एजेंसी, नई दिल्ली। NEET UG Exam : नीट यूजी की परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि पेपर लीक विवाद की वजह से जो परीक्षा रद्द कर दी गई थी, उसे अब आगामी 21 जून को दोबारा आयोजित किया जाएगा। यह निर्णय मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया की सुचिता और पारदर्शिता को बहाल करने के लिए लिया गया है।
📢 NEET (UG) 2026 — Public Notice
NTA wishes to inform candidates of the operational details for the re-examination of NEET (UG) 2026:
🗓️ Date: Sunday, 21 June 2026
⏰ Timing: 2:00 PM to 5:15 PM (IST), including time for examination formalities
📝 Mode: Pen & Paper (Offline),…
— National Testing Agency (@NTA_Exams) May 15, 2026
21 जून को होगी नीट यूजी की पुन: परीक्षा
बीती 3 मई को देशभर में आयोजित हुई नीट यूजी परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक के पुख्ता सबूत मिलने के बाद इसे निरस्त कर दिया गया था। अब शिक्षा मंत्रालय और एनटीए ने मिलकर नई समय-सारणी तैयार की है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उच्च स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर परीक्षा की तैयारियों का जायजा लिया। इस बार परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
परीक्षार्थियों को मिलेंगी विशेष सुविधाएं
छात्रों के मानसिक और आर्थिक बोझ को कम करने के लिए सरकार ने कई राहत भरे एलान किए हैं। इस पुन: परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों से कोई नया आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही, परीक्षार्थियों को उनके एडमिट कार्ड 14 जून तक उपलब्ध करा दिए जाएंगे। छात्रों को अपनी पसंद का शहर चुनने के लिए एक सप्ताह की मोहलत दी गई है। एक और महत्वपूर्ण बदलाव के तहत, इस बार परीक्षा हल करने के लिए सभी छात्रों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी प्रदान किया जाएगा।
भविष्य में कंप्यूटर आधारित होगी परीक्षा
पेपर लीक की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए शिक्षा मंत्री ने एक बड़ी नीतिगत घोषणा की है। उन्होंने बताया कि अगले साल से नीट यूजी की परीक्षा पुरानी ओएमआर शीट पद्धति के बजाय पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित (CBT) होगी। इससे परिणामों में पारदर्शिता आएगी और पेपर लीक की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी। वर्तमान में चल रही सीबीआई जांच के तहत कई आरोपियों को हिरासत में लिया गया है और विभाग के भीतर किसी भी संदिग्ध भूमिका की भी गहराई से जांच की जा रही है।
मेधावी छात्रों के लिए न्याय की उम्मीद
परीक्षा रद्द होने से लगभग 22 लाख से ज्यादा मेडिकल उम्मीदवारों के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल छा गए थे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वे शिक्षा माफियाओं के खिलाफ सख्त रुख अपना रहे हैं। नई परीक्षा की तारीख सामने आने से अब छात्रों को अपनी मेहनत का सही फल मिलने की उम्मीद जागी है। शिक्षा विभाग ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि 21 जून को होने वाली इस परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर कड़ी निगरानी रखी जाए।
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