कोलकाता रेप-मर्डर केस : सुप्रीम कोर्ट बोला- 30 साल में ऐसी लापरवाही नहीं देखी, पुलिस की भूमिका पर भी संदेह

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कोलकाता/नई दिल्लीl कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 9 अगस्त को हुए ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जिसके बाद एम्स के डॉक्टरों ने 11 दिन से चल रही हड़ताल खत्म कर दी है। इससे पहले सीजेआई ने कहा था कि डॉक्टर काम पर लौट आएं। अस्पतालों की स्थिति जानता हूं। मैं खुद एक सरकारी अस्पताल के फर्श पर सोया हूं, जब मेरे परिवार का एक सदस्य बीमार था। वापस आने के बाद आप पर कोई एक्शन नहीं लिया जाएगाl सीजेआई ने कहा कि हमें बताया गया कि डॉक्टर काम पर वापस जाने के लिए तैयार हैं। राज्य सरकारें डॉक्टरों के लिए कुछ सुरक्षा इंतजाम कर सकती हैं। हम केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय निर्देश देते हैं कि वे राज्य के मुख्य सचिवों और डीजीपी के साथ मिलकर सुरक्षा सुनिश्चित करें। यह एक्सरसाइज 1 हफ्ते में पूरी हो जानी चाहिए। राज्य 2 हफ्ते के अंदर इसे लागू करें। सुनवाई के दौ रान सीबीआई ने कोर्ट में कहा- क्राइम सीन से छेड़छाड़ हुई है। जस्टिस जेबी पारदीवाला ने कहा- कोलकाता पुलिस की भूमिका पर संदेह है। जांच में ऐसी लापरवाही अपने 30 साल के करियर में नहीं देखी। मामले में अगली सुनवाई 5 सितंबर को होगी।

आरजी कर मेडिकल हॉस्पिटल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष सहित 4 डॉक्टर्स के होंगे पॉलीग्राफ टेस्ट, कोर्ट ने सीबीआई को दी मंजूरी
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष, एक सिविक वॉलेंटियर और चार जूनियर डॉक्टरों की पॉलीग्राफ टेस्ट करने की कोर्ट ने सीबीआई को अनुमति दे दी. सीबीआई ने गुरुवार को कोलकाता के सियालदह कोर्ट से इस बाबत फरियाद की थी. कोर्ट ने सीबीआई की फरियाद के बाद पॉलीग्राफ टेस्ट करने की अनुमति दे दी है. बता दें कि कोलकाता में डॉक्टर रेप मामले में सीबीआई लगातार संदीप घोष से पूछताछ कर रही है, लेकिन उनके बयान में विसंगतियां पाई गई हैं. उसके बाद सीबीआई ने कोर्ट से पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए फरियाद की थी. बता दें कि गुरुवार को आरजी कर हॉस्पिटल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को लेकर सीबीआई ने सियालदह कोर्ट में याचिका दायर की थी. सीबीआई ने संदीप घोष केअलावा पांच अन्य लोगों की पॉलीग्राफी जांच के लिए आवेदन किया था. इस बीच गुरुवार को भी सीबीआई लगातार सातवें दिन भी पूछताछ कर रही है. सीबीआई पिछले शुक्रवार से उनसे पूछताछ कर रही है. उनसे आरजी द्वारा महिला डॉक्टर से रेप और हत्या के मामले में पूछताछ की जा रही है. बुधवार रात को सीबीआई ने संदीप घोष की कार की तलाशी ली थी. उनकी कार के ड्राइवर से भी पूछताछ की गई. संदीप ने स्वास्थ्य विभाग की गाड़ी का इस्तेमाल किया था.

संदीप घोष से सीबीआई कर रही पूछताछ
आरजी द्वारा महिला डॉक्टर का शव बरामद होने के बाद संदीप घोष की भूमिका को लेकर कई तरह की शिकायतें सामने आई हैं. डॉक्टर से रेप और हत्या के मामले में अस्पताल के जूनियर डॉक्टर न्याय की मांग को लेकर सड़क पर हैं. वे शुरू से ही संदीप घोष के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. आंदोलन के दबाव में आकर संदीप घोष ने खुद ही इस्तीफा दे दिया. लेकिन उस दिन उन्हें दूसरे अस्पताल का निदेशक नियुक्त कर दिया गया. उस नियुक्ति पर भी बड़ा हंगामा हुआ था.

चार जूनियर डॉक्टरों की भी होगी पॉलीग्राफी टेस्ट
बाद में कलकत्ता हाई कोर्ट ने उन्हें छुट्टी पर भेज दिया. इसके बाद डॉक्टरों के आंदोलन की मांग को देखते हुए बुधवार को संदीप घोष को नेशनल मेडिकल डायरेक्टर के पद से भी हटा दिया गया. इस बीच, उन्होंने सुरक्षा की मांग करते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. बुधवार को मामले की सुनवाई हुई. संदीप घोष के घर के सामने पुलिस पिकेट लगाया गया है. उच्च न्यायालय ने राज्य को आवश्यक सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया है. आरजी रेप मामले में अब तक एक शख्स की गिरफ्तारी हो चुकी है. उसका भी पॉलीग्राफ टेस्ट होगा. इसके साथ ही चार जूनियर डॉक्टरों की भी पॉलीग्राफी टेस्ट होगी.

सीजेआई ने क्या-क्या कहा-

सीजेआई ने कहा- डॉक्टरों ने आशंका व्यक्त की है कि उनमें से कुछ के खिलाफ अतीत में हुए विरोध प्रदर्शनों के संबंध में कार्रवाई की जा रही है। हमें आश्वासन दिया गया है कि डॉक्टर काम पर वापस लौट आएंगे। आज के आदेश की तारीख के बाद काम पर वापस आने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कोई बलपूर्वक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। हम आदेश देते हैं कि विरोध प्रदर्शन के बाद काम पर वापस आने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।

सीजेआई ने कहा- डॉक्टर्स और अन्य पक्षकारों की ओर से कई वकीलों ने अपना पक्ष रखा। पहले निर्णय लिया गया था कि नेशनल टास्क फोर्स सभी पक्षकारों से परामर्श करेगा। इस प्रकार हम आशा और विश्वास करते हैं कि प्रभावित होने वाले सभी हितधारकों और चिकित्सा पेशेवरों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल बनाए रखने के लिए जिम्मेदार लोगों की बात सुनी जाएगी। वकीलों ने कुछ अतिरिक्त सुझाव दिए हैं जैसे कि इमरजेंसी कॉल सिस्टम, इंस्टीट्यूशनल एफआईआर दर्ज करना और मुआवजा संकट निधि का गठन करना। एनटीएफ को इन सभी पर विचार करना चाहिए। हम भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव को निर्देश देते हैं कि वे मंत्रालय की वेबसाइट पर एक पोर्टल खोलें, जहां सभी पक्षकार समिति के सामने अपने सुझाव रख सकें।

सीजेआई ने कहा- मौत की जांच सीबीआई को करने दीजिए और तोड़फोड़ की जांच कोलकाता पुलिस को करने दीजिए। हमने कभी नहीं कहा कि सामान्य कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाएगा। केवल इतना कहा कि केवल विरोध प्रदर्शन के लिए गिरफ्तारी न करें। हमें सीबीआई और कोलकाता पुलिस की स्थिति रिपोर्ट मिल गई है। कोलकाता पुलिस विरोध-प्रदर्शन के बाद छात्रावास में हुई तोड़फोड़ की जांच कर रही है। रिकॉर्ड से पता चलता है कि आरोपी का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने का अनुरोध एसीजेएम सियालदह को सौंपा गया है और यह प्रोसेस में है। एसीजेएम सियालदह 23 अगस्त, 2024 को शाम 5 बजे से पहले इस आवेदन पर आदेश पारित करेंगे।

सीजेआई ने कहा- एफआईआर 14 घंटे देरी से दर्ज की गई
कॉलेज के प्रिंसिपल को सीधे कॉलेज आकर एफआईआर दर्ज करानी चाहिए थी, वह किसका बचाव कर रहे हैं?
उन्होंने इस्तीफा दिया तो दूसरे कॉलेज को काम सौंप क्यों दिया?
जस्टिस पारदीवाला ने कहा- राज्य सरकार ने इस केस में इस तरह से काम किया, जो मैंने अपने 30 साल के करियर में नहीं देखा। पहली बात, क्या यह सच है कि अननैचुरल डेथ रिपोर्ट 10:30 बजे दर्ज की गई थी? दूसरी बात, यह असिस्टेंट सुपरिडेंडेंट नॉन-मेडिकल कौन है, उसका आचरण भी बहुत संदिग्ध है, उसने ऐसा व्यवहार क्यों किया?

पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष पर आरोप…
फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स को टारगेट कर परेशान कराना, उनकी रैगिंग कराना, उन्हें शराब पिलाना।
फर्स्ट ईयर की फीमेल स्टूडेंट्स और अस्पताल की महिला कर्मियों को टारगेट करके उनके साथ शारीरिक संबंध बनाना।
संदीप घोष की शह पर स्टूडेंट्स का अस्पताल में बाहर से लड़कियां लेकर आना।
पैसे लेकर छात्रों को एग्जाम में पास कराना, छात्रों के साथ बैठकर शराब पीना।
अनक्लेमड डैड बॉडी को प्राइवेट हॉस्पिटल को दे देना, शवों की हेराफेरी करना।

कलकत्ता हाईकोर्ट में 4 सितंबर को सुनवाई
रेप-मर्डर केस में 21 अगस्त को कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष की जांच के लिए एसआईटी बनाई है। यह उन्हें बचाने के लिए एक दिखावा है। हालांकि, कोर्ट ने कहा, ‘हम इस मामले को अब 4 सितंबर को सुनेंगे।’ उधर बंगाल सरकार ने मामले से जुड़ी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने की बात कही। इस पर हाईकोर्ट चीफ जस्टिस टीएस शिवगनम ने कहा, मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है। रिपोर्ट अपने पास रखिए इसे सुप्रीम कोर्ट में दिखाइए। हाईकोर्ट में पिछली सुनवाई 16 अगस्त को हुई थी। तब चीफ जस्टिस टीएस शिवगनम ने राज्य सरकार और पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा था कि अस्पताल में तोड़फोड़ के लिए 7 हजार की भीड़ आई थी। पुलिस क्या कर रही थी? पुलिस खुद को नहीं बचा पा रही, तो डॉक्टर निडर होकर कैसे काम करेंगे।

आरोपी संजय रॉय का लाई डिटेक्टर टेस्ट होगा
ट्रेनी डॉक्टर से रेप-हत्या का आरोपी संजय रॉय का लाई डिटेक्टर टेस्ट होगा। कोलकाता की अदालत ने सीबीआई को इसकी इजाजत दे दी है। संजय 10 अगस्त से पुलिस गिरफ्त में है। ट्रेनी डॉक्टर से रेप-हत्या का आरोपी संजय रॉय का लाई डिटेक्टर टेस्ट होगा। कोलकाता की अदालत ने सीबीआई को इसकी इजाजत दे दी है। संजय 10 अगस्त से पुलिस गिरफ्त में है।

आरोपी ने डॉक्टर का बुरी तरह शोषण किया
अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर मामले नई जानकारी सामने आई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि गला घोंटकर पीड़ित की हत्या की गई थी। पुलिस ने ट्रेनी डॉक्टर के परिवार को 12 अगस्त को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें बताया गया कि 8-9 अगस्त की रात रेप और मारपीट के बाद ट्रेनी डॉक्टर की गला और मुंह दबाकर हत्या हुई थी। घटना 9 अगस्त की सुबह 3 से 5 बजे के बीच होने का अनुमान है। चार पेज की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी ने डॉक्टर का बुरी तरह शोषण किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- एक और रेप का इंतजार नहीं कर सकते
कोलकाता रेप-मर्डर मामले में सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने 20 अगस्त को सुनवाई की। CJI ने कहा- व्यवस्था में सुधार के लिए हम और एक रेप का इंतजार नहीं कर सकते। डॉक्टर्स की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए टास्क फोर्स बना रहे हैं, इसमें 9 डॉक्टर्स को शामिल किया गया है, जो मेडिकल प्रोफेशनल्स की सुरक्षा, वर्किंग कंडीशन और उनकी बेहतरी के उपायों की सिफारिश करेगी। टास्क फोर्स में केंद्र सरकार के पांच अधिकारी भी शामिल किए गए हैं।

कोलकाता रेप-हत्या मामला: दिल्ली के चिकित्सकों का प्रदर्शन 11वें दिन भी जारी, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
नई दिल्ली। कोलकाता के एक अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला चिकित्सक से कथित बलात्कार और उसकी हत्या की घटना के विरोध में रेजिडेंट चिकित्सकों का अनिश्चितकालीन प्रदर्शन बृहस्पतिवार को 11वें दिन भी जारी है। उच्चतम न्यायालय ने प्रदर्शनकारी चिकित्सकों से काम पर लौटने का अनुरोध किया है। इसके बावजूद यह प्रदर्शन जारी है। विरोध प्रदर्शन के कारण दिल्ली भर के अस्पतालों में सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। उच्चतम न्यायालय ने चिकित्सकों और स्वास्थ्य पेशेवरों की सुरक्षा तथा सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए एक राष्ट्रीय प्रोटोकॉल विकसित करने के वास्ते मंगलवार को 10 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्य बल (एनटीएफ) गठित किया। वाइस एडमिरल आरती सरीन की अध्यक्षता वाले 10 सदस्यीय कार्यबल को तीन सप्ताह के भीतर अपनी अंतरिम रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। चिकित्सकों के कई प्रमुख संगठनों ने कार्यबल की संरचना पर असंतोष व्यक्त किया है। चिकित्सकों के एक संगठन के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हम कार्यबल के सदस्यों के चयन के आधार को नहीं समझ पा रहे। इसमें रेजिडेंट चिकित्सकों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए था, जिसकी हम वकालत कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर का भी प्रतिनिधित्व होना चाहिए, क्योंकि हिंसा की घटनाएं मुख्य रूप से सरकारी अस्पतालों में होती हैं, निजी अस्पतालों में नहीं।’’

देश भर से पिछले 10 दिनों में 900 रेप केस आए सामने, अभिषेक बनर्जी बोले- बलात्कार के मामलों में 50 दिनों के भीतर सजा दिलाने वाले कानून की जरूरत
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने यौन उत्पीड़न के मामलों में 50 दिनों के भीतर दोषसिद्धि अनिवार्य करने वाले कानून की वकालत करते हुए बृहस्पतिवार को दावा किया कि कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में एक चिकित्सक के साथ बलात्कार और फिर उसकी हत्या की घटना के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान ही देश में ऐसे 900 से अधिक मामले हुए हैं। बनर्जी ने सभी राज्यों से आग्रह किया कि वे केंद्र सरकार पर बलात्कार रोधी समग्र कानून बनाने के लिए दबाव डालें, जिससे इन मामलों में त्वरित सुनवाई हो और आरोपियों को कड़ी सजा मिल सके। बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला प्रशिक्षु के साथ हुए जघन्य अपराध के खिलाफ पिछले 10 दिनों में जब लोग सड़कों पर प्रदर्शन और न्याय की मांग कर रहे हैं, उसी दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में बलात्कार की 900 घटनाएं हुई हैं।”

उन्होंने कहा, ”देश में हर दिन बलात्कार की 90 घटनाएं, प्रति घंटे ऐसी चार तथा प्रति 15 मिनट में बलात्कार की एक घटना सामने आती है इसलिए इन मामलों में निर्णायक कार्रवाई की जरुरत है। हमें ऐसे मजबूत कानूनों की जरूरत है जो 50 दिनों के भीतर सुनवाई और दोषसिद्धि कर सकें और उसके बाद कठोर सजा दे सकें, न कि केवल खोखले वादे करें। राज्य सरकारों को कार्रवाई करनी चाहिए और केंद्र सरकार पर बलात्कार रोधी समग्र कानून बनाने के लिए दबाव डालना चाहिए जो त्वरित सुनवाई कर सके और सख्त सजा दे सके। जागो भारत!” कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नौ अगस्त को ड्यूटी के दौरान एक स्नातकोत्तर प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के साथ बलात्कार किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। घटना के विरोध में देशभर में प्रदर्शन का सिलसिला जारी है।

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