एजेंसी, कोलकाता। Bengal Budget 2026 : पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने वर्ष 2026 के लिए आज अपना पहला विकास-उन्मुख और लोक-कल्याणकारी बजट विधानसभा में पेश कर दिया है। इस बजट में राज्य के युवाओं, महिलाओं, सरकारी कर्मचारियों और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के उत्थान पर सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित किया गया है। सरकार की तरफ से बजट की सबसे बड़ी घोषणाओं में विभिन्न विभागों के भीतर एक लाख नई सरकारी नौकरियों की बंपर भर्ती निकालना और राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में सीधे 20 प्रतिशत की भारी-भरकम बढ़ोतरी करना शामिल है। प्रशासन ने साफ किया है कि इन सभी नई भर्तियों में महिलाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए 33 फीसदी का विशेष आरक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
Built on the strength of Seva Shakti, Nirman Shakti, Jnana Shakti, Jeevan Shakti and Shilpa Shakti, the ₹4.38 lakh crore West Bengal Budget is more than a statement of accounts.
It is a roadmap to stronger governance, modern infrastructure, quality healthcare, knowledge-driven… pic.twitter.com/Q5BSWLQF0n
— BJP West Bengal (@BJP4Bengal) June 22, 2026
युवाओं को एक लाख सरकारी नौकरियां और अग्निवीरों को मिलेगा विशेष आरक्षण
बजट की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि बंगाल सरकार राज्य के बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों में एक लाख रिक्त पदों को भरेगी। इस ऐतिहासिक भर्ती अभियान के तहत अकेले पुलिस विभाग में 20,000 पद और शिक्षा विभाग में शिक्षकों व शिक्षण कर्मचारियों के लिए 50,000 पद आरक्षित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, देश की सेवा करने वाले अग्निवीरों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राज्य की नौकरियों में उनके लिए 10 प्रतिशत पद अलग से आरक्षित रहेंगे। युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी राहत देते हुए सरकार ने सरकारी नौकरियों के लिए तय ऊपरी आयु सीमा में 5 वर्ष की विशेष छूट देने का निर्णय लिया है, जो आगामी 2 वर्षों तक पूरी तरह प्रभावी रहेगी।
पिंक कार्ड से महिलाओं को मुफ्त बस सेवा और आशा कार्यकर्ताओं का बढ़ा मानदेय
महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने हर जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पूरी तरह से मुफ्त कोचिंग सेंटर खोलने का वादा किया है। इसके साथ ही कामकाजी और जरूरतमंद महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन में बड़ी सहूलियत देने के लिए ‘मुफ्त बस सेवा’ की शुरुआत की जाएगी, जिसके लिए बजट में 550 करोड़ रुपये की भारी राशि आवंटित की गई है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिलाओं को विशेष ‘पिंक कार्ड’ जारी किए जाएंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र में जमीनी स्तर पर काम करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को बड़ा तोहफा देते हुए उनके मासिक मानदेय में सीधे 5,000 रुपये की सम्मानजनक वृद्धि करने की घोषणा की गई है।
सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा, मानदेय में भी हुई 2000 की वृद्धि
राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों को खुश करते हुए बजट में उनके महंगाई भत्ते (डीए) को 20 फीसदी बढ़ाने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है, जो कि 1 अक्टूबर 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी हो जाएगा। इस बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों का कुल डीए बढ़कर 38 प्रतिशत हो जाएगा, जिससे केंद्र और राज्य के कर्मचारियों के बीच का पुराना अंतर 22 फीसदी तक कम हो जाएगा। इसके अलावा, विलेज पुलिस, सिविक वॉलंटियर्स, ग्रीन पुलिस और होमगार्ड के जवानों के मासिक पारिश्रमिक में भी 2,000 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, सरकारी विभागों में कार्यरत कांट्रैक्ट (अनुबंध) ड्राइवरों का न्यूनतम वेतन बढ़ाकर अब 16,000 रुपये मासिक करने का प्रावधान किया गया है।
शिक्षित बेरोजगारों के लिए ‘भरोसा’ योजना और वृद्ध-विधवा पेंशन में इजाफा
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के 21 से 45 वर्ष के शिक्षित बेरोजगार युवाओं की मदद के लिए सरकार आगामी अक्टूबर महीने से ‘भरोसा योजना’ नामक एक महत्वाकांक्षी भत्ता योजना शुरू करने जा रही है। इस विशेष कल्याणकारी योजना के तहत स्नातक पास बेरोजगार युवाओं को 3,000 रुपये और अन्य पात्र युवाओं को 2,000 रुपये का मासिक बेरोजगारी भत्ता सीधे उनके बैंक खातों में दिया जाएगा। यह लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनकी कुल वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है। इसके साथ ही बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को मिलने वाली मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन में भी 500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिसके लिए सरकार ने 36,000 करोड़ रुपये का विशाल बजट अलग रखा है।
आदिवासी बहुल इलाकों में खुलेंगे दो केंद्रीय विश्वविद्यालय और खेल स्टेडियम का होगा निर्माण
शिक्षा और भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए झाड़ग्राम और बांकुड़ा जिलों में दो नए केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे, जिनमें से झाड़ग्राम वाला विश्वविद्यालय पूरी तरह से आदिवासी समाज के कल्याण और शोध के लिए समर्पित होगा। राज्य के आदर्श विद्यालयों के विकास के लिए 2,100 करोड़ रुपये और संस्कृत कॉलेज व क्षेत्रीय भाषाओं के प्रचार के लिए 50 करोड़ रुपये दिए गए हैं। प्राथमिक विद्यालयों में मिलने वाले मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन) की गुणवत्ता सुधारने के लिए उसकी सामग्री लागत बढ़ाई जाएगी और कोलकाता के भीतर इस्कॉन संस्था के सहयोग से बच्चों को बेहद पौष्टिक भोजन परोसा जाएगा। खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए उत्तर बंगाल में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल स्टेडियम और हर विधानसभा क्षेत्र में 5 करोड़ रुपये की लागत से मिनी इनडोर स्टेडियम बनाए जाएंगे।
भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए ‘आपकी सरकार, आपके द्वार’ और विधायक कोष में बढ़ोतरी
प्रशासन को पूरी तरह से पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के उद्देश्य से सरकार ‘आपकी सरकार, आपके द्वार’ नामक एक नई जन-हितैषी पहल की शुरुआत करने जा रही है, जिसके जरिए सरकारी सेवाओं को सीधे जनता के घर तक पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए विधायक निधि (विधायक कोष) को 70 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 1 करोड़ रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने पारदर्शिता बरतते हुए यह महत्वपूर्ण वित्तीय जानकारी भी सदन के सामने रखी कि वर्तमान समय में पश्चिम बंगाल राज्य के ऊपर कुल कर्ज का बोझ 8,15,891 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच चुका है, जिसे कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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