चीन : भूकंप के झटकों से ढह गईं 13 इमारतें, 7000 लोग सुरक्षित निकाले गए
एजेंसी, बीजिंग। चीन के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में सोमवार की सुबह एक बड़ा प्राकृतिक संकट देखने को मिला जब पूरा इलाका तेज भूकंप के झटकों से हिल गया। इस भीषण प्राकृतिक आपदा की वजह से चीनी प्रांत ग्वांग्शी के लियूझोउ शहर में भारी तबाही मची है। जमीन हिलने की इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागने लगे। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार इस भीषण आपदा में अब तक दो नागरिकों की दुखद मौत हो चुकी है और एक अन्य व्यक्ति के लापता होने की खबर सामने आ रही है जिसकी तलाश के लिए स्थानीय प्रशासन लगातार कोशिशें कर रहा है। भूगर्भ वैज्ञानिकों के मुताबिक रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.2 दर्ज की गई है जो काफी नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखती है।
Al menos dos muertos, cuatro heridos y unos 7,000 desplazados dejó un temblor ocurrido este domingo en China, de magnitud 5,2, que afectó específicamente la región de Guangxi, en el sur del país.
Asimismo, al menos 13 edificios habrían colapsado. El sismo se registró en la… pic.twitter.com/F005owFaCC
— Noticias Telemicro (@NTelemicro5) May 18, 2026
तबाही का मंजर और ढह गई कई इमारतें
इस प्राकृतिक झटके के कारण रिहायशी इलाकों में संपत्ति को बड़ा नुकसान पहुंचा है। सरकारी सूचना तंत्र और स्थानीय समाचार एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक कुल 13 बड़ी इमारतें पूरी तरह से जमींदोज हो गई हैं। इन ढही हुई इमारतों के मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। आपदा प्रबंधन की टीमें और राहत कर्मी भारी मशीनों के साथ मौके पर पहुंच चुके हैं और मलबे को हटाकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर चला रहे हैं।
हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया
सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए स्थानीय प्रशासन ने बेहद मुस्तैदी से काम लिया है। किसी भी अप्रिय घटना या संभावित आफ्टरशॉक से जनता को बचाने के लिए प्रभावित क्षेत्र से 7,000 से अधिक लोगों को तुरंत रेस्क्यू करके सुरक्षित ठिकानों और राहत शिविरों में भेज दिया गया है। इस पूरी घटना में चार नागरिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिन्हें मलबे की चपेट में आने के तुरंत बाद पास के अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि सभी घायलों की स्थिति नियंत्रण में है और उनकी जान को कोई खतरा नहीं है। इस भीषण तबाही के बीच एक राहत की बात यह रही कि क्षेत्र में बिजली, पानी, गैस और संचार जैसी जरूरी सेवाएं पूरी तरह चालू हैं और सड़क मार्ग भी बाधित नहीं हुआ है।
रेल सेवाओं पर पड़ा असर और सुरक्षा जांच शुरू
भूकंप के जोरदार झटकों का सीधा असर क्षेत्र के परिवहन नेटवर्क पर भी देखने को मिला है। रेलवे विभाग के उच्च अधिकारियों ने पटरियों और पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत बड़े पैमाने पर जांच अभियान शुरू कर दिया है। रेलवे ट्रैक और सिग्नल सिस्टम की पूरी मजबूती को परखा जा रहा है ताकि भविष्य में किसी भी तरह के रेल हादसे से बचा जा सके। प्रशासन ने रेल यात्रियों को पहले ही सचेत कर दिया है कि इस सघन सुरक्षा जांच की वजह से कई ट्रेनों के समय में बदलाव हो सकता है और यातायात में देरी का सामना करना पड़ सकता है।
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