आईपीएल खिताबी मुकाबले के समय क्या पीसीबी चीफ नकवी भारत आएंगे?
एजेंसी, नई दिल्ली। क्रिकेट की दुनिया में इस समय एक बड़ी चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। खेल के गलियारों में यह सवाल तैर रहा है कि क्या पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के मुखिया मोहसिन नकवी हिंदुस्तान के दौरे पर आ रहे हैं। यह सुगबुगाहट ऐसे दौर में शुरू हुई है जब दोनों मुल्कों के बीच खेल के संबंध बेहद नाजुक दौर से गुजर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की महत्वपूर्ण सभाओं का ठिकाना इस बार अहमदाबाद को बनाया गया है, और इसी सिलसिले में पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष के भारत आने की संभावनाओं ने खेल कूटनीति की चर्चाओं को दोबारा गरमा दिया है।
दरअसल, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की मुख्य कार्यकारी समिति की एक इंटरनेट के जरिए होने वाली सभा इक्कीस मई को रखी गई है, जिसके ठीक बाद तीस और इकतीस मई को अहमदाबाद शहर में आमने-सामने बैठकर चर्चा करने वाली मुख्य बैठकें आयोजित होंगी। दिलचस्प बात यह है कि इसी समय के दौरान अहमदाबाद के मैदान पर ही इंडियन प्रीमियर लीग का अंतिम और खिताबी मुकाबला भी खेला जाना है। पहले यह तमाम बैठकें कतर देश की राजधानी दोहा में मार्च और अप्रैल के महीनों में होनी निश्चित हुई थीं, मगर पश्चिम एशिया के क्षेत्र में चल रहे हालातों की वजह से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को इस पूरे कार्यक्रम को हिंदुस्तान में स्थानांतरित करना पड़ा।
पाकिस्तानी क्रिकेट प्रमुख के आगमन पर बना हुआ है संशय
पाकिस्तान के क्रिकेट बोर्ड का अध्यक्ष होने के नाते मोहसिन नकवी का इस अंतरराष्ट्रीय बैठक में हिस्सा लेना एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, मगर दोनों पड़ोसियों के बीच के मौजूदा राजनैतिक और खेल के समीकरणों को देखते हुए उनके इस दौरे पर अभी संशय के बादल मंडरा रहे हैं। सीमा पार की मीडिया खबरों में ऐसा कहा जा रहा है कि नकवी को इस घरेलू लीग के फाइनल मैच को देखने के लिए औपचारिक बुलावा भी भेजा गया है। हालांकि इस बात की पूरी तरह से पुष्टि नहीं हो सकी है और भारतीय क्रिकेट बोर्ड या सरकार की तरफ से इस विषय पर कोई भी बयान जारी नहीं किया गया है। गौर करने वाली बात यह भी है कि मोहसिन नकवी सिर्फ क्रिकेट बोर्ड के मुखिया ही नहीं हैं बल्कि वहां की हुकूमत में वजीर का ओहदा भी संभालते हैं और साथ ही एशियाई क्रिकेट परिषद के भी अध्यक्ष हैं, इसलिए उनकी इस संभावित यात्रा के गहरे मायने निकाले जा रहे हैं।
पुराने विवादों के कारण पहले से बनी हुई है कड़वाहट
दोनों देशों के बीच क्रिकेट के मैदान से इतर भी रिश्तों में खिंचाव काफी समय से बना हुआ है। बीते दिनों दुबई के मैदान पर हुए एशिया कप के अंतिम मैच के बाद पुरस्कार वितरण के दौरान हुए एक मतभेद ने दोनों देशों के क्रिकेट संघों के बीच कड़वाहट को और ज्यादा बढ़ा दिया था। तब भारतीय दल ने पाकिस्तानी क्रिकेट प्रमुख के हाथों से चमचमाती हुई विजेता ट्रॉफी स्वीकार करने से साफ मना कर दिया था। इस वाकये के बाद नकवी उस इनाम और पदकों को अपने साथ लेकर खेल के मैदान से बाहर चले गए थे और बाद में उस चमचमाती ट्रॉफी को दुबई में ही महफूज रखने की बात कही गई थी। इस घटनाक्रम के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उस इनाम को वापस लौटाने की मांग की थी और यह पूरा विवाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की चौखट तक जा पहुंचा था।
अंतरराष्ट्रीय संस्था के लिए अहमदाबाद की यह सभा भले ही एक सामान्य कामकाजी प्रक्रिया जैसी हो, मगर भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट के इतिहास को देखते हुए यह पूरा मामला बेहद नाजुक बन चुका है। अब खेल प्रेमियों और जानकारों की निगाहें इसी बात पर हैं कि क्या पाकिस्तानी क्रिकेट प्रमुख खुद कदम रखकर भारत आएंगे या फिर इस सभा से दूरी बना लेंगे। यह भी मुमकिन है कि पाकिस्तान अपने किसी दूसरे नुमाइंदे को इस काम के लिए हिंदुस्तान भेज दे।
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