एजेंसी, भोपाल। Dhar Bhojshala Namaz Row : मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और संवेदनशील भोजशाला प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के नवीनतम आदेश के बाद एक नया मोड़ सामने आ गया है। सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए धार जिला प्रशासन ने शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के लिए नमाज अदा करने का एक वैकल्पिक स्थान निर्धारित किया था। सुबह के समय अदालत के आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने उसका गहन अध्ययन किया और भोजशाला परिसर से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मालीवाड़ा क्षेत्र में एक खुले मैदान का चयन कर इसकी आधिकारिक सूचना मुस्लिम पक्ष को सौंप दी। हालांकि, इस प्रशासनिक कवायद के बावजूद शुक्रवार को इस नए स्थान पर नमाज अदा नहीं की जा सकी।
Dhar, Madhya Pradesh: A meeting was held between the district administration and representatives of the Muslim community at the Collector’s office in Dhar following the Supreme Court’s interim order in the Bhojshala case. The administration proposed an open space near Chalis Peer… pic.twitter.com/k5XvjHWN3u
— IANS (@ians_india) July 17, 2026
प्रशासन ने शुरू कराई सफाई, पर मुस्लिम समाज ने जताई कड़ी आपत्ति
प्रशासनिक स्तर पर अगले सप्ताह होने वाली नमाज को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से आवंटित की गई जमीन पर अभी से ही साफ-सफाई और समतलीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू करवा दिया गया है। लेकिन दूसरी तरफ, इस नई जगह को लेकर मुस्लिम समाज ने तत्काल अपनी तीखी और स्पष्ट प्रतिक्रिया दर्ज कराई है। मौलाना वेलफेयर सोसाइटी के सदर अब्दुल समद ने समाज की ओर से एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा आवंटित किया गया यह नया स्थान मुख्य विवादित स्थल से लगभग 2 किलोमीटर दूर है, जो व्यावहारिक रूप से उनके लिए बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।
मुस्लिम पक्ष फिर खटखटाएगा सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा
मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों और याचिकाकर्ताओं ने प्रशासन के इस कदम को असंतोषजनक बताते हुए अपनी आगे की कानूनी रणनीति भी साफ कर दी है। समाज के प्रमुखों के अनुसार, इस वैकल्पिक स्थान के विरोध में सभी मूल याचिकाकर्ता और मामले से जुड़े इंटरवीनर यानी मध्यस्थ एक बार फिर से देश की सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे और इस फैसले को चुनौती देंगे। इसके साथ ही उन्होंने पूरी दृढ़ता के साथ यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आगामी शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष के लोग प्रशासन द्वारा मुहैया कराई गई इस जमीन पर नमाज अदा करने के लिए बिल्कुल नहीं जाएंगे। मुस्लिम पक्ष के इस कड़े रुख के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक और कानूनी हलचल एक बार फिर से तेज हो गई है।
ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें


