गुरिंदरवीर सिंह

लखनऊ में गुरिंदरवीर सिंह ने 100 मीटर दौड़ में नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया, तेजस्विन शंकर 8000 पॉइंट्स पार करने वाले पहले भारतीय बने

एथलेटिक्स खेल देश/प्रदेश पंजाब राष्ट्रीय

एजेंसी, जालंधर। Gurindervir Singh Record : राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दूसरे दिन भारतीय खेलों के इतिहास में एक नया सुनहरा पन्ना जुड़ गया है। पंजाब से ताल्लुक रखने वाले बेहतरीन धावक गुरिंदरवीर सिंह ने पुरुषों की 100 मीटर की सबसे तेज दौड़ में एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित कर दिया है, जिसकी कल्पना कुछ समय पहले तक नहीं की गई थी। उन्होंने इस बेहद प्रतिष्ठित और मुख्य रेस को केवल 10.09 सेकंड के समय में पूरा करके एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा लिया है। इस ऐतिहासिक दौड़ और बेमिसाल कामयाबी के साथ ही गुरिंदरवीर सिंह अब आधिकारिक तौर पर भारत के खेल इतिहास के सबसे तेज धावक की उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। इस प्रतियोगिता में रिलायंस फाउंडेशन की तरफ से खेलते हुए 25 साल के इस युवा खिलाड़ी ने अपने सबसे बड़े और कड़े प्रतिद्वंद्वी ओडिशा के धावक अनिमेष कुजूर को काफी पीछे छोड़ दिया और सोने का तमगा अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले की रेस इतनी ज्यादा एकतरफा रही कि गुरिंदरवीर ने अनिमेष को करीब दो फीट से भी ज्यादा के एक बड़े फासले से मात दी। इसी प्रतियोगिता के एक अन्य मुकाबले में तेजस्विन शंकर ने भी डेकाथलॉन इवेंट में 8000 अंकों का जादुई आंकड़ा पार कर इतिहास बना दिया है और वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।

सेमीफाइनल में दो बार टूटा राष्ट्रीय रिकॉर्ड

इस पूरी दौड़ प्रतियोगिता के दौरान मुकाबला बेहद रोमांचक और उतार-चढ़ाव से भरा रहा। सेमीफाइनल के मुकाबलों के दौरान स्थिति यह थी कि राष्ट्रीय रिकॉर्ड कुछ ही मिनटों के भीतर दो बार टूट गया। सबसे पहले सेमीफाइनल रेस में गुरिंदरवीर सिंह ने मैदान पर बिजली जैसी तेजी दिखाते हुए 10.17 सेकंड का समय निकाला और पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले का रिकॉर्ड 10.18 सेकंड का था, जिसे ओडिशा के अनिमेष कुजूर ने पिछले साल ही स्थापित किया था। लेकिन गुरिंदरवीर की यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी क्योंकि कुछ ही मिनटों के बाद दूसरी हीट की दौड़ में 22 साल के युवा खिलाड़ी अनिमेष कुजूर ने जबरदस्त वापसी की। अनिमेष ने मात्र 10.15 सेकंड का समय निकालकर गुरिंदरवीर के बनाए रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया और राष्ट्रीय रिकॉर्ड फिर से अपने नाम कर लिया। इस उतार-चढ़ाव के बाद असली ड्रामा फाइनल रेस में देखने को मिला जहां गुरिंदरवीर सिंह ने अपनी रफ्तार से स्टेडियम में मौजूद हर एक दर्शक और खेल विशेषज्ञ को हैरान कर दिया। फाइनल में उन्होंने 10.09 सेकंड का समय निकाला और वह भारत के इतिहास में 10.10 सेकंड से कम समय में 100 मीटर की रेस पूरी करने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। इस मुख्य रेस में तीसरा स्थान भी रिलायंस फाउंडेशन के ही खिलाड़ी प्रणव गुरव को मिला, जिन्होंने 10.29 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुरिंदरवीर की बड़ी कामयाबी

गुरिंदरवीर सिंह द्वारा बनाया गया 10.09 सेकंड का यह शानदार समय केवल भारत के लिए ही बड़ा नहीं है, बल्कि इसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तहलका मचा दिया है। यह समय साल 2026 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के तय मानक समय 10.16 सेकंड से बहुत ज्यादा बेहतर है, जिसके कारण उन्होंने इस बड़े टूर्नामेंट के लिए सीधे तौर पर अपनी जगह पक्की कर ली है। इसके साथ ही अगर इस पूरे सीजन की बात की जाए, तो गुरिंदरवीर का यह प्रदर्शन पूरे एशिया महाद्वीप में दूसरे नंबर का सबसे तेज समय है। इस साल मई के महीने में जापान के रहने वाले 19 साल के युवा धावक फुकुतो कोमुरो ने 10.08 सेकंड का समय निकाला था, जो इस सीजन में एशिया में पहले स्थान पर है।

जानिए कौन हैं देश के सबसे तेज धावक गुरिंदरवीर

पंजाब के रहने वाले गुरिंदरवीर सिंह काफी समय से ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में मेहनत कर रहे हैं और वह कम दूरी की तेज दौड़ यानी शॉर्ट स्प्रिंट इवेंट्स के विशेषज्ञ खिलाड़ी माने जाते हैं। लखनऊ में मिली इस ऐतिहासिक कामयाबी के बाद अब खेल जगत में उन्हें ‘भारतीय इतिहास के सबसे तेज धावक’ का सबसे बड़ा सम्मान और खिताब मिल चुका है। अपनी इस शानदार फॉर्म और लगातार बेहतर प्रदर्शन की बदौलत वह आने वाले समय में होने वाले एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों के लिए भी देश का प्रतिनिधित्व करने की योग्यता हासिल कर चुके हैं।

100 मीटर रेस का विश्व रिकॉर्ड और भारत की नई उम्मीदें

दुनिया भर में पुरुषों की 100 मीटर दौड़ को सबसे लोकप्रिय खेल स्पर्धा माना जाता है। इस स्पर्धा का मौजूदा विश्व रिकॉर्ड 9.58 सेकंड का है, जो दुनिया के सबसे महान और दिग्गज जमैकन एथलीट उसेन बोल्ट के नाम पर दर्ज है। उसेन बोल्ट ने यह ऐतिहासिक और अकल्पनीय रिकॉर्ड साल 2009 में बर्लिन में आयोजित हुई विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान बनाया था, जिसे आज तक दुनिया का कोई भी धावक तोड़ नहीं पाया है। हालांकि उसेन बोल्ट का रिकॉर्ड अभी बहुत दूर है, लेकिन गुरिंदरवीर सिंह का यह ताजा प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के क्षेत्र में एक नए सुनहरे युग की शुरुआत माना जा रहा है। इस बेहतरीन प्रदर्शन से आने वाले समय में होने वाले बड़े वैश्विक खेल आयोजनों में भारत के लिए पदक जीतने की उम्मीदें बहुत ज्यादा मजबूत हो गई हैं।

ये भी पढ़े : भारी-भरकम बजट में बनी फिल्म , जिसकी असफलता पर 7 साल बाद वरुण धवन ने साझा किया दर्द

ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें

Leave a Reply