एजेंसी, कोलकाता। West Bengal : पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के साथ ही विधायी कार्यों में बड़े बदलाव की शुरुआत हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के विधायक रथिंद्र बोस को निर्विरोध रूप से पश्चिम बंगाल विधानसभा का नया अध्यक्ष चुन लिया गया है। इस नियुक्ति के साथ ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक ऐतिहासिक एलान करते हुए कहा है कि अब विधानसभा की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विधायी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है ताकि राज्य की जनता यह जान सके कि सदन के भीतर उनके प्रतिनिधि किस प्रकार कार्य कर रहे हैं।
#WATCH | BJP MLA Rathindra Bose is the new Speaker of West Bengal Assembly. Chief Minister Suvendu Adhikari takes him to his Chair in the House.
(Video Source: West Bengal Assembly) pic.twitter.com/nufcyCxChf
— ANI (@ANI) May 15, 2026
रथिंद्र बोस बने निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष
भारतीय जनता पार्टी के विधायक रथिंद्र बोस शुक्रवार को निर्विरोध रूप से विधानसभा अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। रथिंद्र बोस के नाम का प्रस्ताव स्वयं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सदन में रखा, जिसके बाद ‘प्रोटेम स्पीकर’ तापस रॉय ने ध्वनि मत की प्रक्रिया पूरी की। सदन में मौजूद सभी 207 भाजपा विधायकों ने उनके पक्ष में अपना समर्थन दिया। रथिंद्र बोस के अध्यक्ष बनने के साथ ही एक नया इतिहास भी रच गया है; वह स्वतंत्रता के बाद पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्से से इस प्रतिष्ठित पद तक पहुंचने वाले पहले विधायक बन गए हैं। इसे उत्तर बंगाल के प्रति सरकार के एक विशेष रणनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
विधानसभा की कार्यवाही का होगा सीधा प्रसारण
18वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि अब सदन की कार्यवाही का सीधा प्रसारण जनता के लिए उपलब्ध होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सदन जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने का प्रमुख माध्यम बनेगा और सभी कार्य संवैधानिक सिद्धांतों व स्थापित नियमों के दायरे में रहकर किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए सदन में एक सशक्त विपक्ष की उपस्थिति की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार संविधान को सर्वोपरि रखकर विधायी कार्यों को आगे बढ़ाएगी।
उत्तर बंगाल को मिला विशेष प्रतिनिधित्व
रथिंद्र बोस का चयन पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। वे कूच बिहार दक्षिण सीट से विधायक हैं और उत्तर बंगाल का प्रतिनिधित्व करते हैं। पिछले एक दशक में यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय रहा है। तृणमूल कांग्रेस द्वारा अध्यक्ष पद के लिए कोई उम्मीदवार न उतारने के फैसले ने बोस के निर्विरोध चयन का मार्ग प्रशस्त कर दिया। 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास 207 विधायकों का पूर्ण बहुमत है, जिससे यह चयन एक औपचारिकता मात्र रह गया था।
जनता के प्रति जवाबदेही और संवैधानिक मर्यादा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विश्वास दिलाया कि नई विधानसभा राज्य के विकास और नागरिकों के हितों के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। कार्यवाही के सीधे प्रसारण के निर्णय को सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल सदन की गरिमा बढ़ेगी, बल्कि विधायकों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में पश्चिम बंगाल विधानसभा को एक आदर्श विधायी संस्था के रूप में स्थापित किया जाए, जहां चर्चा और संवाद के माध्यम से जनहित के निर्णय लिए जा सकें।
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