अनिल अंबानी

अनिल अंबानी को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं : बैंकों की ‘फर्जी’ खाता घोषित करने वाली कार्यवाही रहेगी जारी

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। उद्योगपति अनिल अंबानी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी उन याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिनमें बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट ने तीन सरकारी बैंकों को अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के खातों को ‘फर्जी’ (फ्रॉड) घोषित करने की प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दी थी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब बैंकों द्वारा शुरू की गई यह दंडात्मक कार्यवाही रुकने वाली नहीं है।

अदालत का फैसला और कानूनी कार्यवाही

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की खंडपीठ ने यह आदेश सुनाया। हालांकि, अदालत ने अनिल अंबानी को यह विकल्प दिया है कि वे बैंकों द्वारा जारी ‘कारण बताओ नोटिस’ के खिलाफ हाई कोर्ट की एकल पीठ के सामने अपनी दलीलें जारी रख सकते हैं। शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह इस मामले पर जल्द से जल्द फैसला ले।

क्या है पूरा विवाद?

यह मामला इंडियन ओवरसीज बैंक, आईडीबीआई बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा से जुड़ा है। इन बैंकों ने ऑडिट कंपनी ‘बीडीओ इंडिया एलएलपी’ की रिपोर्ट के आधार पर अनिल अंबानी की कंपनी के खातों को ‘फर्जी’ घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की थी। इससे पहले हाई कोर्ट की एक एकल पीठ ने इस कार्यवाही पर रोक लगा दी थी, लेकिन बाद में खंडपीठ ने उस रोक को हटा दिया। खंडपीठ का मानना था कि बैंकों को अपनी जांच और कार्यवाही आगे बढ़ाने का पूरा अधिकार है।

फॉरेंसिक ऑडिट पर उठे सवाल

अनिल अंबानी की ओर से दलील दी गई थी कि बैंकों की यह कार्यवाही कानूनी रूप से गलत ‘फॉरेंसिक ऑडिट’ पर आधारित है और यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों का उल्लंघन करती है। दिसंबर 2025 में इस मामले में आए अंतरिम आदेश के बाद से ही कानूनी लड़ाई जारी है। अब सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद बैंकों का पलड़ा भारी नजर आ रहा है, क्योंकि उन्हें फिलहाल अपनी जांच जारी रखने से नहीं रोका गया है।

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