एजेंसी, भिवंडी। Bhiwandi Building Collapse : महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी इलाके में गुरुवार देर रात एक बड़ा दर्दनाक हादसा हो गया, जहां एक चार मंजिला पुरानी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस भयानक दुर्घटना में अब तक 9 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि मलबे के नीचे 4 से 5 लोगों के फंसे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
PHOTO | At least nine people were killed and four others injured after a portion of a four-storey residential building collapsed in the Balaji Nagar area of Bhiwandi in Maharashtra’s Thane district late Thursday night.
The Kohinoor Building, which had been declared ‘dangerous’… pic.twitter.com/wwrfEHFskX
— Press Trust of India (@PTI_News) July 31, 2026
खतरनाक घोषित बिल्डिंग में चल रहा था रिपेयरिंग वर्क
नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस चार मंजिला इमारत में कुल 48 कमरे बने हुए थे, जिसमें प्रत्येक मंजिल पर 12-12 कमरे शामिल थे। स्थानीय प्रशासन और नगर निगम ने इस इमारत की जर्जर स्थिति को देखते हुए इसे काफी समय पहले ही बेहद खतरनाक घोषित कर दिया था। इसके बावजूद हादसे के वक्त इस असुरक्षित भवन में बिना किसी आधिकारिक अनुमति के अंदरूनी मरम्मत का काम कराया जा रहा था।
जोरदार आवाज के साथ दीवारों में आई थीं गहरी क्रैक्स
हादसे से कुछ घंटे पहले की स्थिति बताते हुए एक प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि गुरुवार रात लगभग 9 बजे इमारत में जोर-जोर से चटकने की डरावनी आवाजें आने लगी थीं। वहां रहने वाले लोगों ने दीवारों और पिलर पर बड़ी-बड़ी क्रैक्स भी देखीं। खतरे को भांपते हुए स्थानीय नागरिकों ने बिना देर किए मकानों में मौजूद परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया था, लेकिन इससे पहले कि सभी लोग बाहर निकल पाते, रात करीब 11:30 बजे इमारत का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर नीचे गिर गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीम
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और तुरंत ही राहत कार्य शुरू किया गया। घटनास्थल पर नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स यानी एनडीआरएफ, ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स और फायर ब्रिगेड की कई टीमें बचाव कार्य में जुट गईं। बचाव कर्मियों ने पूरी रात टॉर्च और हैवी कटर मशीनों की मदद से मलबे को हटाकर लोगों की तलाश की। स्थानीय इंदिरा गांधी अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि देर रात लाए गए 3 घायलों का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर है।
बिना अनुमति के चल रहा था मरम्मत का निर्माण कार्य
इस पूरे हादसे पर जिला कलेक्टर श्रीकृष्ण पांचाल ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इमारत में मरम्मत का काम शुरू किया गया था। हालांकि इस रिपेयरिंग वर्क को शुरू करने से पहले नगर निगम या संबंधित प्रशासनिक विभाग से कोई कानूनी अनुमति नहीं ली गई थी। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न 1: भिवंडी में हुए इस हादसे में कितने लोगों की मौत हुई है?
उत्तर: इस दर्दनाक हादसे में अब तक 9 लोगों की जान जा चुकी है और 4 से 5 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।
प्रश्न 2: क्या यह इमारत पहले से खतरनाक घोषित की गई थी?
उत्तर: हां, भिवंडी नगर निगम ने इस जर्जर 4 मंजिला इमारत को काफी समय पहले ही खतरनाक घोषित कर दिया था।
प्रश्न 3: दुर्घटना के समय इमारत में क्या काम चल रहा था?
उत्तर: हादसे के वक्त इमारत में बिना नगर निगम की अनुमति के रिपेयरिंग का काम कराया जा रहा था।
प्रश्न 4: राहत और बचाव कार्य में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल हैं?
उत्तर: घटनास्थल पर एनडीआरएफ, ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (TDRF) और स्थानीय फायर ब्रिगेड की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं।
प्रश्न 5: स्थानीय निवासियों ने हादसे से पहले क्या देखा था?
उत्तर: हादसे से कुछ घंटे पहले रात करीब 9 बजे इमारत से जोर-जोर से चटकने की आवाजें आने लगी थीं और पिलर में दरारें देखी गई थीं।
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