एजेंसी, कोलकाता। Jahangir Khan TMC : पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फालता क्षेत्र से सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बाहुबली और कद्दावर नेता जहांगीर खान को अदालत से बहुत बड़ा झटका लगा है। भारत और नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सुरक्षा बलों द्वारा दबोचे गए इस रसूखदार नेता को मंगलवार को डायमंड हार्बर की स्थानीय अदालत में पेश किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश ने जहांगीर खान को अगले 5 दिनों के लिए पुलिस की विशेष हिरासत (रिमांड) में भेजने का कड़ा आदेश सुनाया है। गौरतलब है कि अपने आक्रामक तेवरों और आपराधिक रसूख के कारण स्थानीय हलकों में जहांगीर को लोग मशहूर फिल्मी किरदार ‘पुष्पा’ के नाम से भी जानते थे, लेकिन अब वे पूरी तरह से कानून के शिकंजे में आ चुके हैं।
West Bengal: The (Additional Chief Judicial Magistrate) Court at Diamond Harbour has remanded TMC leader Jahangir Khan to five days of police custody.
Jahangir Khan was arrested yesterday near the India-Nepal border in connection with multiple extortion and criminal cases. https://t.co/Jopv2wvRwW
— ANI (@ANI) June 9, 2026
देश छोड़कर नेपाल भागने की फिराक में थे टीएमसी नेता
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद से ही जहांगीर खान के खिलाफ कानून का शिकंजा लगातार कसता जा रहा था। उनके खिलाफ इलाके के व्यापारियों से जबरन धन वसूली (रंगदारी करने) और आम नागरिकों को डराने-धमकाने के कई संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए थे। इन मामलों में गिरफ्तारी से बचने के लिए वे काफी समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर लगातार फरार चल रहे थे। इससे पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उन्हें गिरफ्तारी से कानूनी संरक्षण दे रखा था, लेकिन बीते 26 मई को अदालत ने राहत की इस अवधि को आगे बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया। कोर्ट से हरी झंडी मिलते ही पुलिस महकमे ने उनकी तलाश में चारों तरफ नाकेबंदी कर दी। आखिरकार, खुफिया तंत्र से मिले सटीक इनपुट के आधार पर उत्तर बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के पास से उन्हें उस समय गिरफ्तार कर लिया गया, जब वे अवैध रूप से देश छोड़कर भागने की अंतिम कोशिश कर रहे थे।
जांबाज आईपीएस अधिकारी को दी थी खुली चुनौती
हालिया विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान जहांगीर खान का एक बेहद विवादित वीडियो सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में जमकर वायरल हुआ था। उस समय इलाके में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश कैडर के एक बेहद कड़क और सिंघम छवि वाले आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा के हाथों में थी। जहांगीर खान ने एक चुनावी जनसभा में इस पुलिस अधिकारी को सरेआम मंच से चुनौती दे डाली थी। उन्होंने फिल्मी अंदाज का सहारा लेते हुए खुद को ‘पुष्पा’ बताया था और बड़ी हेकड़ी के साथ कहा था कि वे किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के सामने झुकेंगे नहीं। उनके इसी विवादित बयान के बाद पूरे राज्य की मीडिया ने उन्हें ‘फालता का पुष्पा’ कहना शुरू कर दिया था, लेकिन अब पुलिस कस्टडी में जाते ही उनके सारे तेवर ठंडे पड़ चुके हैं।
फालता विधानसभा सीट का पूरा चुनावी समीकरण
दक्षिण 24 परगना जिले की यह फालता विधानसभा सीट इस बार के चुनाव में पूरे प्रदेश के भीतर सबसे ज्यादा चर्चा और विवादों के केंद्र में रही थी। बीते 29 अप्रैल को जब इस सीट पर शुरुआती दौर का मतदान कराया गया था, तब बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के साथ छेड़छाड़ करने और भारी हिंसक झड़पें होने की गंभीर शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद चुनाव आयोग ने त्वरित कदम उठाते हुए वहां के मतदान को पूरी तरह से रद्द कर दिया था और 21 मई को दोबारा चुनाव कराने का ऐतिहासिक फैसला लिया था। दोबारा होने वाली इस वोटिंग से ठीक पहले टीएमसी के घोषित प्रत्याशी जहांगीर खान ने कानूनी पेचीदगियों के कारण खुद को चुनावी मैदान से पूरी तरह अलग कर लिया था। इसके बाद केंद्रीय सुरक्षा बलों की बेहद कड़ी और मुस्तैद निगरानी में वहां शांतिपूर्ण तरीके से दोबारा वोट डाले गए।
बीजेपी की ऐतिहासिक जीत और टीएमसी की करारी शिकस्त
जहांगीर खान के मैदान से हटने के बाद इस सीट पर चुनावी नतीजे बेहद अप्रत्याशित और चौंकाने वाले रहे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने एक नया रिकॉर्ड बनाते हुए पूरे 1,09,021 मतों के विशाल और ऐतिहासिक अंतर से एकतरफा जीत हासिल की। इस त्रिकोणीय मुकाबले में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे, जबकि राज्य की सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को इस क्षेत्र में इतनी करारी हार का सामना करना पड़ा कि वह अपनी न्यूनतम जमानत तक बचाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई। इस चुनावी हार के बाद से ही जहांगीर खान के बुरे दिन शुरू हो गए थे, जो अब उन्हें जेल की सलाखों के पीछे ले आए हैं।
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