एजेंसी, इंफाल। Manipur Violence Update : मणिपुर में रविवार की रात एक बार फिर अशांति का माहौल रहा, जहाँ विभिन्न जिलों में निकाली गई मशाल रैलियों के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट और कक्चिंग जिले में स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब सुरक्षा बलों ने रैलियों को रोकने का प्रयास किया। कक्चिंग में हालात इतने बिगड़ गए कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले, स्मोक बम और स्टन ग्रेनेड का सहारा लेना पड़ा। इस टकराव में पथराव के कारण कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।
#WATCH | Kakching, Manipur | Security personnel used tear gas to disperse the protestors seeking justice for the Tronglaobi incident after the situation turned tense in Kakching Bazar.
Two children were killed, and their mother was injured when a bomb was hurled by suspected… pic.twitter.com/7a2Sb48X8Z
— ANI (@ANI) April 20, 2026
बच्चों की मौत के विरोध में प्रदर्शन और आरएफ तैनात
यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से 6 अप्रैल को ट्रोंग्लाओबी आवांग लेइकाई में हुए एक बम धमाके के खिलाफ आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें दो मासूम बच्चों की जान चली गई थी। पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की है। इंफाल के कई इलाकों में शटडाउन जैसी स्थिति बनी हुई है और भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद लोग सड़कों पर उतर रहे हैं।
रैलियों की आड़ में सुरक्षा बलों पर हमले का आरोप
इंफाल वेस्ट के पुलिस अधीक्षक शिवकांत सिंह ने बताया कि शांतिपूर्ण रैलियों की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व सुरक्षा बलों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इन हमलों में लोहे के प्रोजेक्टाइल, गुलेल, पत्थर और पेट्रोल बम का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि कई प्रदर्शनकारी नशे की हालत में पाए गए हैं, जो कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हिंसा में शामिल तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सगोलबंद हिंसा मामले में बड़ी कार्रवाई और गिरफ्तारियां
पुलिस ने 18 अप्रैल को सगोलबंद के पास हुई हिंसा के सिलसिले में अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। उस दिन निकाली गई मशाल रैली के दौरान भीड़ ने सुरक्षाकर्मियों पर पेट्रोल बम और पत्थरों से हमला किया था, जिसमें सीआरपीएफ के तीन जवान गंभीर रूप से घायल हुए थे। गिरफ्तार किए गए लोग इंफाल के अलग-अलग इलाकों जैसे सगोलबंद, उरिपोक और थांगमेइबंद के रहने वाले हैं। इस हिंसा में कई सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुँचाया गया था, जिसके बाद पुलिस ने चिन्हित स्थानों पर छापेमारी कर इन आरोपियों को हिरासत में लिया है।
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