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मप्र विधानसभा का विशेष सत्र: ‘नारी शक्ति वंदन’ संकल्प पर भारी हंगामा, कांग्रेस का वॉकआउट

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मप्र विधानसभा का विशेष सत्र: ‘नारी शक्ति वंदन’ संकल्प पर भारी हंगामा, कांग्रेस का वॉकआउट

एजेंसी, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का सोमवार को आयोजित विशेष सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन’ संकल्प पेश किए जाने के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके विरोध में कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने के संकल्प पर चर्चा करना था। सत्र की शुरुआत में दिवंगत गायिका आशा भोंसले और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई समेत कई दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

संकल्प पर टकराव और कांग्रेस का विरोध

विधानसभा में मुख्यमंत्री ने संकल्प पत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना अनिवार्य है। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नियमों का हवाला देते हुए ‘प्वाइंट ऑफ ऑर्डर’ उठाना चाहा, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने संकल्प पेश होने के बाद ही अवसर देने की बात कही। कांग्रेस का मुख्य विरोध इस बात पर था कि उनके द्वारा दिए गए अशासकीय संकल्प को अस्वीकार कर दिया गया। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब आरक्षण देना ही है, तो मौजूदा सीटों पर क्यों नहीं दिया जा सकता? उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन का बहाना बनाकर महिला आरक्षण को टाला जा रहा है।

सत्ता पक्ष का हमला: कांग्रेस महिला विरोधी

सदन में चर्चा के दौरान भाजपा मंत्रियों और विधायकों ने कांग्रेस पर जमकर प्रहार किए। मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि महात्मा गांधी के सपनों को प्रधानमंत्री मोदी पूरा कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस की सोच महिला विरोधी है। मंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि बिल का विरोध कर विपक्ष ने गलत संदेश दिया है, जिसका जवाब प्रदेश की महिलाएं देंगी। वहीं, भाजपा विधायक मीना सिंह ने घोषणा की कि महिला आरक्षण में बाधा डालने के लिए कांग्रेस के खिलाफ सदन में निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और ओमप्रकाश धुर्वे ने भी संकल्प का समर्थन करते हुए कहा कि आधी आबादी को उनके हक से अब वंचित नहीं रखा जा सकता।

विधायक अभिजीत शाह का ट्रैक्टर मार्च और पुलिस से झड़प

विधानसभा सत्र के दौरान बाहर भी माहौल गरमाया रहा। कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह एक अनोखे विरोध प्रदर्शन के तहत ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर विधानसभा की ओर कूच कर रहे थे। हालांकि, पुलिस ने मंत्रालय के पास बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और विधायक के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई। विधायक का दावा था कि उन्होंने ट्रैक्टर का पास बनवाया था, जबकि पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वाहन को आगे जाने की अनुमति नहीं दी।

अशासकीय संकल्प पर विधानसभा अध्यक्ष की व्यवस्था

सदन में अशासकीय संकल्प को लेकर चल रहे विवाद पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने महत्वपूर्ण व्यवस्था दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी विषय पर सरकार की ओर से शासकीय संकल्प आ जाता है, तो उसी विषय पर किसी अन्य अशासकीय संकल्प पर चर्चा नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि पुराने नियमों और प्रावधानों के तहत ही कांग्रेस के संकल्प को अस्वीकार किया गया है। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी दोहराया कि विधिसम्मत तरीके से ही चर्चा को आगे बढ़ाया जा रहा है। फिलहाल, महिला आरक्षण के मुद्दे पर प्रदेश की सियासत पूरी तरह गर्मा गई है।

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