एजेंसी, जोधपुर| लव जिहाद और धर्मांतरण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने ‘लव जिहाद’ और धर्मांतरण को राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि जबरदस्ती, प्रलोभन या धोखे से किया गया धर्मांतरण अनुचित है, क्योंकि इससे समाज में अशांति फैलती है। आंबेकर ने यह बात जोधपुर में आरएसएस की तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक के आखिरी दिन मीडिया से बातचीत में कही।
सुनील आंबेकर की प्रमुख बातें……
आरएसएस की बैठक में धर्मांतरण और अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा हुई, जिस पर सुनील आंबेकर ने पांच मुख्य बिंदुओं को रेखांकित किया:
जनजातीय क्षेत्रों में धर्मांतरण की बढ़ती समस्या
आंबेकर ने बताया कि जनजातीय और वनवासी क्षेत्रों में धर्मांतरण की समस्या तेज़ी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वनवासी कल्याण आश्रम जैसे संगठन इन क्षेत्रों में छात्रावास और जनजातीय लोगों के अधिकारों के लिए काम कर रहे हैं, फिर भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
धर्मांतरण के खिलाफ संघ की रणनीति
आरएसएस और उससे जुड़े संगठन धर्मांतरण की समस्या से निपटने के लिए एक व्यापक रणनीति पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज के साधु-संतों और जागरूक व्यक्तियों के साथ मिलकर इस समस्या को उजागर किया जा रहा है, खासकर उन मामलों को जो जबरदस्ती, लालच या भ्रम से किए गए हैं। विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठन भी लोगों तक पहुंच बनाने के लिए बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।
कानूनी और सामाजिक पहल
धर्मांतरण के मामलों को रोकने के लिए कानूनी कदम भी उठाए जा रहे हैं। विभिन्न संगठनों द्वारा कई मामले दर्ज किए गए हैं और न्यायालयों में ले जाए जा रहे हैं। इसके अलावा, सेवा भारती जैसे संगठन सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों की मदद कर रहे हैं ताकि उन्हें धर्मांतरण के लिए प्रलोभित न किया जा सके।
धर्मांतरण एक राष्ट्रीय चुनौती
आंबेकर ने धर्मांतरण को सिर्फ एक धार्मिक मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव के लिए एक गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल हिंदू धर्म की रक्षा की नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय अस्मिता को बचाने की भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी और इस समस्या का समाधान होगा।
बंगाल में अवैध घुसपैठ की समस्या
बैठक में पश्चिम बंगाल में बढ़ती अवैध घुसपैठ पर भी चिंता व्यक्त की गई। आंबेकर ने कहा कि बांग्लादेश से बड़ी संख्या में अवैध घुसपैठिए बंगाल में रह रहे हैं, जिससे उपद्रव और कानून-व्यवस्था की समस्याएं पैदा हो रही हैं। उन्होंने बताया कि इन समस्याओं को रोकने के लिए कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर काम किया जा रहा है ताकि शांति सुनिश्चित की जा सके।


