एचएमपीवी वायरस को चीन ने बताया सर्दी की बीमारी, भारत ने कहा – “चिंता की कोई बात नहीं”

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नई दिल्ली| करीब 5 साल पहले कोरोना महामारी ने दुनिया में दस्तक देते हुए हड़कंप मचा दिया था। कोविड-19 नाम की इस महामारी, जिसने दुनियाभर में 2020 से अपना असली रूप दिखाना शुरू किया था, बेहद ही जानलेवा बीमारी साबित हुई। इस महामारी की वजह से दुनियाभर में करोड़ों लोगों की जान गई थीं। कोरोना से बचाव के लिए लोगों को कड़े नियमों का पालन करना पड़ा था। इस महामारी की शुरुआत चीन से हुई थी। अब एक बार फिर चीन में एक नई महामारी के संकेत मिले हैं। हम बात कर रहे हैं एचएमपीवी वायरस की।

चीन ने बताया सर्दी की बीमारी
एचएमपीवी वायरस से मचे हाहाकार और महामारी के संकेत के बीच अब इस पूरे मामले पर चीन की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आ गई है। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने इस बारे में बयान दिया कि यह सिर्फ सर्दी की एक बीमारी है। इस वायरस के लक्षणों पर गौर किया जाए, तो वो सर्दियों की दूसरी संक्रमित बीमारियों जैसे खांसी, बुखार, सिर दर्द, सांस लेने में तकलीफ और नाक बंद होना ही हैं। ऐसे में माओ ने कहा है कि चीन की सरकार अपने देशवासियों की चिंता करती है और इस बीमारी से डरने की कोई ज़रूरत नहीं है। साथ ही लोगों को यह संदेश भी दिया कि वो बिना डरे चीन की यात्रा कर सकते हैं।

भारत ने कहा – “चिंता की कोई बात नहीं”
चीन के सभी पड़ोसी देश स्थिति पर पूरी नज़र बनाए हुए हैं। इनमें भारत भी शामिल है। हालांकि भारत की तरफ से भी इस मामले में प्रतिक्रिया सामने आ गई है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के अधिकारी डॉ. अतुल गोयल ने लोगों से कहा है कि चिंता की कोई बात नहीं है और चीन में एचएमपीवी वायरस के फैलने से घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है। डॉ. अतुल ने इसे दूसरे रेस्पिरेटरी वायरस की ही तरह बताया, जिनमें सर्दी वाली बीमारियों के लक्षण होते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अब तक नहीं जाहिर की प्रतिक्रिया
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अब तक इस पूरे मामले पर कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की है। अमेरिकी बीमारी कंट्रोल विभाग के अनुसार एचएमपीवी से फेफड़ों में संक्रमण हो सकता है और इस बीमारी से हर उम्र के लोग प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि बच्चों और बुज़ुर्गों को इससे संक्रमित होने का ज़्यादा खतरा रहता है।

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