एजेंसी, नई दिल्ली। Cockroach Janta Party : कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को लेकर सोशल मीडिया से शुरू हुआ विवाद अब देश की सबसे बड़ी अदालत की चौखट पर पहुंच गया है, जिससे संगठन से जुड़े लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर इस संगठन और इससे जुड़े प्रमुख व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से एफआईआर दर्ज करने तथा केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से एक स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। इस याचिका में संगठन के सदस्यों पर फर्जी कानून डिग्रियों का इस्तेमाल करने, गलत पहचान बताने और देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था की पहचान का गलत फायदा उठाने जैसे कई बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। याचिकाकर्ता का साफ तौर पर कहना है कि इन लोगों ने खुद को फर्जी तरीके से वकील या कानूनी विशेषज्ञ के रूप में पेश करके न सिर्फ आम जनता को गुमराह किया है, बल्कि देश की न्यायिक प्रक्रिया की साख को भी गहरी ठेस पहुंचाई है। याचिका के माध्यम से अदालत से अपील की गई है कि वह सीबीआई को इस पूरी कथित आपराधिक साजिश और जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल की गहराई से जांच करने के सख्त निर्देश जारी करे।
#BreakingNews
Plea filed in Supreme Court seeking probe into fake advocates, ‘Cockroach Janta Party’ activitiesCockroach are everywhere pic.twitter.com/W0Cu2GVe8S
— Cockroach janta party UP 🪳 (@Bilal_khan_pro) May 24, 2026
खुफिया ब्यूरो की रिपोर्ट के बाद सोशल मीडिया हैंडल पर लगा प्रतिबंध
यह कानूनी कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस संगठन को लेकर पहले से ही भारी घमासान मचा हुआ है। यह पूरा मामला उस समय मुख्यधारा की चर्चा में आया जब मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने व्यवस्था पर जानबूझकर हमला करने वाले तत्वों को लेकर एक सख्त टिप्पणी की थी। इसके तुरंत बाद, खुफिया ब्यूरो (आईबी) द्वारा सौंपी गई एक गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार के आदेश पर कार्रवाई की गई। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत कदम उठाते हुए गुरुवार को इस संगठन के आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल को पूरे भारत में पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया था। सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि इस हैंडल के जरिए समाज में भड़काऊ और आपत्तिजनक सामग्री फैलाई जा रही थी, जो देश की संप्रभुता के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी थी।
जानिए क्या है कॉकरोच जनता पार्टी और इसका इतिहास
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ वास्तव में कोई पारंपरिक राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि यह एक व्यंग्यात्मक और मीम्स पर आधारित डिजिटल आंदोलन के रूप में शुरू हुआ था। इसकी शुरुआत बोस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले एक भारतीय छात्र अभिजीत दीपके द्वारा की गई थी। इस समूह ने इंटरनेट पर खुद को ‘बेरोजगार युवाओं की आवाज’ के रूप में प्रचारित किया था। पिछले कुछ ही दिनों के भीतर यह ऑनलाइन अभियान खासकर नए दौर के युवाओं यानी जेन-जी (Gen-Z) के बीच बहुत तेजी से लोकप्रिय हो गया। सत्ता विरोधी तीखे व्यंग्य, राजनीतिक कटाक्ष और मजेदार मीम्स के सहारे यह देखते ही देखते एक बड़े डिजिटल विरोध प्रदर्शन में बदल गया, जिसने दुनिया भर के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लाखों की संख्या में फॉलोअर्स जुटा लिए। भारत सरकार द्वारा मुख्य अकाउंट पर प्रतिबंध लगाए जाने के ठीक बाद इसके संस्थापक अभिजीत दीपके ने हार न मानते हुए ‘कॉकरोच इज बैक’ नाम से एक नया बैकअप हैंडल तैयार कर लिया और अपने पुराने समर्थकों से दोबारा इस नए मंच पर जुड़ने की अपील की।
संगठन के संस्थापक ने लगाया अकाउंट्स हैक करने का गंभीर आरोप
इस पूरे विवाद और कानूनी घेराबंदी के बीच, शनिवार को संगठन के मुख्य सूत्रधार अभिजीत दीपके ने एक बयान जारी कर सरकार और अज्ञात तत्वों पर परेशान करने के गंभीर आरोप मढ़े हैं। दीपके का दावा है कि उनके संगठन के कई महत्वपूर्ण इंटरनेट अकाउंट्स को पूरी तरह से ब्लॉक किए जाने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर हैक भी किया जा रहा है, जिसके कारण अब उनकी टीम का अपने किसी भी सोशल मीडिया माध्यम पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए लिखा कि उनके संगठन के इंस्टाग्राम पेज के साथ-साथ उनके खुद के व्यक्तिगत इंस्टाग्राम प्रोफाइल को भी हैक कर लिया गया है। इसके अलावा उनके मुख्य ट्विटर अकाउंट और नए बनाए गए बैकअप अकाउंट पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। उन्होंने अपने समर्थकों को सचेत करते हुए कहा कि वे फिलहाल अपनी किसी भी ऑनलाइन आईडी का संचालन नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए इस समय के बाद उनके नाम से आने वाली किसी भी पोस्ट को संगठन का आधिकारिक बयान न समझा जाए। फिलहाल इंटरनेट पर सक्रिय इस संगठन की मुख्य वेबसाइट को भी पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
ये भी पढ़े : चीन की कोयला खदान में भीषण विस्फोट से मची तबाही : 90 मजदूरों की मौत, सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी
ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें


