अजय सिंह राहुल

ग्वालियर में 15 श्रद्धालुओं की मृत्यु पर अजय सिंह राहुल ने जताया गहरा शोक

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ग्वालियर में 15 श्रद्धालुओं की मृत्यु पर अजय सिंह राहुल ने जताया गहरा शोक

एजेंसी, भोपाल। नवरात्रि के 9 पावन दिनों में जहां एक तरफ चारों ओर भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिल रहा था, वहीं दूसरी ओर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। माता शीतला के दरबार में अपनी आस्था प्रकट करने के लिए पैदल यात्रा कर रहे निर्दोष श्रद्धालुओं के साथ हुई इस हृदयविदारक घटना ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। यह हादसा उस वक्त हुआ जब भक्तजन पूरी श्रद्धा के साथ माता के दर्शन की अभिलाषा लिए अपने रास्ते पर आगे बढ़ रहे थे। अचानक हुए इस भयंकर एक्सीडेंट से घटनास्थल पर चीख पुकार मच गई और उत्सव का पूरा माहौल पल भर में गहरे मातम में तब्दील हो गया।

इस भयंकर ट्रेजडी की खबर जैसे ही सामने आई, पूरे पॉलिटिकल और सोशल सिस्टम में शोक की लहर दौड़ गई। समाज का हर वर्ग इस घटना से स्तब्ध है और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कर रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए तमाम बड़े नेताओं ने अपने सारे कार्यक्रम रोककर दुख की इस घड़ी में अपना समर्थन और सांत्वना जाहिर की है। लोगों का मानना है कि आस्था के पथ पर चलते हुए ऐसे मासूम लोगों का काल के गाल में समा जाना बेहद पीड़ादायक और विचलित करने वाला है।

अजय सिंह ने जताया गहरा शोक

कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, जिन्हें लोग सम्मान से राहुल भैया कहकर बुलाते हैं, ने इस घटना पर अपना बेहद गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से अपना शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि माता शीतला के दर्शन के लिए जा रहे 100 से अधिक श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ हुई यह दुर्घटना दिल दहला देने वाली है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की है कि वह दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें और उनके शोक संतप्त परिवारों को इस अकल्पनीय दुख को सहन करने की अपार शक्ति प्रदान करें। अजय सिंह ने इस ट्रेजडी के शिकार लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा यह समय राजनीति करने का नहीं बल्कि उन परिवारों के साथ मजबूती से खड़े होने का है जिन्होंने अपने प्रियजनों को इस दर्दनाक एक्सीडेंट में हमेशा के लिए खो दिया है। पीड़ित परिवारों के लिए उचित मुआवजे और घायलों के बेहतर मेडिकल ट्रीटमेंट की भी मांग की है।

एडमिनिस्ट्रेशन और पब्लिक सेफ्टी पर उठते गंभीर सवाल

इस विशाल हादसे ने एक बार फिर से धार्मिक पदयात्राओं के दौरान पब्लिक सेफ्टी और ट्रैफिक मैनेजमेंट के सिस्टम पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर साल लाखों की तादाद में श्रद्धालु देवी देवताओं के दर्शन के लिए कई किलोमीटर की लंबी पदयात्रा करते हैं। ऐसे में हाईवे और मुख्य सड़कों पर चलने वाले इन श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना लोकल एडमिनिस्ट्रेशन और पुलिस विभाग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। भारी वाहनों की तेज रफ्तार और सड़कों पर उचित बैरिकेडिंग की कमी अक्सर ऐसे खतरनाक एक्सीडेंट्स का मुख्य कारण बनती है। समाज के प्रबुद्ध नागरिक और सोशल एक्टिविस्ट अब यह मांग कर रहे हैं कि भविष्य में इस तरह की किसी भी ट्रेजडी को रोकने के लिए सरकार को एक सॉलिड एक्शन प्लान तैयार करना चाहिए। श्रद्धालुओं के लिए अलग से सेफ कॉरिडोर बनाने और रात के समय पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था करने जैसे कदम उठाना अब समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। जब तक एडमिनिस्ट्रेशन इस दिशा में 100 प्रतिशत मुस्तैदी नहीं दिखाएगा, तब तक निर्दोष लोगों की जान जाने का यह सिलसिला रोकना काफी मुश्किल होगा।

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