Ketan Agarwal Murder Case

पुणे केतन हत्याकांड : सिया गोयल और चेतन चौधरी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए, जांच में जुटी पुलिस

देश/प्रदेश महाराष्ट्र

एजेंसी, पुणे। Ketan Agarwal Murder Case Judicial Custody : पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में अदालत ने मुख्य आरोपी सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों आरोपियों की पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद उन्हें शुक्रवार को वडगांव अदालत में पेश किया गया था। सुनवाई के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों की 3 दिन की अतिरिक्त पुलिस रिमांड की मांग की, लेकिन अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। मामले की जांच अभी भी जारी है और पुलिस विभिन्न डिजिटल तथा अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।

अतिरिक्त पुलिस रिमांड की मांग अदालत ने नहीं मानी

सुनवाई के दौरान जांच अधिकारियों ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच बाकी है। पुलिस का कहना था कि सिया गोयल और चेतन चौधरी से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जानी है, ताकि घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके। इसके अलावा पुलिस ने अदालत को बताया कि मामले से जुड़े कई डिजिटल साक्ष्यों, चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक जानकारियों की जांच और बरामदगी अभी शेष है। हालांकि अदालत ने अतिरिक्त पुलिस रिमांड देने के बजाय दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया।

घर से जब्त किए गए महत्वपूर्ण साक्ष्य

जांच के दौरान 2 जुलाई को पुलिस सिया गोयल को उसके घर लेकर गई थी। वहां से पुलिस ने एक पैंट जब्त की, जिसे जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि बरामद किए गए सामान की फोरेंसिक जांच से मामले से जुड़े कुछ अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। इसी कारण जब्त वस्तुओं को वैज्ञानिक परीक्षण के लिए भेजने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

कई घंटों तक चली पूछताछ

जांच अधिकारियों ने दोनों आरोपियों से कई घंटों तक विस्तृत पूछताछ की। पुलिस के अनुसार अब तक की जांच में कई डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए जा चुके हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है। इसके साथ ही जिस स्थान पर केतन अग्रवाल की हत्या होने का आरोप है, वहां दोनों आरोपियों की मौजूदगी में पूरे घटनाक्रम का पुनर्निर्माण भी कराया गया। पुलिस का कहना है कि इसका उद्देश्य घटना की पूरी श्रृंखला को समझना और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान करना है।

जांच में सामने आए नए दावे

इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पहले दावा किया था कि पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हत्या से पहले कथित तौर पर वारदात की तैयारी से जुड़े कुछ तथ्य बताए हैं। पुलिस के अनुसार जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी पहले पुणे के एक पहाड़ी क्षेत्र में गए थे, जहां उन्होंने कथित रूप से यह परखने का प्रयास किया कि किसी व्यक्ति को ऊंचाई से धक्का देने पर क्या परिणाम हो सकते हैं। हालांकि इन दावों की पुष्टि न्यायालय में विचाराधीन प्रक्रिया के दौरान होना बाकी है।

लोहगढ़ किले के पास वारदात को अंजाम देने का आरोप

जांच एजेंसियों का आरोप है कि प्रारंभिक तैयारी के बाद दोनों आरोपियों ने अपनी कथित साजिश को लोनावला स्थित लोहगढ़ किले के पहाड़ी क्षेत्र में अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार केतन अग्रवाल को कथित रूप से पहाड़ी से धक्का दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट तथा डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।

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