उमंग सिंघार

धार : नेशनल हाईवे जाम करने के मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कई कांग्रेस विधायकों पर मुकदमा दर्ज

देश/प्रदेश धार प्रादेशिक मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, धार/भोपाल। Congress Leaders FIR : मध्य प्रदेश के धार जिले में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन ने अब कानूनी रूप धारण कर लिया है। शुक्रवार को कांग्रेस द्वारा आयोजित राज्यव्यापी आंदोलन के दौरान नेशनल हाईवे जाम करने के आरोप में शनिवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ विधायकों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

खलघाट में घंटों बाधित रहा इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, शुक्रवार को आंदोलन के दौरान सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खलघाट क्षेत्र में इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैक्टर और अन्य वाहन खड़े कर दिए थे। इस चक्काजाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भीषण गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को यातायात को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ना पड़ा। कई घंटों की मशक्कत के बाद सड़क से प्रदर्शनकारियों को हटाकर आवागमन सुचारू किया जा सका।

उमंग सिंघार और बाला बच्चन समेत 26 नेताओं के नाम एफआईआर में

धार पुलिस ने इस मामले में लगभग 26 नामजद नेताओं और सैकड़ों अज्ञात कार्यकर्ताओं के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर में गंधवानी विधायक उमंग सिंघार के अलावा राजपुर विधायक बाला बच्चन, कुक्षी विधायक हनी बघेल और सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल के नाम मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पूर्व मंत्री सचिन यादव, विधायक झूमा सोलंकी, केदार डावर, हीरालाल और मोंटू सोलंकी को भी आरोपी बनाया गया है। स्थानीय पदाधिकारियों में जिला कांग्रेस अध्यक्ष स्वतंत्र जोशी और विधानसभा प्रभारी अंतिम ढोली समेत कई अन्य कार्यकर्ताओं पर भी भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है।

तकनीकी सबूतों और सीसीटीवी फुटेज से होगी अन्य की पहचान

पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई गैर-कानूनी रूप से इकट्ठा होने और सार्वजनिक मार्ग में बाधा डालने के आरोपों में की गई है। पुलिस अब मौके के वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो के आधार पर सड़क जाम करने वाले अन्य प्रदर्शनकारियों की पहचान की जा रही है, जिसके बाद आगामी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का पलटवार: “सरकार किसानों से डर गई है”

मुकदमा दर्ज होने के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया और बयानों के जरिए कहा कि भाजपा सरकार पुलिसिया कार्रवाई का डर दिखाकर किसानों की आवाज को दबाना चाहती है। सिंघार ने सवाल किया कि क्या किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), फसल बीमा, खाद और बिजली की मांग करना कोई अपराध है? उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार समाधान खोजने के बजाय एफआईआर का सहारा ले रही है, लेकिन कांग्रेस किसानों के अधिकारों के लिए अपना संघर्ष और आंदोलन जारी रखेगी।

ये भी पढ़े : असम में 12 मई को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह, पीएम मोदी समेत बीजेपी के बड़े नेता और सीएम होंगे शामिल

ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें

Leave a Reply