शुभेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल : नतीजे आने के 48 घंटे के भीतर शुभेंदु अधिकारी के पीए को सरेआम मारी गोली

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पश्चिम बंगाल : नतीजे आने के 48 घंटे के भीतर  शुभेंदु अधिकारी के पीए को सरेआम मारी गोली

एजेंसी, कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना के एक दिन बाद पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के कुछ हिस्सों में बृहस्पतिवार सुबह तनाव व्याप्त हो गया जिसे देखते हुए पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है। घटना के बाद भाजपा समर्थकों ने हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जिसके मद्देनजर मध्यमग्राम, दोहरिया और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। हालांकि, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। पश्चिम बंगाल पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ”हम संवेदनशील इलाकों में कड़ी निगरानी रख रहे हैं और अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।” अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात उत्तर 24 परगना जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई।

भाजपा ने इसे ”लक्षित हत्या” करार दिया है। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के 48 घंटे के भीतर हुई इस चौंकाने वाली घटना में अधिकारी के निजी सहायक रथ की बुधवार रात मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं और इलाके में तनाव बढ़ गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने रात करीब साढ़े 10 बजे मध्यमग्राम के डोलतला के पास रथ के वाहन को रोका और नजदीक से गोली मारकर फरार हो गए। एक स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता ने कहा, ”हम हत्यारों की गिरफ्तारी चाहते हैं। विपक्ष के नेता से जुड़े वाहन में यात्रा कर रहे रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह सुनियोजित हत्या के अलावा कुछ नहीं है। लोग डरे हुए हैं।” पार्टी के एक अन्य समर्थक ने आरोप लगाया कि ”अपराधी बेखौफ होकर काम कर रहे हैं” और उन्होंने केंद्रीय एजेंसी से जांच कराए जाने की मांग की।

5 साल से थे शुभेंदु अधिकारी के करीबी

बताया जा रहा है कि मृतक चंद्रनाथ रथ पिछले 5 वर्षों से शुभेंदु अधिकारी के साथ जुड़े हुए थे और उनके बेहद करीबी माने जाते थे. हाल ही में हुए चुनावों में भी वह प्रचार अभियान से जुड़े अहम जिम्मेदारियां संभाल रहे थे.

राजनीतिक एंगल से भी जांच

चंद्रनाथ रथ की हत्या को राजनीतिक एंगल से भी जोड़कर देखा जा रहा है. उनके करीबी संबंध और चुनावी सक्रियता को देखते हुए इस घटना ने  सियासी हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है.

पुलिस जांच में जुटी, सीसीटीवी खंगाले जा रहे

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है. इलाके में नाकेबंदी कर दी गई है और हमलावरों की तलाश जारी है. पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके.

चलिए जानते हैं कि कैसे हुई हत्या?

दरअसल, बंगाल के मध्यग्राम इलाके में चंद्रनाथ को गोली मारी गई है. वह स्कॉर्पियो से अपने घर लौट रहे थे. तभी रास्ते में बाइक सवार हमलावरों ने उन पर गोलियां बरसा दीं. गोली लगने के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें पास के डायवर्सिटी नर्सिंग होम ले जाया गया, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. हत्या का आरोप टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगाया गया है. वारदात की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालने में जुट गई है और हमलावरों की तलाश जारी है.

वारदात की कहानी चश्मदीद की जुबानी

सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या की पूरी कहानी सामने आ गई है. एक चश्मदीद ने वारदात की पूरी कहानी बताई है. एजेंसी चश्मदीद को स्पॉट पर ले कर पहुंचा और उसने जो पूरी कहानी बताइए, वो जानिए. चश्मदीद के मुताबिक, ‘जब मैं घर से बाहर निकला तो देखा कि एक स्कॉर्पियो गाड़ी खड़ी थी. उसके अंदर ड्राइवर रो रहा था और कह रहा था, “सर, यह क्या हो गया!’. जब हम लोग वहां पहुंचे, तो उसने बताया कि कुछ लोग गोली मार कर भाग गए हैं. हमने देखा कि दूसरी सीट पर एक व्यक्ति लहूलुहान अवस्था में था और उसके मुंह से बस हल्की आवाज़ निकल रही थी. उस वक्त वह (सुवेंदु के पीए) जीवित थे, लेकिन कुछ बोल पाने की स्थिति में नहीं थे.’

गाड़ी के अंदर का मंजर

चश्मदीद ने आगे बताया कि चंद्रनाथ रथ का सीना पूरी तरह खून से लथपथ था. हमने ड्राइवर से कहा कि आप इन्हें तुरंत अस्पताल ले जाओ और हम पुलिस को फोन करते हैं. घटना में दो लोगों को गोली लगी थी. ड्राइवर उन्हें लेकर अस्पताल के लिए रवाना हो गया. उनके जाने के बाद हमने पुलिस को फोन कर घटना की सूचना दी. दो लोगों को गोली लगी थी और ड्राइवर रो रहा था जब हम पहुंचे थे.

चंद्रनाथ को किसने मारा और कैसे?

प्रारंभिक जांच और चश्मदीदों की बात से पता चला है कि सुवेंदु के पीए पर हमला पूरी तरह से योजनाबद्ध था. सूत्रों के अनुसार, कम से कम आठ हमलावर चार मोटरसाइकिलों पर आए थे और सभी ने हेलमेट पहन रखा था.

चंद्रनाथ रथ की हत्या: फायरिंग से पहले की घटनाओं की टाइमलाइन

सुवेंदु के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या में जांचकर्ता एक कार की भूमिका भी देख रहे है.
शक है कि एक कार भी इस हत्या में शामिल था.
सिलिगुड़ी का रजिस्ट्रेशन कोड (WB 74) था.
इस कार ने कथित तौर पर फायरिंग से ठीक पहले चंद्रनाथ रथ की गाड़ी को रोका.
जैसे ही रथ की कार को ब्लॉक किया गया, मोटरसाइकिल पर आए हमलावरों ने फायरिंग की और मौके से फरार हो गए.

पुलिस ने क्या कहा

पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता ने कहा कि जांचकर्ताओं को शक है कि हमले में इस्तेमाल की गई कार में फर्जी नंबर प्लेट लगी थी. पुलिस उस वाहन की जांच कर रही है और उसकी मूवमेंट ट्रेस कर रही है ताकि चंद्रनाथ रथ की हत्या में शामिल लोगों की पहचान की जा सके.

कौन थे सुवेंदु के पीए चंद्रनाथ रथ

पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए यानी एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट थे चंद्रनाथ रथ. उनकी 6 मई 2026 को उत्तरी 24 परगना के मध्यमग्राम में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी. यह घटना जेसोर रोड पर दोहरिया के पास उस समय हुई, जब रथ कोलकाता से अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने बेहद करीब से उनकी कार पर कई गोलियां चलाईं. वह काफी समय से सुवेंदु के लिए काम कर रहे थे. कहा जाता है कि भवानीपुर में सुवेंदु की जीत में उनकी बड़ी भूमिका है. उनके सिर पर ही सुवेंदु के लिए भवानीपुर में चुनावी काम-काज की कमान थी. वह एयरफोर्स में भी काम कर चुके थे.

4 मई के नतीजे के बाद हिंसा जारी

गौरतलब है कि 4 मई को बंगाल चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद से राज्य में हिंसा की कई घटनाएं सामने आ रही है. इस दौरान कई लोगों पर जानलेवा हमले हुए हैं. हिंसा की घटनाओं के बीच बुधवार को ही सुवेंदु अधिकारी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व अभी भी सक्रिय हैं. भाजपा की सरकार बनने के बाद, पार्टी से जुड़ाव या बिना किसी भेदभाव के सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई भाजपा नेता या कार्यकर्ता हिंसा भड़काते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.

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