ईवीएम स्ट्रांगरूम

बंगाल में मतगणना से पहले ईवीएम स्ट्रांगरूम की निगरानी, भीड़ पर रोक

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बंगाल में मतगणना से पहले ईवीएम स्ट्रांगरूम की निगरानी, भीड़ पर रोक

एजेंसी, कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतगणना से पूर्व पुलिस सुरक्षा के इंतजाम में जुटी हुई है। जिन सात इलाकों में मतगणना होने वाली है, वहां पर लोगों के जुटने पर रोक लगा दी गई है। यह पिछली रात हुई घटना के बाद हुआ है। असल में टीएमसी ने आरोप लगाया है कि दो मतगणना केंद्रों पर संदिग्ध गतिविधियां देखी गई हैं। बता दें कि पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव आयुक्त मनोज कुमार अग्रवाल पहले ही टीएमसी के आरोपों को खारिज कर चुके हैं। फिलहाल पुलिस ने शहीद खुदीराम बोस रोड, जजेज कोर्ट रोड, जादवपुर, डायमंड हार्बर रोड, लॉर्ड सिन्हा हॉल, नरेश मित्रा सरणी, बेल्टाला रोड और प्रमथेश बरुआ सरणी इलाकों में पाबंदी लगाई है।

कहां हुआ टीएमसी-बीजेपी कार्यकर्ताओं में झगड़ा
बता दें कि बीती रात कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम स्थित काउंटिंग सेंटर के बाहर भाजपा और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच झगड़ा हो गया था। तृणमूल उम्मीदवार कुणाल घोष और शशि पांजा ने मतगणना केंद्र के गेट के बाहर धरना दिया। इसी दौरान हल्की सी झड़प भी हुई। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता और बेलियाघाट सीट से उम्मीदवार कुणाल घोष ने कहाकि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के निर्देश पर कार्यकर्ता और उम्मीदवार उन मतगणना केंद्रों की निगरानी कर रहे हैं, जहां ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम में रखे गए हैं। निर्वतमान सरकार में मंत्री शशि पांजा बृहस्पतिवार शाम को मतगणना केंद्र पर धरना देने के बाद सुबह खुदीराम अनुशीलन केंद्र पहुंचीं। उन्होंने कहाकि पारदर्शिता होनी चाहिए। घोष ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने उस कमरे में कुछ हलचल देखी थी, जिसमें कथित तौर पर डाक मतपत्र रखे गए हैं, लेकिन शुक्रवार की सुबह ऐसी कोई हलचल नहीं थी।

ममता बनर्जी को धांधली की आशंका
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शखावत मेमोरियल काउंटिंग सेंटर के करीब स्ट्रांग रूम के करीब पहुंची थीं। ममता बनर्जी ने अपने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र के ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ पर घंटों बिताया था और धांधली की आशंका जताई थी। बनर्जी भवानीपुर स्थित ईवीएम ‘स्ट्रांग रूम’ में लगभग चार घंटे बिताने के बाद बृहस्पतिवार देर रात वहां से गईं। उन्होंने मतगणना प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ के प्रयास के खिलाफ चेतावनी दी और संभावित अनियमितताओं का आरोप लगाया।

क्या बोले मुख्य निर्वाचन अधिकारी
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल ने कहाकि मतगणना केंद्रों पर किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है और ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ की 24 घंटे सीसीटीवी के जरिए निगरानी की जा रही है। अग्रवाल ने संवाददाताओं से कहाकि इंतजाम के मद्देनजर किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने यह भी कहाकि आरोप लगाने के लिए ठोस कारण और सबूत होना चाहिए और शिकायतें निराधार हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उत्तरी और पूर्वी कोलकाता की कई विधानसभा सीट के लिए प्रस्तावित मतगणना स्थल खुदीराम अनुशीलन केंद्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, जहां ईवीएम के ‘स्ट्रांग रूम’ (वह स्थान जहां मतदान के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन रखी जाती है) भी स्थित हैं।

अधिकारियों ने क्या कहा
कोलकाता के संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) रूपेश कुमार ने इलाके का दौरा करने के बाद संवाददाताओं से कहाकि एक अतिरिक्त आयुक्त और एक पुलिस उपायुक्त की देखरेख में अतिरिक्त सीएपीएफ और सशस्त्र पुलिस बलों को भी तैनात किया गया है। कुणाल घोष ने शाम के समय डाक मतपत्रों के एक हिस्से को लाए जाने पर अनधिकृत गतिविधि होने की आशंका जताते हुए कहाकि पार्टी के मतदान एजेंट और उम्मीदवारों को इस संबंध में सतर्क कर दिया गया है। एक अधिकारी ने यहां बताया कि सुरक्षा बल कोलकाता और अन्य जिलों में मतगणना केंद्रों के अंदर और आसपास कड़ी निगरानी रख रहे थे, जहां पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में इस्तेमाल की गई ईवीएम मशीनें रखी हुई हैं।

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