एजेंसी, जकार्ता। PM Modi Indonesia visit : भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इंडोनेशिया की अपनी तीन दिवसीय अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक राजकीय यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव में प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया के योग्याकार्ता में स्थित देश के सबसे बड़े और ऐतिहासिक प्रम्बानन हिंदू मंदिर पहुंचे। यहाँ उन्होंने बेहद श्रद्धा और विधि-विधान के साथ भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की। इस पावन अवसर पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी विशेष रूप से उनके साथ मौजूद रहे। दोनों वैश्विक नेताओं ने इस प्राचीन मंदिर परिसर के संरक्षण और जीर्णोद्धार से जुड़ी एक महत्वाकांक्षी परियोजना का आधिकारिक रूप से संयुक्त उद्घाटन किया। प्रम्बानन मंदिर के दर्शन करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपनी अगली कूटनीतिक यात्रा के लिए ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर पहुंच चुके हैं, जहाँ वे 8 से 10 जुलाई तक विभिन्न द्विपक्षीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
President Prabowo Subianto and I inaugurated the UNESCO World Heritage Prambanan Temple Compound Restoration and Conservation Project. This initiative is a shining example of the enduring civilisational bonds between India and Indonesia, rooted in a shared heritage that has… pic.twitter.com/Fy8FoBvJ8X
— Narendra Modi (@narendramodi) July 8, 2026
काशी और केदारनाथ के बाद प्रम्बानन में सेवा करना मेरा परम सौभाग्य: पीएम मोदी
प्रम्बानन मंदिर के विशाल प्रांगण में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावुक नजर आए। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि यह उनके जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य है कि उन्हें किसी न किसी रूप में हमेशा देवाधिदेव भगवान शिव से जुड़ने का अलौकिक अवसर प्राप्त हुआ है। भारत के महान सांस्कृतिक प्रतीकों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सोमनाथ, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ धाम और उज्जैन के महाकाल मंदिर जैसी पवित्र ऊर्जा भूमियों के विकास से जुड़ने के बाद, अब सात समंदर पार इंडोनेशिया के इस ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर के जीर्णोद्धार और विकास का गवाह बनना उनके लिए अत्यंत गौरव की बात है। प्रधानमंत्री इस प्राचीन मंदिर परिसर में करीब 1 घंटा रहे, जहाँ उन्होंने मंदिर के मुख्य पुजारियों, सेवकों और स्थानीय संस्कृति विदों से मुलाकात कर भारत व इंडोनेशिया के गहरे सांस्कृतिक संबंधों पर चर्चा की।
एक हजार साल पुराना है प्रम्बानन मंदिर, जिसकी दीवारों पर जीवंत है रामायण
इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर योग्याकार्ता के समीप स्थित यह प्रम्बानन मंदिर स्थापत्य कला का एक बेजोड़ और अद्भुत नमूना है। यह पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा हिंदू मंदिर माना जाता है, जबकि पहले स्थान पर कंबोडिया का प्रसिद्ध अंगकोर वाट मंदिर काबिज है। प्रम्बानन मंदिर का इतिहास करीब 1000 साल पुराना है और यह प्राचीन काल से ही दोनों देशों के सांस्कृतिक और धार्मिक जुड़ाव का सबसे बड़ा प्रमाण रहा है। इतिहासकारों के अनुसार, किसी जमाने में यह विशाल मंदिर परिसर करीब 240 छोटे-बड़े मंदिरों के विस्तृत क्षेत्र में फैला हुआ था। इस परिसर के केंद्र में सनातन धर्म की त्रिमूर्ति यानी भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा के तीन अत्यंत भव्य मुख्य मंदिर स्थापित हैं। इनमें से भगवान शिव को समर्पित मुख्य मंदिर सबसे विशाल है, जिसकी ऊंचाई लगभग 47 मीटर है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसकी पत्थरों की दीवारों पर रामायण और अन्य पवित्र हिंदू ग्रंथों की प्राचीन कहानियों को बेहद खूबसूरती से उकेरा गया है।
आसमान में गूंजी भारत की धमक, 5 स्वदेशी फाइटर जेट्स ने दिया प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर
प्रधानमंत्री मोदी की इस राजकीय यात्रा के समापन को यादगार बनाने के लिए इंडोनेशियाई सरकार ने अभूतपूर्व सम्मान प्रदर्शित किया। जब प्रधानमंत्री मोदी का विशेष विमान जकार्ता अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हुआ, तो इंडोनेशियाई वायु सेना के 5 अत्याधुनिक फाइटर जेट्स ने आसमान में उनके विमान को एस्कॉर्ट किया। न्यूज एजेंसी पीटीआई द्वारा जारी किए गए वीडियो दृश्यों के अनुसार, जब ये लड़ाकू विमान प्रधानमंत्री के प्लेन के साथ आसमान में उड़ान भर रहे थे, तब पीएम मोदी ने अपने विमान की खिड़की के अंदर से हाथ हिलाकर इंडोनेशियाई जांबाज पायलटों का गर्मजोशी से अभिवादन स्वीकार किया। इन फाइटर जेट्स ने प्रधानमंत्री के विमान को इंडोनेशिया की हवाई सीमा से सुरक्षित बाहर निकलने तक अपनी सुरक्षा घेरे में रखा। इससे पहले खुद इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रोटोकॉल तोड़कर हवाई अड्डे पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर प्रधानमंत्री मोदी को भावभीनी विदाई दी थी।
रक्षा, समुद्री सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी मजबूत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया से विदा लेते समय देश की जनता और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के प्रति गहरा आभार प्रकट किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राष्ट्रपति के साथ विमान के भीतर की कुछ तस्वीरें और प्रम्बानन मंदिर का एक विहंगम हवाई वीडियो भी साझा किया। प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक संदेश में कहा कि इस 3 दिवसीय यात्रा के दूरगामी परिणाम सामने आएंगे। इस यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने मिलकर रक्षा क्षेत्र, समुद्री सुरक्षा सहयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई और डिजिटल इनोवेशन जैसे भविष्य के महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी के नए और ऐतिहासिक रास्ते खोले हैं। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व ने राजनीतिक, आर्थिक, तकनीकी और क्षेत्रीय सुरक्षा को शामिल करते हुए भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई है।
Landed in Melbourne, Australia. This visit will add vigour to the India-Australia Comprehensive Strategic Partnership. I look forward to the talks with Prime Minister Albanese. I will also have the opportunity to interact with the Indian diaspora which is an important pillar of… pic.twitter.com/Qu8BeAAeGm
— Narendra Modi (@narendramodi) July 8, 2026
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न पहुंचे पीएम मोदी, वैदिक हवन से हुआ भव्य स्वागत
इंडोनेशिया का सफल दौरा पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीधे ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर पहुंच गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के विशेष और आधिकारिक निमंत्रण पर शुरू हुई यह 3 दिवसीय यात्रा भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगी। मेलबर्न पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का वहां रहने वाले प्रवासी भारतीय समुदाय के लोगों ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक तरीके से बेहद शानदार स्वागत किया। प्रधानमंत्री के आगमन से पहले मेलबर्न में रह रहे भारतीय समुदाय के प्रबुद्ध सदस्यों ने उनके सफल दौरे और दीर्घायु होने की कामना के साथ एक विशेष ‘वैदिक हवन’ का भी आयोजन किया था। ऑस्ट्रेलिया में भारत के उच्चायुक्त नागेश सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि पिछले 10 वर्षों के कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी की यह तीसरी ऑस्ट्रेलिया यात्रा है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पिछले 1 दशक में दोनों देशों के आपसी और व्यापारिक रिश्ते कितने मजबूत और प्रगाढ़ हुए हैं।
सीईओ फोरम और प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ होगी महाबैठक
अपने इस बेहद व्यस्त ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और व्यावसायिक कार्यक्रमों का हिस्सा बनेंगे। वे यहाँ ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें व्यापार, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर विस्तृत चर्चा होगी। इसके अतिरिक्त, पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर जनरल सैम मोस्टिन से भी एक शिष्टाचार मुलाकात करेंगे। अपनी यात्रा के मुख्य एजेंडे के तहत प्रधानमंत्री भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम की हाई-लेवल बैठक में भाग लेंगे, जहाँ वे दोनों देशों के शीर्ष बिजनेस लीडर्स और उद्योगपतियों की एक विशाल सभा को संबोधित कर भारत में निवेश की असीम संभावनाओं को रेखांकित करेंगे। दौरे के अंतिम चरण में वे मेलबर्न में भारतीय प्रवासी समुदाय की एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इस बीच, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री कार्यालय ने भारत को दुनिया की चौथी सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बताते हुए इसे अपना सबसे अहम और रणनीतिक आर्थिक साझेदार घोषित किया है।
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