Indian Ship

ओमान तट के पास भारतीय जहाज पर हमला : विदेश मंत्रालय ने जताई कड़ी आपत्ति, कहा- समुद्री वाणिज्य की स्वतंत्रता का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं

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एजेंसी, नई दिल्ली। Indian Ship Attack : ओमान के तट के पास भारतीय तिरंगा फहराते एक व्यावसायिक जहाज पर हुए हमले ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय को कड़ा रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है। बृहस्पतिवार को इस घटना की जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारतीय ध्वज वाले जहाज पर हुआ यह हमला पूरी तरह से ‘अस्वीकार्य’ है। मंत्रालय ने इस घटना की तीखी निंदा की और कहा कि जिस तरह से व्यावसायिक जहाजों और निर्दोष नाविकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, वह अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस हमले के बाद जहाज पर तैनात भारतीय चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं।

चालक दल की सुरक्षा और ओमान सरकार का आभार

विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में जानकारी दी कि बुधवार को हुए इस हमले के दौरान भारतीय चालक दल के सदस्यों को बचाने में ओमान के अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत ने त्वरित सहायता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ओमान सरकार और वहां के स्थानीय प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस कायरतापूर्ण हमले के पीछे किस गुट या संगठन का हाथ था, लेकिन भारतीय सुरक्षा एजेंसियां और अंतरराष्ट्रीय समुद्री निगरानी दल इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं।

नौवहन की स्वतंत्रता और वैश्विक चिंता

भारत सरकार ने इस घटना के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक कड़ा संदेश दिया है। विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि किसी भी परिस्थिति में व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना और बेगुनाह कर्मियों की जान जोखिम में डालना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि नौवहन और समुद्री वाणिज्य की स्वतंत्रता वैश्विक व्यापार की रीढ़ है और इसमें किसी भी तरह की रुकावट डालना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक है। भारत ने मांग की है कि इस तरह की हिंसा और जहाजों को डराने-धमकाने की घटनाओं पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।

समुद्री सुरक्षा पर बढ़ता खतरा

पिछले कुछ समय से समुद्र के इस हिस्से में व्यावसायिक जहाजों पर बढ़ते हमलों ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। पश्चिम एशिया और उसके आसपास के क्षेत्रों में जारी संघर्षों का असर अब सुरक्षित समुद्री व्यापार मार्गों पर भी पड़ रहा है। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह अपने ध्वज वाले जहाजों और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस घटना के बाद से क्षेत्र में भारतीय नौसेना और समुद्री सुरक्षा बल अधिक सतर्क हो गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

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