एजेंसी, कोटपूतली-बहरोड़। Neemrana Fire News : राजस्थान के नीमराना इलाके में शुक्रवार की शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा पेश आया। मोहलाड़िया गांव के पास एक कबाड़ गोदाम में अचानक भड़की आग ने विकराल रूप ले लिया, जिसमें चार लोग जिंदा जल गए। जान गंवाने वालों में एक सात साल की बच्ची और तीन श्रमिक शामिल हैं। देर रात सभी के अवशेषों को नीमराना के अस्पताल ले जाया गया।
#WATCH | Kotputli, Rajasthan: A fire broke out in a scrap warehouse last evening in Neemrana. Four people died in the incident, including two labourers and two girls: SP Satveer Singh
(Visuals from the spot) pic.twitter.com/K1eDkW3Lu4
— ANI (@ANI) April 25, 2026
केमिकल और ज्वलनशील सामान ने भड़काई आग
बताया जा रहा है कि गोदाम में भारी मात्रा में परफ्यूम की पुरानी बोतलें और अन्य रद्दी सामान रखा था। इनमें मौजूद केमिकल के कारण आग बहुत तेजी से फैली और पास ही स्थित प्लास्टिक दाना बनाने वाली फैक्ट्री को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने के बाद फैक्ट्री के अंदर से धमाकों की आवाजें भी सुनाई दीं, जिससे आसपास के लोगों में डर फैल गया।
मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत
हादसा उस वक्त और ज्यादा दुखद हो गया जब पता चला कि वहां काम करने वाले मजदूरों के बच्चे परिसर में ही खेल रहे थे। अचानक आग भड़कने से मची अफरा-तफरी के बीच एक सात वर्षीय बच्ची लपटों से घिर गई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है।
गेट पर फंसे ट्रक के कारण नहीं मिली निकलने की जगह
चश्मदीदों के अनुसार, जैसे ही आग लगी, वहां मौजूद श्रमिक जान बचाने के लिए मुख्य द्वार की तरफ दौड़े। लेकिन बदकिस्मती से वहां एक ट्रक फंसा हुआ था, जिसने बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया था। ट्रक का ड्राइवर मौके से भाग निकला। मजदूरों ने फैक्ट्री की ऊंची दीवारें फांदकर निकलने की कोशिश भी की, लेकिन ऊंचाई अधिक होने के कारण वे सफल नहीं हो सके और आग की भेंट चढ़ गए।
दमकल विभाग और प्रशासन की कार्रवाई
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के आला अधिकारी, एसडीआरएफ और एफएसएल की टीमें मौके पर पहुंचीं। नीमराना और आसपास के फायर स्टेशनों से आई 6 दमकल गाड़ियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। कलेक्टर और एसपी ने रात भर घटनास्थल पर मौजूद रहकर राहत कार्यों का जायजा लिया।
पहचान के लिए होगा डीएनए टेस्ट
मृतकों के शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी शिनाख्त करना नामुमकिन हो गया है। प्रशासन ने पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए जांच कराने का फैसला लिया है। अभी यह भी पूरी तरह साफ नहीं है कि घटना के समय अंदर कुल कितने लोग मौजूद थे, इसलिए मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी आई सामने
शुरुआती पड़ताल में यह बात सामने आई है कि गोदाम और फैक्ट्री में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। सुरक्षा मानकों की इस भारी लापरवाही की वजह से ही आग ने इतना खौफनाक रूप लिया। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।
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