों को विस्तार से समझते हैं:-
ईपीएफओ 3.0 का लॉन्च
सरकार जून में ईपीएफओ 3.0 लॉन्च करने की योजना बना रही है। इसके लागू होने से पीएफ क्लेम प्रक्रिया आसान हो जाएगी। साथ ही, ATM और यूपीआई के जरिए पैसे निकालने की सुविधा मिलेगी। इससे देश के 9 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ होगा।
आधार कार्ड अपडेट की मुफ्त सुविधा खत्म
UIDAI द्वारा दी जा रही मुफ्त आधार अपडेट सुविधा 14 जून 2025 तक उपलब्ध है। इस तारीख के बाद आधार अपडेट के लिए 50 रुपये का शुल्क देना होगा।
क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव
कोटक महिंद्रा बैंक के क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए 1 जून से नए नियम लागू होंगे। अगर ऑटो डेबिट ट्रांजैक्शन फेल होता है, तो 2% बाउंस चार्ज (न्यूनतम 450 रुपये, अधिकतम 5000 रुपये) लगेगा। साथ ही, अधिकांश क्रेडिट कार्ड पर मासिक फाइनेंस चार्ज 3.5% (42% वार्षिक) से बढ़कर 3.75% (45% वार्षिक) हो सकता है।
सीएनजी, पीएनजी और एटीएफ की कीमतों में बदलाव
हर महीने की तरह, 1 जून 2025 को सीएनजी, पीएनजी और एयर टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में संशोधन हो सकता है। मई में इनकी कीमतों में कटौती की गई थी, और जून में भी बदलाव की संभावना है।
LPG सिलेंडर की कीमतें
1 जून को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव हो सकता है। मई में 14 किलो के घरेलू सिलेंडर की कीमतें स्थिर थीं, जबकि 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 17 रुपये की कटौती हुई थी।
FD और लोन की ब्याज दरें
रिजर्व बैंक के रेपो रेट में कटौती के बाद बैंक जून में फिक्स्ड डिपॉजिट और लोन की ब्याज दरों में बदलाव कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक ने 5 साल की FD की ब्याज दर 8.6% से घटाकर 8% कर दी है।
म्यूचुअल फंड का नया नियम
SEBI ने ओवरनाइट म्यूचुअल फंड स्कीम्स के लिए नया कट-ऑफ समय लागू किया है। 1 जून से ऑफलाइन ट्रांजैक्शन के लिए समय दोपहर 3 बजे और ऑनलाइन के लिए शाम 7 बजे होगा। इसके बाद के ऑर्डर अगले कार्यदिवस पर माने जाएंगे।
यूपीआई ट्रांजैक्शन नियम
NPCI ने यूपीआई पेमेंट के लिए नया नियम लागू किया है, जिसके अनुसार पेमेंट करते समय केवल ‘अंतिम लाभार्थी’ का बैंकिंग नाम दिखाई देगा। QR कोड या संशोधित नाम अब प्रदर्शित नहीं होंगे। यह नियम 30 जून 2025 तक सभी यूपीआई ऐप्स पर लागू हो सकता है। ये बदलाव आपकी वित्तीय योजनाओं और खर्चों को प्रभावित कर सकते हैं। समय रहते इसकी जानकारी रखें और आवश्यक कदम उठाएं।


