एजेंसी, दिल्ली। BRICS Summit 2026 : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को ब्रिक्स देशों के प्रमुख राजनयिकों और विदेश मंत्रियों के साथ एक विशेष मुलाकात की। देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों के इस महत्वपूर्ण सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत हो गई है। इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची, ब्राजील के माउरो विएरा, इंडोनेशिया के सुगिओनो और दक्षिण अफ्रीका के रोनाल्ड लामोला का संयुक्त रूप से स्वागत किया। यह बैठक अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहद संवेदनशील समय पर आयोजित की जा रही है, जहां दुनिया के कई हिस्सों में तनाव का माहौल बना हुआ है।
Glad to interact with Foreign Ministers and Heads of Delegation of BRICS countries.
BRICS has emerged as an important platform for advancing cooperation among emerging economies and giving voice to the aspirations of the Global South.
Under India’s Chairmanship this year, we… pic.twitter.com/RrK1pia1Du
— Narendra Modi (@narendramodi) May 14, 2026
पश्चिम एशिया के संकट और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंथन
ब्रिक्स देशों का यह दो दिवसीय सम्मेलन एक ऐसे दौर में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। विशेष रूप से अमेरिका और इजराइल का ईरान के साथ बढ़ता टकराव वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय बना हुआ है। इस युद्ध जैसी स्थिति के कारण दुनिया भर में ऊर्जा की आपूर्ति में भारी बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं, जिसका सीधा असर कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों पर पड़ रहा है। सदस्य देशों ने इन चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की और वैश्विक आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की। भारत इस समय समूह की अध्यक्षता कर रहा है और यह सम्मेलन सितंबर में होने वाले आगामी ब्रिक्स वार्षिक शिखर सम्मेलन की आधारशिला के रूप में देखा जा रहा है।
ब्रिक्स समूह का बढ़ता दायरा और इंडोनेशिया का प्रवेश
ब्रिक्स समूह की ताकत और वैश्विक मंच पर इसकी स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। शुरुआती दौर में इस संगठन में केवल ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ही शामिल थे। हालांकि, साल 2024 में इस संगठन का विस्तार करते हुए इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों को जगह दी गई थी। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए साल 2025 में इंडोनेशिया भी आधिकारिक तौर पर इस प्रभावशाली समूह का नया सदस्य बन गया है। नए सदस्यों के जुड़ने से यह समूह अब दुनिया की एक बड़ी आबादी और अर्थव्यवस्था का प्रतिनिधित्व कर रहा है, जिससे वैश्विक निर्णयों में इसकी भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
भविष्य की रणनीतियों और सहयोग पर चर्चा
दिल्ली में आयोजित इस सम्मेलन में आगामी शिखर सम्मेलन के लिए एजेंडा तैयार किया गया है। भारत की मेजबानी में हो रहे इस कार्यक्रम में सुरक्षा, व्यापार और तकनीक जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है। सदस्य देशों के बीच इस बात पर भी चर्चा हुई कि किस प्रकार विकसित और विकासशील देशों के बीच के अंतर को कम किया जाए और वैश्विक मंचों पर ब्रिक्स की आवाज को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। प्रधानमंत्री मोदी ने सदस्य देशों के बीच अटूट सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया ताकि किसी भी वैश्विक आपदा या आर्थिक संकट का सामना मिलकर किया जा सके।
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