ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर अमेरिका के हमले, ट्रंप की चेतावनी के बाद अब ईरान बोला- यूएन राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन

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एजेंसी, वाशिंगटन, तेहरान, तेल अवीव। इजराइल-ईरान के बीच जारी संघर्ष का आज 10वां दिन है। इस जंग में अब अमेरिका भी शामिल हो गया है। अमेरिका ने ईरान के 3 परमाणु ठिकानों पर हमला किया है। अमेरिका के हमले के जवाब में ईरान ने इजराइल के 14 शहरों पर मिसाइलें दागीं हैं। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक हाइफा और तेल अवीव के मिलिट्री और रिहायशी ठिकानों पर ईरानी मिसाइलें गिरी हैं। जिसमें कई इमारतें तबाह हो गई। रेस्क्यू टीम ने मौके से बच्चों, महिलाओं और कई पालतू जानवरों को बचाया। इजराइ ल में अब तक 23 लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है। अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों फ़ोर्दो, नतांज़ और इस्फ़हान पर हमले किए हैं. हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “ईरान को अब शांति स्थापित करनी होगी.” ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा है कि अमेरिका ने यूएन राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन किया है. इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्या मिन नेतन्याहू बोले, ‘पहले ताक़त आती है और फिर शांति आती है.’ इसराइली सेना का कहना है कि उसने ईरान के पश्चिमी हिस्से में मौजूद सैन्य ठिकानों पर स्ट्राइक शुरू कर दी है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से हालात को और बिगड़ने से रोकने और यूएन चार्टर समेत अंतरराष्ट्रीय क़ानून का पालन करने की अपील की. इस बीच हमास ने बयान जारी कर कहा है कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय शांति व स्थिरता पर सीधा हमला किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों फ़ोर्दो, नतांज़ और इस्फ़हान पर अपने हमले पूरे किए हैं. इन हमलों को ईरान ने यूएन चार्टर का उल्लंघन बताया है. रविवार की सुबह ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “हमने फ़ोर्दो, नतांज़ और इस्फ़हान समेत ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर सफलतापूर्वक हमलों को अंजाम दिया है. सभी विमान अब ईरान के वायु क्षेत्र से बाहर हैं.” ट्रंप ने आगे लिखा कि फ़ोर्दो पर ‘सारे बम’ गिराए गए हैं और सभी विमान सुरक्षित रूप से अमेरिका वापस लौट रहे हैं. साथ ही ट्रंप ने लिखा कि ‘हमारे महान अमेरिकी योद्धाओं को बधाई. दुनिया में कोई और सेना नहीं है जो ये कर सकती थी. अब शांति का समय है.’

डोनाल्ड ट्रंप का बयान
वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने अमेरिका पर यूएन चार्टर का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया, “संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य अमेरिका ने ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला करके संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय क़ानून और एनपीटी का गंभीर उल्लंघन किया है.” “आज सुबह की घटनाएं क्रूर हैं और इनके दीर्घकालिक परिणाम होंगे. संयुक्त राष्ट्र के हर सदस्य को इस बेहद ख़तरनाक, अराजक और आपराधिक व्यवहार से चिंतित होना चाहिए.” इसके साथ ही ईरानी विदेश मंत्री ने लिखा, “संयुक्त राष्ट्र चार्टर और आत्मरक्षा में वैध प्रतिक्रिया की अनुमति देने के इसके प्रावधानों के अनुसार, ईरान के पास अपनी संप्रभुता, हित और लोगों की रक्षा के लिए सभी विकल्प हैं.” डोनाल्ड ट्रंप ने इस सैन्य अभियान के बाद राष्ट्र के नाम संबोधन दिया है जिसमें इस हमले की पूरी जानकारी दी है.

अमेरिका के हमलों के बाद इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने एक बयान दिया है. उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप और मैं अक्सर कहते हैं, ‘ताक़त के ज़रिए शांति.’ पहले ताक़त आती है और फिर शांति आती है.” नेतन्याहू ने कहा, “आज रात, राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिका ने बहुत ताक़त से कार्रवाई की है.” अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन हमलों के बाद राष्ट्र के नाम संबोधन दिया है. उन्होंने फ़ोर्दो, नतांज़ और इस्फ़हान पर हमलों की पुष्टि करते हुए कहा है कि ‘हर कोई इन नामों को तब से सुन रहा है तब से वे इन भयानक विनाशकारी उपक्रम को बना रहे हैं.” “आज हम दुनिया को बता सकते हैं कि हमले शानदार और सफल रहे.” उन्होंने इस दौरान कहा कि ईरान को ‘अब शांति स्थापित करनी होगी.’ “अगर वो ये नहीं करता है तो भविष्य में होने वाले हमले बेहद बड़े और आसान होंगे.” डोनाल्ड ट्रंप ने इन हमलों के लिए इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और इसराइली सेना का शुक्रिया अदा किया. इसके साथ ही ट्रंप ने कहा कि अभी बहुत से ठिकानों को निशाना बनाया जाना बाक़ी है.

कैसे किया गया हमला?
अब्बास अराग़ची की प्रतिक्रिया- रॉयटर्स समाचार एजेंसी के मुताबिक़, इसराइल के सरकारी प्रसारणकर्ता केन से एक इसराइली अधिकारी ने कहा है कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले में इसराइल ने अमेरिका के साथ ‘पूरा तालमेल’ बनाए रखा. रॉयटर्स समाचार एजेंसी के मुताबिक़, अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि ईरान पर अमेरिकी हमलों में बी-2 बॉम्बर्स शामिल हैं. इससे पहले ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई थीं कि अमेरिका ने यूएस बी-2 स्टेल्थ बॉम्बर्स को कथित तौर पर गुआम द्वीप पर भेजा है. इसके बाद ऐसा माना जा रहा था कि अमेरिका ईरान पर हमले में इसे इस्तेमाल कर सकता है.

ईरान की ओर से क्या कहा गया?
ईरान की परमाणु एजेंसी एईओआई ने तीन ईरानी परमाणु ठिकानों के अमेरिका के ‘बर्बर हमलों’ की निंदा की है. संगठन ने इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएई ए) की ‘बेरुख़ी और यहां तक कि इसमें साझेदारी’ को लेकर उसकी निंदा की है. एईओआई ने वैश्विक समुदाय से अपील की है कि वो ‘हमलों की निंदा करे और ईरान के उचित रुख़ का समर्थन करे.’ वहीं ईरान के सरकारी टीवी चैनल के डिप्टी पॉलिटिकल डायरेक्टर हसन अबेदिनी ने सरकारी टीवी चैनल पर ये दावा किया है कि ईरान ने परमाणु ठिकानों को ‘पहले ही ख़ाली करा लिया था.’ उन्होंने ये भी कहा कि अगर ट्रंप जो कुछ कह रहे हैं वो सच भी हो तो ईरान को ‘किसी बड़े धमाके से कोई नुक़सान नहीं हुआ क्योंकि पदार्थों को पहले निकाल लिया गया था.’ तस्नीम समाचार एजेंसी के मुताबिक़, क़ौम प्रांत के संकट प्रबंधन के प्रवक्ता मोर्तज़ा हैदरी ने कहा है कि ‘फ़ोर्दो परमाणु केंद्र के इलाक़े का एक हिस्सा हवाई हमले की चपेट में आया है.’ इस्फ़हान के सिक्योरिटी डिप्टी गवर्नर अकबर सलेही ने कहा है कि, “नतांज़ और इस्फ़हान में कई धमाकों की आवाज़ें सुनी गई हैं. हमने इस्फ़हान और नतांज़ के परमाणु ठिकानों के नज़दीक हमलों को देखा है.” ट्रंप ने जिन तीन ठिकानों पर हमले का दावा किया है उसकी ईरानी अधिकारियों ने पुष्टि कर दी है. इन हमलों की निंदा करते हुए हमास ने एक बयान जारी किया है. जारी किए गए बयान में हमास ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय क़ानून का घोर उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय शांति व स्थिरता पर सीधा हमला बताया है.

अमेर‍िकी हमलों से ईरानी न्‍यूक्‍ल‍ियर प्‍लांट को क‍ितना नुकसान? पहाड़ के अंदर बनी सुरंगों में क‍ितनी मची तबाही, सैटेलाइट तस्‍वीरों से खुलासा

अमेरिकी B-2 बॉम्बर ने ईरानी न्यूक्लियर साइटों पर हमला किया.
फोर्डो प्लांट के गेट और पहाड़ को नुकसान हुआ.
ईरान ने अब तक नुकसान का आकलन नहीं किया.

अमेर‍िकी राष्‍ट्रपत‍ि डोनाल्‍ड ट्रंप ने दावा क‍िया क‍ि अमेर‍िकी बी-2 स्‍टील्‍थ बॉम्‍बर बमवर्षक विमानों ने ईरानी न्‍यूक्‍ल‍ियर साइटों पर तबाही मचाई है. लेकिन इन हमलों में क‍ितना नुकसान हुआ? क्‍या पहाड़ के अंदर बनी सुरंगों में भी तबाही मची. अब तस्‍वीरें सामने आई हैं. अमेरिकी हमले के बाद ली गई सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण एसोसिएटेड प्रेस ने किया है, जिसमें फोर्डो न्‍यूक्‍ल‍ियर प्‍लांट के गेट पर काफी नुकसान दिखाई दे रहा है. ऐसा लग रहा है क‍ि पहाड़ में गहराई तक गड़ढा बन गया है. हवा में हल्के भूरे रंग का धुआं छाया हुआ दिख रहा है.
प्लैनेट लैब्स पीबीसी की तस्वीरों में पहाड़ को भी नुकसान दिखाई दे रहा है, जो जाहिर तौर पर न्‍यूक्‍ल‍ियर प्‍लांट में घुसने वाले रास्‍ते को रोक रहा है. इसका मतलब है कि ईरान को अंदर किसी भी चीज तक पहुंचने के लिए इस मलबे को हटाना होगा.

पहले ली गई तस्वीरों की तुलना में पहाड़ का रंग भी बदला-बदला दिख रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि विस्फोट के कारण स्थल के चारों ओर मलबा फैल गया. इससे यह भी संकेत मिलता है कि इस केंद्र पर विशेष अमेरिकी बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया था. हवा में हल्के ग्रे रंग का धुआं भी छाया हुआ दिख रहा. ईरान ने अब तक घटनास्थल पर हुए नुकसान का आकलन पेश नहीं किया है. इससे पहले आईएईए ने कहा कि इस्‍फहान में ईरान के न्‍यूक्‍ल‍ियर प्‍लांट पर हुए हमलों में पहले से क्षतिग्रस्त चार इमारतों के अलावा छह इमारतें भी गिरीं, लेकिन उनमें बहुत कम या कोई परमाणु सामग्री नहीं थी. अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कहा, आज लक्षित सुविधाओं में या तो कोई परमाणु सामग्री नहीं थी या प्राकृतिक या कम समृद्ध यूरेनियम की थोड़ी मात्रा थी. इसका अर्थ है कि कोई भी रेडियोधर्मी संदूषण क्षतिग्रस्त या नष्ट हुई इमारतों तक ही सीमित है.

अमेरिकी हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान से की बात, बढ़ते तनाव पर जताई चिंता

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से बातचीत की तथा ईरान और इजराइल के बीच तनाव को संवाद और कूटनीति के माध्यम से घटाने की अपील की। प्रधानमंत्री मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान के बीच फोन पर यह बातचीत अमेरिका द्वारा ईरान के तीन परमाणु स्थलों पर बमबारी किए जाने के कुछ ही घंटे बाद हुई। इस बमबारी से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया। पीएम मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने तनाव बढ़ने पर ‘गहरी चिंता’ जतायी। मोदी ने कहा, ‘‘ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान से बात की। हमने वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। तनाव बढ़ने पर गहरी चिंता जतायी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने तनाव तत्काल कम करने की अपील की और क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति का मार्ग अपनाने की अपील की।’’

वाम दलों ने की ईरान पर अमेरिकी हमलों की निंदा
वाम दलों ने रविवार को ईरान के परमाणु स्थलों पर हुए अमेरिकी हमलों की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का “गंभीर उल्लंघन” करार दिया। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) महासचिव एम.ए. बेबी ने चेतावनी दी कि इसका असर वैश्विक स्तर पर होगा और इससे भारत भी अछूता नहीं रहेगा। बेबी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “हम ईरान के परमाणु स्थलों पर अमेरिकी हमले की स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं। यह अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है। (अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड) ट्रंप ने इस हमले का आदेश अमेरिकी खुफिया जानकारी को नज़रअंदाज़ करते हुए दिया कि ईरान परमाणु हथियार बनाने का प्रयास नहीं कर रहा है।”

भारत घूमने आ रहीं महिला टूरिस्ट्स सावधान! अमेरिका ने कहा, अकेले सफर न करें वरना…
अमेरिका ने भारत के लिए लेवल-2 ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। इसमें अपराध, आतंकवाद और महिला सुरक्षा को लेकर चेतावनी दी गई है। एडवाइजरी के मुताबिक, अगर कोई अमेरिकी नागरिक भारत आता है तो यहां के कुछ राज्यों में यात्रा से पहले उन्हें इजाजत लेनी होगी। 16 जून को अमेरिका ने भारत के लिए एक लेवल-2 ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। इसमें अमेरिकी नागरिकों को भारत यात्रा करते समय ‘अधिक सतर्कता बरतने’ की सलाह दी गई है। इस एडवाइजरी की मुख्य वजह अपराध और आतंकवाद बताई गई है। खासकर महिलाओं और पर्यटक स्थलों को लेकर चेतावनी दी गई है।

भारत में तेजी से बढ़ रहे अपराध और खतरे
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत में रेप सबसे तेजी से बढ़ते अपराधों में से एक है। पर्यटक स्थलों, ट्रांसपोर्ट हब, मार्केट और सरकारी इमारतों में हिंसक घटनाएं और यौन हमले हो सकते हैं। आतंकवादी बिना चेतावनी के हमला कर सकते हैं। अमेरिका ने महिला यात्रियों को अकेले यात्रा न करने की सलाह दी है। खासकर रात में बाहर न निकलने और स्थानीय संस्कृति को समझने की सलाह दी गई है। एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि ग्रामीण इलाकों में अमेरिकी नागरिकों की मदद करने में सरकार की क्षमता सीमित है। इन क्षेत्रों में पूर्वी महाराष्ट्र, उत्तरी तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के ग्रामीण हिस्से शामिल हैं।

इन राज्यों की यात्रा से पहले लेनी होगी इजाजत
अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, मेघालय और ओडिशा जैसे राज्यों के राजधानी शहरों से बाहर जाने के लिए विशेष अनुमति लेनी होगी।इसके अलावा पूर्वी महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्सों में यात्रा के लिए भी इजाजत जरूरी होगी।

जम्मू-कश्मीर और भारत-पाक बॉर्डर पर विशेष सतर्कता
जम्मू-कश्मीर, भारत-पाक सीमा और मणिपुर समेत पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर भी खास चेतावनी जारी की गई है। अमेरिका ने कहा है कि इन क्षेत्रों में आतंकवाद और अशांति के चलते खतरा ज्यादा है। एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि भारत-नेपाल बॉर्डर को पैदल पार करने से बचें क्योंकि इससे इमिग्रेशन डिटेंशन और जुर्माने का खतरा बना रहता है।

सेटेलाइट फोन और जीपीएस डिवाइस रखने पर लाखों का जुर्माना
एडवाइजरी में कहा गया है कि भारत में सेटेलाइट फोन या जीपीएस डिवाइस रखना अवैध है। इसके लिए 2 लाख डॉलर का जुर्माना या 3 साल तक की जेल हो सकती है।

 

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