एजेंसी, नई दिल्ली। West Asia Crisis PM Modi : पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते भू-राजनीतिक हालात और बढ़ते सैन्य संघर्ष के बीच भारत सरकार ने अपनी रणनीतिक और आर्थिक तैयारियों को बेहद पुख्ता कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की चौथी विशेष आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में खाड़ी क्षेत्र के तनाव से भारत की ऊर्जा सुरक्षा, उर्वरक आपूर्ति, समुद्री व्यापार और वहां रह रहे 1 करोड़ से अधिक भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का व्यापक विश्लेषण किया गया। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वैश्विक उथल-पुथल के बीच देश के घरेलू हितों की रक्षा के लिए एक एकीकृत तंत्र के तहत समयबद्ध कदम उठाए जाएं।
Earlier today, chaired a meeting of the CCS to review the situation in the wake of the ongoing happenings in West Asia. Discussed various issues pertaining to the welfare of people and ensuring uninterrupted supply of key items.https://t.co/pNn7Ar6NXg
— Narendra Modi (@narendramodi) July 30, 2026
पेट्रोलियम और गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बहुआयामी रणनीति
बैठक में कैबिनेट सचिव ने समिति को देश के वर्तमान ईंधन भंडार और आपूर्ति स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि रसोई गैस यानी एलपीजी और एलएनजी के आयात के लिए भारत ने अपने अंतरराष्ट्रीय स्रोतों में विविधता ला दी है, जिससे किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हो गई है। देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जिसके चलते सार्वजनिक क्षेत्र की सभी तेल शोधन इकाइयां 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर संचालित हो रही हैं। इसके अलावा भविष्य में एलपीजी पर निर्भरता घटाने के लिए घरेलू स्तर पर पाइपलाइन से मिलने वाली प्राकृतिक गैस के नेटवर्क और राष्ट्रीय गैस ग्रिड के विस्तार कार्य में तेजी लाने का निर्णय लिया गया है।
कृषि क्षेत्र के लिए उर्वरकों का मजबूत बफर स्टॉक तैयार
वैश्विक संघर्ष के बीच देश के कृषि क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए आगामी रबी सीजन की जरूरतों का विस्तृत आकलन किया गया। भारत दुनिया के सबसे बड़े उर्वरक उपभोक्ता देशों में शामिल है, जहां यूरिया की सालाना खपत ही लगभग 4 करोड़ टन रहती है। समीक्षा में बताया गया कि वर्तमान खरीफ सीजन के लिए 110 लाख टन यूरिया की मांग के मुकाबले 163 लाख टन की उपलब्धता मौजूद है। इसके साथ ही डीएपी और अन्य प्रमुख उर्वरकों का भी पर्याप्त बफर स्टॉक तैयार कर लिया गया है। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट ताकीद की कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने के बावजूद किसानों को उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति मिलती रहनी चाहिए।
समुद्री क्षेत्र में तैनात नाविकों और प्रवासियों की सुरक्षा के कड़े निर्देश
संघर्ष प्रभावित समुद्री मार्गों और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भारतीय तथा विदेशी झंडे वाले जहाजों पर कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा बैठक में प्रमुखता से उठा। प्रधानमंत्री ने नाविकों और उनके परिजनों को त्वरित सहायता, सटीक जानकारी और परामर्श प्रदान करने के लिए एक समर्पित सहायता तंत्र स्थापित करने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त खाड़ी देशों में निवास करने वाले विशाल भारतीय समुदाय की किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा और सुरक्षित निकासी के लिए सभी कूटनीतिक और लॉजिस्टिक तैयारियों को पूरी तरह सतर्क रखने को कहा गया है।
दीर्घकालिक ऊर्जा आत्मनिर्भरता और नवीकरणीय ऊर्जा पर विशेष ध्यान
पश्चिम एशिया के अशांत माहौल से बार-बार उत्पन्न होने वाले ईंधन संकट का स्थायी समाधान खोजने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने गैर-जीवाश्म और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को गति देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा और अन्य हरित ऊर्जा विकल्पों का दायरा बढ़ाकर ही भारत को वैश्विक ऊर्जा बाजार के झटकों से स्थायी रूप से सुरक्षित रखा जा सकता है। सरकार ने सभी संबंधित मंत्रालयों को आपसी समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए हैं ताकि वैश्विक घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखते हुए त्वरित और कड़े फैसले लिए जा सकें।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न 1: पश्चिम एशिया संकट की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता किसने की?
उत्तर: इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की।
प्रश्न 2: भारत में यूरिया की सालाना खपत कितनी है और चालू सीजन में इसकी उपलब्धता की क्या स्थिति है?
उत्तर: यूरिया की सालाना खपत लगभग 4 करोड़ टन है, और वर्तमान सीजन की 110 लाख टन जरूरत के मुकाबले 163 लाख टन की उपलब्धता मौजूद है।
प्रश्न 3: सरकार ने रसोई गैस यानी एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति के लिए क्या मुख्य कदम उठाया है?
उत्तर: सरकार ने एलपीजी और एलएनजी के आयात के लिए अंतरराष्ट्रीय खरीद स्रोतों का दायरा काफी बढ़ा दिया है।
प्रश्न 4: प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में तैनात भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए क्या निर्देश दिए गए हैं?
उत्तर: नाविकों और उनके परिजनों को समय पर सहायता और जानकारी प्रदान करने के लिए एक विशेष समर्पित तंत्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रश्न 5: ईंधन संकट के दीर्घकालिक समाधान के तौर पर किस ऊर्जा स्रोत पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई?
उत्तर: गैर-जीवाश्म ईंधन और सौर ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को तेजी से विकसित करने पर बल दिया गया।
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