एजेंसी, स्यूटा। Spain Ceuta Migrant Crisis : उत्तर अफ्रीकी तट पर स्थित स्पेन के क्षेत्र स्यूटा में मोरक्को की ओर से जबरन सीमा पार करने की कोशिश कर रहे प्रवासियों के साथ एक अत्यंत भयावह हादसा हो गया है। गुरुवार सुबह करीब 3 हजार प्रवासियों के एक साथ स्पेनिश सीमा में घुसने के दौरान मची भगदड़ और अव्यवस्था में 34 अफ्रीकी प्रवासियों की दर्दनाक मौत हो गई। सीमा पर पुलिस की कड़ी घेराबंदी और सुरक्षा बाड़ के बीच बने बेहद संकरे रास्तों पर भीड़ का दबाव बढ़ने से लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जिससे दम घुटने, मलबे में दबने और समुद्र में डूबने के कारण यह बड़ा हादसा हुआ। इस हिंसक झड़प और भगदड़ में स्पेन तथा मोरक्को के 100 से अधिक सुरक्षा बल के जवान भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। स्पेनिश सरकार के अनुसार बीते 24 घंटे के भीतर समुद्र में तैरकर और पैदल चलकर करीब 60 हजार लोग स्यूटा शहर की सीमा में प्रवेश कर चुके हैं, जो इस पूरे शहर की कुल आबादी का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा है।
🚨😳 WOAH: Spain says roughly 60,000 migrants crossed into Ceuta from Morocco in just 24 hours, an influx equal to about 70% of the city’s population.
Authorities have deployed troops, at least 34 people died during the crossings, and officials call the situation… pic.twitter.com/b6mz4PeWij
— Brandon Tatum (@TheOfficerTatum) July 31, 2026
अदालती फैसले और इमिग्रेशन नियमों के कारण अचानक बढ़ी घुसपैठ
इस अभूतपूर्व मानवीय संकट की मुख्य वजह स्पेन की सुप्रीम कोर्ट द्वारा 29 जून 2026 को दिया गया एक फैसला माना जा रहा है। दरअसल नवंबर 2024 में समुद्र के रास्ते स्यूटा आ रहे एक अल्जीरियाई नागरिक को स्पेनिश बलों द्वारा बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के तुरंत वापस मोरक्को भेज दिया गया था, जिसे अदालत में चुनौती दी गई। अदालत ने फैसला सुनाया कि सीमा पर लगी बाड़ फांदने वालों को तो तुरंत लौटाया जा सकता है, लेकिन समुद्र के रास्ते स्पेनिश सीमा में दाखिल होने वाले शरणार्थियों को बिना कानूनी सुनवाई और शरण आवेदन का अवसर दिए वापस नहीं भेजा जा सकता। स्पेन के इमिग्रेशन कानून की इस बारीकी को मानव तस्करी करने वाले आपराधिक गिरोहों ने बड़े पैमाने पर फैलाया, जिसके बाद हजारों लोग समुद्र के रास्ते स्यूटा पहुंचने लगे।
स्यूटा बना यूरोपीय संघ में प्रवेश का मुख्य द्वार
भौगोलिक दृष्टि से स्यूटा भले ही अफ्रीकी महाद्वीप की भूमि पर स्थित है, लेकिन कानूनी रूप से यह स्पेन और यूरोपीय संघ का अभिन्न अंग है। अफ्रीका और एशिया के विभिन्न देशों में जारी भीषण गरीबी, बेरोजगारी, राजनीतिक अस्थिरता और गृहयुद्ध से तंग आकर यूरोप जाने के इच्छुक लोगों के लिए यह शहर सबसे सुलभ रास्ता प्रदान करता है। अंतरराष्ट्रीय संधि नियमों के तहत एक बार स्यूटा की सीमा में कदम रखते ही प्रवासियों पर यूरोपीय संघ के कानून लागू हो जाते हैं। इसके बाद उन्हें तुरंत निष्कासित नहीं किया जा सकता, बल्कि राहत शिविरों में रखकर उनकी अर्जी पर सुनवाई की जाती है। इसी कानूनी रास्ते का लाभ उठाकर प्रवासी कालांतर में फ्रांस, जर्मनी और इटली जैसे समृद्ध यूरोपीय राष्ट्रों में पुनर्वास पाने में सफल हो जाते हैं।
स्पेन ने स्थिति पर काबू पाने के लिए उतारी सेना
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने प्रवासियों के इस भारी प्रवेश को देश की क्षेत्रीय अखंडता पर सीधा हमला करार दिया है। स्पेन सरकार ने स्यूटा सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ाते हुए सेना की अतिरिक्त बख्तरबंद टुकड़ियों, वायुसेना और नौसेना की गश्ती टीमों को तैनात कर दिया है। समुद्र में आने वाले लोगों पर नजर रखने और डूब रहे लोगों को बचाने के लिए विशेष गोताखोरों के दल उतारे गए हैं। स्पेनिश प्रशासन ने अवैध रूप से घुसे लोगों की पहचान कर उन्हें वापस मोरक्को भेजने की प्रक्रिया में तेजी लाने की बात कही है, वहीं यूरोपीय संघ ने भी इस सीमा संकट से निपटने के लिए स्पेन को हर संभव मदद की पेशकश की है।
स्यूटा और मेलिला को लेकर स्पेन और मोरक्को में पुराना विवाद
यह पूरा इलाका लंबे समय से स्पेन और मोरक्को के बीच कूटनीतिक तनाव की मुख्य वजह रहा है। वर्ष 1956 में स्पेन से स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद से ही मोरक्को लगातार स्यूटा और मेलिला पर अपना दावा ठोकता रहा है, क्योंकि यह दोनों शहर अफ्रीकी तट पर स्थित हैं। इसके विपरीत स्पेन का तर्क है कि स्यूटा पर उसका अधिकार पिछले 350 से अधिक वर्षों से है, जब आधुनिक मोरक्को राष्ट्र का अस्तित्व भी नहीं था। पुर्तगाल ने 1415 में इस शहर पर कब्जा किया था और बाद में 1668 में एक संधि के तहत इसे स्पेन को सौंप दिया था। वर्तमान में यह क्षेत्र यूरोप में अवैध प्रवास की सबसे बड़ी और संवेदनशील सीमाओं में से एक बन चुका है।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न 1: स्पेन के स्यूटा शहर की सीमा पर क्या बड़ा हादसा हुआ?
उत्तर: मोरक्को की ओर से 3 हजार प्रवासियों के एक साथ घुसने की कोशिश के दौरान मची भगदड़ और दम घुटने से 34 प्रवासियों की मौत हो गई।
प्रश्न 2: 24 घंटे के भीतर कुल कितने प्रवासी स्यूटा की सीमा में दाखिल हुए?
उत्तर: बीते 24 घंटे में लगभग 60 हजार प्रवासी समुद्र में तैरकर और पैदल चलकर स्यूटा शहर में प्रवेश कर चुके हैं।
प्रश्न 3: स्यूटा शहर की भौगोलिक स्थिति क्या है और प्रवासी यहां क्यों जाना चाहते हैं?
उत्तर: स्यूटा अफ्रीकी तट पर स्थित स्पेनिश शहर है। यहां दाखिल होते ही प्रवासियों पर स्पेन और यूरोपीय संघ के कानून लागू हो जाते हैं।
प्रश्न 4: सुप्रीम कोर्ट के किस फैसले के बाद समुद्र के रास्ते घुसपैठ बढ़ गई?
उत्तर: जून 2026 के फैसले में कहा गया कि समुद्र के रास्ते आने वाले प्रवासियों को बिना कानूनी सुनवाई के सीधे वापस नहीं भेजा जा सकता।
प्रश्न 5: स्पेन सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
उत्तर: स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने सीमा पर अतिरिक्त सेना, बख्तरबंद वाहन, नौसेना की गश्ती टीमें और गोताखोर तैनात कर दिए हैं।
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