एजेंसी, भोपाल। MP Horticulture Award 2026 : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पारंपरिक खेती की जगह आधुनिक कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और शासकीय योजनाओं का सही उपयोग किसानों की आर्थिक समृद्धि का नया मार्ग प्रशस्त करेगा। नई पद्धतियों को अपनाकर किसान अपनी फसल उपज बढ़ा सकते हैं और कृषि को एक टिकाऊ तथा लाभप्रद व्यवसाय में बदल सकते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए जानकारी दी कि उद्यानिकी और बागवानी फसलों के अभूतपूर्व विकास एवं क्षेत्र विस्तार के लिए मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि राज्य के कृषि वैज्ञानिकों, शासन की नीतियों और किसानों के परिश्रम का सामूहिक प्रतिफल है।
खेती की नई तकनीकें हैं किसानों की समृद्धि का नया द्वार…
‘कृषक कल्याण वर्ष-2026’ के अंतर्गत आज बैतूल में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ में भोपाल स्थित निवास से वर्चुअली जुड़कर किसानों से संवाद किया।
हमारी सरकार किसानों के कल्याण, उनकी आय में वृद्धि तथा खेती-किसानी को अधिक लाभकारी… pic.twitter.com/RLhVUsyo6n
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) August 3, 2026
बलराम कृषि महोत्सव में वीसी से शामिल हुए मुख्यमंत्री, बैतूल की उर्वरा धरा को सराहा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को बैतूल में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बैतूल जिले की उपजाऊ मिट्टी, सात नदियों के प्राकृतिक जल संरक्षण और स्थानीय किसानों के परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस क्षेत्र ने मक्का, गेहूं, धान और श्रीअन्न के उत्पादन में पूरे देश में एक नई मिसाल पेश की है। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई से 13 नवंबर तक आयोजित किए जा रहे इस चार माह लंबे बलराम कृषि महोत्सव का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रत्येक किसान तक उन्नत तकनीकों, आधुनिक कृषि उपकरणों और कल्याणकारी योजनाओं की सीधी जानकारी पहुंचाना है।
मूंग खरीदी की सीमा में वृद्धि और ई-टोकन व्यवस्था तत्काल प्रभाव से स्थगित
कृषक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य में मूंग उपार्जन के लिए पात्र किसानों की निर्धारित सीमा को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 60 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे अधिक से अधिक किसान अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच सकें। इसके साथ ही मूंग बिक्री के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 10 अगस्त और उपार्जन की अंतिम तारीख को 20 अगस्त तय किया गया है। किसानों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए खाद वितरण व्यवस्था में लागू की गई ई-टोकन प्रणाली को भी तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।
तापी बेसिन मेगा रिचार्ज प्रोजेक्ट से बढ़ेगी सिंचाई क्षमता और कृषि निर्यात को बढ़ावा
प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं और जल संरक्षण के विस्तार पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तापी बेसिन मेगा रिचार्ज बहुउद्देशीय परियोजना से बैतूल, बुरहानपुर और खंडवा जिलों में भू-जल स्तर में सुधार होगा और कृषि सिंचाई नेटवर्क को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार केवल फसल उत्पादन तक सीमित न रहकर फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज नेटवर्क, वेयरहाउसिंग और कृषि उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय निर्यात को बढ़ावा देने पर तेजी से कार्य कर रही है। इन ढांचागत सुधारों से किसानों को मंडियों में अपनी उपज का उचित और बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त हो सकेगा।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न 1: मध्य प्रदेश को किस क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार मिला है?
उत्तर: मध्य प्रदेश को उद्यानिकी यानी बागवानी फसलों के विकास और क्षेत्र विस्तार के लिए देश का प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
प्रश्न 2: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किस आयोजन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया?
उत्तर: उन्होंने बैतूल में आयोजित हो रहे बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया।
प्रश्न 3: मध्य प्रदेश सरकार ने मूंग उपार्जन की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर कितनी कर दी है?
उत्तर: राज्य सरकार ने कृषक कल्याण को ध्यान में रखते हुए पात्र किसानों के लिए मूंग खरीदी की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दी है।
प्रश्न 4: किसानों को खाद वितरण में सहूलियत देने के लिए कौन सी व्यवस्था फिलहाल के लिए स्थगित की गई है?
उत्तर: किसानों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है।
प्रश्न 5: तापी बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना से किन जिलों में सिंचाई क्षमता का विकास होगा?
उत्तर: इस बहुउद्देशीय परियोजना से बैतूल, बुरहानपुर और खंडवा जिलों में भू-जल स्तर सुधरेगा और सिंचाई क्षमता को नई मजबूती मिलेगी।
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