एजेंसी, मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश के 23.81 लाख किसानों की फसलें बारिश, बाढ़ और कीटों की वजह से खराब हुई है। इन्हें सरकार ने 18.02 करोड़ रुपए के नुकसान की भरपाई कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन प्रभावित किसानों को आरबीसी 6 (4) के तहत सीधे खातों में राशि दी है। बाकी के नुकसान की राशि बीमा कंपनियों द्वारा की जाएगी। सीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी, बिजली, शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, फसलों पर समर्थन मूल्य और फसल बीमा की राशि का समय पर अंतरण किया है। इससे किसान भाइयों के मन में एक नया विश्वास, एक नई उम्मीद जागी है। प्राकृतिक आपदा से हुई विभिन्न क्षतियों की पूर्ति के लिए राहत के रूप में 178.45 करोड़ रुपए वितरित किए गए। फसल हानि और विभिन्न आपदा से प्रभावित किसानों को लगभग 1802 करोड़ रुपए की राहत दी गई है।
किसानों की हर कठिनाई में सरकार साथ: सीएम
मुख्यमंत्री का कहना है कि अतिवृष्टि हो या बाढ़, कीट व्याधि हो या कोई और प्राकृतिक आपदा, किसान हर मौसम में फसल नुकसानी का जोखिम उठाते हैं। फसल नुकसानी हुई, तो घर की साल भर की अर्थव्यवस्था बिगड़ जाती है। हमारी सरकार किसानों को ऐसे हालात में कभी अकेला नहीं रहने देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की हर कठिनाई में सरकार उनके साथ है। हमारी सरकार किसानों की सरकार है। किसानों का दु:ख पूरे प्रदेश का दु:ख है और किसानों के सुख से ही प्रदेश का सुख है। किसानों को हर जरूरी मदद और राहत राशि देने में हम कभी कोई कमी नहीं करेंगे।
अब तक तीन गुना अधिक राहत बांटी
प्रभावित किसानों को वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक लगभग 1802 करोड़ रुपए की राहत राशि वितरित की जा चुकी है, जो गत वित्त वर्ष में बांटी गई राशि से करीब तीन गुना अधिक है। प्रदेश के हर जरूरतमंद किसान को सहयोग और संबल दिया जा रहा है। 2021-22 में 1590.74 करोड़ रुपए, 2022-23 में 726.15 करोड़ और 2023-24 में 758.62 करोड़ की राहत राशि सरकार ने बांटी थी। बता दें कि फसल हानि के लिए 23 लाख 81 हजार 104 प्रभावित किसानों को 1623.51 करोड़ रुपए राहत राशि दी गई है।


