एजेंसी, वाशिंगटन। US Sanctions Indian Company : संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान की चर्चित विमानन कंपनी महान एयर को व्यावसायिक और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करने के गंभीर आरोप में भारत स्थित एक कंपनी सहित 6 विदेशी संस्थाओं और व्यक्तियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय द्वारा जारी इस हालिया आदेश के तहत भारत की ‘स्काइज ट्रैवल्स एंड लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड’ को प्रतिबंधित सूची में शामिल किया गया है। वाशिंगटन का आरोप है कि ये सभी संस्थाएं और व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी को वित्तीय और रणनीतिक मदद पहुंचाने के वैश्विक नेटवर्क का हिस्सा थे।
STORY | India-based sales agent of Iran’s Mahan Air among entities facing US sanctions
The US sanctioned six entities and individuals, including India-based Skiez Travels, for supporting Iranian airline Mahan Air, claiming that they helped sustain a terrorist enterprise.
The US… pic.twitter.com/aNPDcQs4Ff
— Press Trust of India (@PTI_News) July 31, 2026
भारत की ‘स्काइज ट्रैवल्स’ पर लगा जीएसए के रूप में काम करने का आरोप
अमेरिकी वित्त मंत्रालय की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पंजीकृत ‘स्काइज ट्रैवल्स एंड लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड’ के मुख्य कार्यालय श्रीनगर और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्थित हैं। इस कंपनी ने वर्ष 2020 से ईरान की महान एयरवेज के लिए आधिकारिक सामान्य बिक्री एजेंट यानी जनरल सेल्स एजेंट के रूप में काम करना शुरू किया था। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा कि जो भी संस्थाएं या व्यक्ति आईआरजीसी अथवा उससे जुड़े संगठनों को व्यावसायिक या लॉजिस्टिक सेवाएं मुहैया कराते हैं, वे एक तरह से आतंकवादी ढांचे को आर्थिक रूप से मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
नागरिक उड्डयन की आड़ में सैन्य मदद देने का दावा
अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि महान एयर खुद को अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक सामान्य नागरिक उड्डयन कंपनी के रूप में प्रस्तुत करती है, लेकिन हकीकत में यह लंबे समय से ईरान की कुद्स फोर्स को पर्दे के पीछे से सहायता दे रही है। जांच रिपोर्टों में कहा गया है कि इस एयरलाइंस ने आईआरजीसी के सैन्य कर्मियों की गुप्त यात्राएं आयोजित करने, सैन्य प्रशिक्षण शिविरों के लिए संसाधन जुटाने तथा लड़ाकू ड्रोन और अत्याधुनिक हथियारों की सीमा पार आवाजाही में प्रमुख भूमिका निभाई है। इन्हीं गंभीर वजहों के आधार पर इससे जुड़ी वैश्विक ट्रैवल एजेंसियों पर शिकंजा कसा गया है।
चीन और रूस की बड़ी कंपनियां भी अमेरिकी ब्लैकलिस्ट में शामिल
वाशिंगटन द्वारा की गई इस व्यापक कार्रवाई की जद में केवल भारतीय कंपनी ही नहीं, बल्कि चीन और रूस की कई प्रमुख लॉजिस्टिक्स फर्में भी आई हैं। इस वैश्विक सूची में चीन की ‘शंघाई विंग्स इंटरनेशनल लॉजिस्टिक्स’ और ‘शंघाई एलीट इंटरनेशनल ट्रैवल’, जबकि रूस की ‘एयर कार्गो प्रो लिमिटेड’ को शामिल किया गया है। अमेरिकी जांच के अनुसार शंघाई विंग्स ने चीन से ईरान तक संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की आपूर्ति को सुगम बनाया था, वहीं शंघाई एलीट चीनी क्षेत्र में महान एयर के आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में काम कर रही थी।
सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने वाले स्टार्टअप पर भी लगा बैन
इसी कार्रवाई की कड़ी में अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ईरान के आईआरजीसी से जुड़ी ‘दादेनेगर स्टार्टअप स्टूडियो’ नाम की तकनीकी इकाई को भी ब्लैकलिस्ट कर दिया है। अमेरिका ने आरोप लगाया है कि यह कंपनी एक ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न सैन्य ठिकानों और संवेदनशील स्थानों को चिन्हित करने में मदद कर रही थी। अमेरिकी सरकार ने साफ किया है कि वह ईरान के इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और उससे जुड़ी हर सहयोगी फर्म की पहचान कर उन्हें अमेरिकी वित्तीय प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से पूरी तरह बेदखल करने की अपनी नीति पर सख्ती से कायम रहेगी।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न 1: अमेरिका ने भारत की किस कंपनी पर प्रतिबंध लगाया है?
उत्तर: अमेरिका ने भारत स्थित ‘स्काइज ट्रैवल्स एंड लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड’ पर प्रतिबंध लगाया है।
प्रश्न 2: भारतीय कंपनी पर अमेरिका ने मुख्य रूप से क्या आरोप लगाया है?
उत्तर: कंपनी पर ईरान की ‘महान एयर’ के सामान्य बिक्री एजेंट (General Sales Agent) के रूप में काम करने और उसे व्यावसायिक सहयोग देने का आरोप है।
प्रश्न 3: अमेरिका के अनुसार महान एयर किस संगठन को सहायता पहुंचाती है?
उत्तर: अमेरिकी वित्त मंत्रालय का दावा है कि महान एयर नागरिक विमानन की आड़ में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और कुद्स फोर्स को मदद देती है।
प्रश्न 4: इस कार्रवाई में भारत के अलावा किन देशों की कंपनियां शामिल हैं?
उत्तर: इस प्रतिबंध सूची में चीन और रूस की लॉजिस्टिक्स और ट्रैवल कंपनियों को भी शामिल किया गया है।
प्रश्न 5: अमेरिकी वित्त मंत्री ने इस प्रतिबंध को लेकर क्या चेतावनी जारी की?
उत्तर: वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि जो संस्थाएं IRGC या महान एयर को सहायता देती हैं, वे अप्रत्यक्ष रूप से एक आतंकवादी ढांचे को समर्थन दे रही हैं।
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