अब 2047 की आबादी के आधार पर तैयार होगा भोपाल का मास्टर प्लान

प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

भोपाल। भोपाल के जिस मास्टर प्लान 2031 पर दावे-आपत्तियां सुनी गई थीं, उसे अब बार फिर नए सिरे से तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है। नया मास्टर प्लान वर्ष 2047 तक होने वाली संभावित आबादी के अनुपात में जरुरतों ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भोपाल मास्टर प्लान के ड्राफ्ट को लेकर शुक्रवार को शहर के जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। जनप्रतिनिधियों ने पुराने मास्टर प्लान के कई प्रविधानों पर असहमति जताई और भविष्य के लिए सुझाव दिए। विजयवर्गीय ने नए बिंदुओं और मिले सुझावों के आधार पर नया मास्टर प्लान बनाने की बात कही।
विधायकों ने जताया था एतराज
गौरतलब है कि भोपाल के मौजूदा ड्राफ्ट पर सत्ताधारी दल के विधायकों की नाराजगी और आपत्तियां ही भारी पड़ी थी। हुजूर क्षेत्र से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने तो ड्राफ्ट को शहर की 35 लाख आबादी के साथ धोखा बताया था। वहीं गोविंदपुरा विधायक कृष्णा गौर ने भी आपत्ति ली थी।
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भोपाल के सभी तालाब विशेष रूप से बड़ा तालाब यहां की लाइफ लाइन और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण है। तालाब और भोपाल की पुरातत्वीय विरासत को संरक्षित करते हुए मास्टर प्लान में प्रविधान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि, भोपाल का पृथक से ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाएगा जिसमें सड़कों की पर्याप्त चौड़ाई, फ्लायओवर और मेट्रो सेवा के साथ-साथ विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राजधानी के सुव्यवस्थित विकास और नागरिकों को सभी बुनियादी सुविधाएं सुलभ तरीके से मिल सके, इसके लिये सभी प्रविधान किए जाएंगे। बैठक में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, महापौर मालती राय, सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, विधायक रामेश्वर शर्मा, आतिफ अकील, पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह, पूर्व निगम अध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा और प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई भी मौजूद थे।
मास्टर प्लान 2031 के इन बिदुओं पर आपत्ति

  • शहरी क्षेत्र के साथ 32 पंचायतों को भी शामिल किया जाने पर विधायक रामेश्वर शर्मा पहले ही आपत्ति जता चुके हैं, उनका कहना है, इसके लिए ग्राम सभा से अनुमति नहीं ली गई।
  • बड़े तालाब का कैचमेंट क्षेत्र बिना किसी मुआवजे एवं नोटिफिकेशन के 2800 हेक्टेयर से 3872 हेक्टर करने पर तालाब के नजदीक के गांवों के किसान लगातार आपत्ति ले रहे हैं।
  • हरियाली वाले क्षेत्र को विकास क्षेत्र में सम्मलित करने पर जागरुक नागरिकों ने की आपत्ति।
  • एक हजार वर्गफीट तक के भूंखडों पर एमओएफ पर छूट का प्रविधान नहीं होने पर हैं कई आपत्तियां।
    मास्टर प्लान को लेकर लिए गए निर्णय के प्रमुख बिंदु
  • भोपाल मास्टर प्लान का नये सिरे से ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा।
  • संपूर्ण प्रक्रिया दिसंबर 2024 तक पूरी की जायेगी।
    -पूर्व के मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में प्राप्त करीब पांच हजार से अधिक आपत्तियों को ध्यान में रखकर नवीन ड्राफ्ट मई-2024 में प्रकाशित किया जाएगा।
  • 30 प्रतिशत कंपाउंडिंग नगद भुगतान पर करने के लिये अगस्त-2024 तक विशेष अभियान चलाया जाएगा।
  • नवीन मास्टर प्लान अब वर्ष 2031 के स्थान पर वर्ष 2047 तक की आवश्यकताओं के आधार पर बनाया जाएगा।

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